बिहार के भोजपुर में भरत भूषण तिवारी नामक युवक के एनकाउंटर का मामला सीएम सम्राट चौधरी के लिए बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है. 17 जून को इस एनकाउंटर को अंजाम दिया गया था, जिसके बाद इलाज के दौरान भरत की मौत हो गई. पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप है. वहीं पुलिस का दावा है कि उन्होंने आत्मरक्षा में ये कदम उठाया.
इन सबके बीच भरत की अंतिम यात्रा का बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें एक अर्थी लिए हुए कुछ लोग नजर आ रहे हैं और उनके पीछे सैंकड़ों लोगों की भीड़ भी दिख रही है.
एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “भरत तिवारी की अंतिम यात्रा में जुटी ये भीड़ ही बता रही है कि उसका एनकाउंटर लोगों को कितना गलत लगा.” इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो राजस्थान के पाली जिले का है, और गोविंद सेन नाम के एक स्थानीय पत्रकार की अंतिम यात्रा का है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये “Nimaj_vala” नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला. यहां इसे 10 मार्च को पोस्ट किया गया था. इतनी बात तो यहीं साफ हो गई कि ये वीडियो पुराना है, और भरत तिवारी मामले से संबंधित नहीं हो सकता है.
इस अकाउंट पर संपर्क करने से हमारी बात हनुमान गहलोत से हुई. हनुमान इस अकाउंट को चलाते हैं. उन्होंने वायरल दावों को खारिज करते हुए बताया कि ये वीडियो राजस्थान के पाली जिले के निमाज कस्बे का है, और स्थानीय पत्रकार गोविंद सेन की अंतिम यात्रा का है. उन्होंने बताया कि ये वीडियो उन्होंने खुद रिकार्ड किया था.
हनुमान गहलोत ने पत्रकार गोविंद की अंतिम यात्रा के और भी कई वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किए थे. गोविंद, ‘जानकारी टीवी’, से जुड़े थे और क्षेत्रीय मुद्दों को लगातार कवर करते थे. साफ है कि इस वीडियो को बिहार के भरत तिवारी मामले से जोड़कर झूठ फैलाया जा रहा है.
इसके अलावा, भरत तिवारी की अंतिम यात्रा का बताकर एक और वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में किसी ग्रामीण इलाके में भारी संख्या में जमा हुए लोग नजर आ रहे हैं. वीडियो के साथ एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “श्मशान घाट की भीड़ बता देती है कि इंसान ने क्या कमाया. भरत तिवारी की ह*"त्या हुई है वो भी भ्रष्ट नेताओं के इशारे पर.”
लेकिन वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये 4 जून के एक इंस्टाग्राम पोस्ट में मिला. ध्यान देने वाली बात ये है कि भरत तिवारी का एनकाउंटर 17 जून को हुआ था, और ये वीडियो 4 जून से ही इंटरनेट पर मौजूद है. यानि साफ है कि ये वीडियो भरत तिवारी मामले से संबंधित नहीं हो सकता है.
भोजपुर एनकाउंटर के बाद उनके गांव के लोग बेहद गुस्से में थे. परिजनों और ग्रामीणों ने भरत का शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया. देखते-ही-देखते इस मामले में काफी तूल पकड़ लिया. सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर इस एनकाउंटर की चर्चा है. नतीजा ये हुआ कि इस मामले में अब न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.