
राजस्थान के श्रीगंगानगर में नाबालिग बच्ची से रेप के मामले में पुलिस ने अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले से जोड़कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक पुलिसकर्मी एक आदमी को सड़क पर डंडे से बुरी तरह पीटता हुआ दिखाई दे रहा है. इस दौरान वो आदमी चिल्ला-चिल्लाकर माफी की गुहार लगाता भी नजर आ रहा है. आसपास लोगों की भीड़ भी जमा है.
वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि पुलिस जिस व्यक्ति को पीट रही है, वो वही रिक्शा ड्राइवर है, जिस पर आरोप है कि उसने बच्ची को अगवा किया था. वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, 'यही वो सुअर नस्ल ऑटो ड्राइवर है, जिसने उस तेरह साल की मासूम को होटल मालिकों को कुछ पैसों के लालच में बेच दिया था, और उस मासूम को एक नहीं, दो नहीं, पूरे 5 दिन तक 32 भेड़ियों ने नोचा.'

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो न तो राजस्थान का है और न ही श्रीगंगानगर मामले से इसका कोई लेना-देना है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये 'जनता दस्तक' नाम के एक इंस्टाग्राम पेज पर मिला. यहां इसे 13 जून को पोस्ट किया गया था.

इससे एक बात यहीं साफ हो जाती है कि ये वीडियो पुराना है, और श्रीगंगानगर की घटना से संबंधित नहीं हो सकता है. 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को इस मामले की जानकारी पहली बार 22 जून को मिली थी.
इस इंस्टाग्राम पोस्ट के मराठी कैप्शन के मुताबिक, ये वीडियो महाराष्ट्र का है, जहां कल्याण-ईस्ट में गाड़ी को लेकर हुए एक विवाद में दो गुटों के बीच सरेआम फायरिंग हो गई थी, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. पोस्ट के मुताबिक, मौके पर पहुंचे डीसीपी अतुल जेंडे ने संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की. ये वीडियो इसी कार्रवाई का है. वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोग उन्हें 'कल्याण का सिंघम' बोलने लगे.
इस घटना पर दैनिक भास्कर मराठी और 'लोकसत्ता' समेत तमाम न्यूज आउटलेट्स ने खबरें छापी थीं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 जून की रात करीब 11 बजे कल्याण-ईस्ट के आत्माराम नगर इलाके में एक गाड़ी को हुए नुकसान को लेकर दो गुटों के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते-ही-देखते हिंसक झड़प में बदल गई. मामला इतना बढ़ा कि फायरिंग तक हो गई. इस दौरान वहां मौजूद राहुल वर्मा नाम के शख्स को गोली लग गई, जिससे उन्हें गंभीर चोट पहुंची. इसके बाद उन्हें तुरंत एक नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की सूचना मिलते ही कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की.
डीसीपी अतुल जेंडे खुद घटनास्थल पर पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं, जबकि बाकी की तलाश जारी है. न्यूज एजेंसी IANS के एक्स पोस्ट में भी इस मामले पर डीसीपी अतुल जेंडे का बयान देखा जा सकता है.
साफ है कि महाराष्ट्र के वीडियो को श्रीगंगानगर मामले से जोड़कर झूठ फैलाया जा रहा है.