बीजेपी ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लोगों तक पहुंचाने के लिए जनजागरण अभियान चलाया है, लेकिन क्या अब बीजेपी की ही छात्र संघ इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) इस कानून के विरोध में खड़ी हो गई है? सोशल मीडिया पर एक वायरल तस्वीर के जरिए कुछ इसी तरह का दावा किया जा रहा है.
तस्वीर में एबीवीपी का झंडा लिए हुए कुछ लोगों को CAA और एनआरसी विरोधी बैनर के साथ देखा जा सकता है. बैनर पर "मोदी गो बैक" और "अमित शाह गो बैक" के नारे भी लिखे नजर आ रहे हैं.
ABVP members in Assam protesting against NRC, CAB and CAA. The nation is changing. 2020.
— Hum dekhenge (@hum_dekh)
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह तस्वीर फर्जी है. असली तस्वीर में एबीवीपी के कार्यकर्ता नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में बैनर लिए हुए हैं.

ABVP members in Assam protesting against NRC, NPR and CAA.
The nation is changing!
— Akhilesh Yadav ( Parody ) (@yadavakhilesh_3)तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें की एक खबर मिली जिसमें असली तस्वीर मौजूद थी.
खबर के मुताबिक यह तस्वीर 18 दिसंबर 2019 की है, जब अहमदाबाद में एबीवीपी के 500 से भी ज्यादा कार्यकर्ता CAA का समर्थन करने के लिए इकट्ठा हुए थे. एबीवीपी ने यह प्रदर्शन CAA के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए किया था. एबीवीपी की प्रेस रिलीज के मुताबिक इस तरह के प्रदर्शन एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने देश में कई जगह पर किए थे.