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भीषण लैंडस्लाइड से लोनावला जाने वाला रूट ठप, ट्रेन की पटरी से मलबा हटाने में जुटे 1100 कर्मचारी

मध्य रेलवे के लोनावला-कर्जत घाट सेक्शन में 6 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ. इससे रेल पटरियों पर मलबा जमा हो गया और ट्रेन सेवाएं बाधित हो गईं. रेलवे ने बहाली के लिए 1100 से ज्यादा कर्मचारियों को तैनात किया है जो भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने और ट्रैक की मरम्मत में लगे हैं.

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मौके पर 1100 से ज्यादा कर्मचारी बहाली कार्य में लगे हैं. (Photo- ITG)
मौके पर 1100 से ज्यादा कर्मचारी बहाली कार्य में लगे हैं. (Photo- ITG)

मध्य रेलवे के लोनावला-कर्जत घाट सेक्शन में भारी बारिश के बाद बड़ी रेल दुर्घटना टल गई, लेकिन यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. 6 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश की वजह से इस रूट पर कई जगहों पर भूस्खलन हो गया था. इससे रेल पटरियों पर भारी मलबा जमा हो गया और ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं. 

मध्य रेलवे ने स्थिति को संभालने के लिए बहाली का काम शुरू कर दिया है. रेलवे प्रशासन की काफी कोशिशों के बाद 7 जुलाई को रात 10:30 बजे एक रेल लाइन को दोबारा बहाल कर दिया गया. इस लाइन के शुरू होने के बाद 7 जुलाई की '11013 एलटीटी-कोयंबटूर एक्सप्रेस' को 8 जुलाई की सुबह 00:45 बजे रवाना किया गया. 

इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन की रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई थी. इसके बाद '11041 दादर-साईंनगर शिर्डी एक्सप्रेस' को भी रात 01:57 बजे ट्रैक पर चलाया गया. वहीं, '12702 हैदराबाद-सीएसएमटी हुसैनसागर एक्सप्रेस' को 8 जुलाई की सुबह 05:09 बजे आगे के लिए रवाना किया गया.

(Photo- ITGD)

भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच 1100 से कर्मचारी तैनात

घाट सेक्शन में मौसम लगातार खराब बना हुआ है. बाकी बची दो लाइनों को बहाल करने का काम अभी भी तेजी से जारी है. मध्य रेलवे के 1100 से ज्यादा कर्मचारी और अधिकारी भारी बारिश, बेहद कम विजिबिलिटी और तेज हवाओं के बीच दिन-रात काम में जुटे हैं. इस पहाड़ी इलाके में मूसलाधार बारिश के बीच काम करना बेहद चुनौती भरा साबित हो रहा है.

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कर्मचारियों की सुरक्षा और सहूलियत का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है. साइट पर काम कर रहे लोगों को रेनकोट, गमबूट और दूसरे जरूरी सुरक्षा टूल्स दिए गए हैं. उनके रहने के लिए खास टेंट लगाए गए हैं. इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए समय पर चाय-नाश्ता, दोपहर और रात के खाने का इंतजाम किया गया है. मजदूरों को दुर्घटना स्थल तक सुरक्षित लाने और ले जाने के लिए लेबर स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं.

(Photo- ITGD)

मलबा हटाने के लिए उतारी गईं भारी मशीनें

ट्रैक से मलबा और भारी पत्थरों को जल्द से जल्द हटाने के लिए रेलवे ने मौके पर बड़ी और एडवांस मशीनें तैनात की हैं. 
ट्रैक की लेवलिंग और अलाइनमेंट को ठीक करने के लिए 1 यूनिमैट मशीन और ट्रैक ज्योमेट्री सुधारने के लिए 1 ड्यूओमैटिक मशीन काम कर रही है. मलबे और बड़े पत्थरों को हटाने के लिए 8 पोकलैंड मशीनें और 12 जेसीबी (JCB) लगातार खुदाई के काम में लगी हैं. इसके साथ ही बोल्डर स्पेशल ट्रेन और बैलास्ट रेक की मदद भी ली जा रही है.

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यात्रियों से सहयोग की अपील

6 जुलाई को हुए इस भूस्खलन के कारण कई ट्रेनों को रद्द, शॉर्ट टर्मिनेट, शॉर्ट ओरिजिनेट, डायवर्ट और रिशेड्यूल करना पड़ा है. मध्य रेलवे के सीनियर अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर पूरे काम की निगरानी कर रहे हैं. 

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रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वो ट्रेनों की ताजा और सही जानकारी के लिए रेलवे हेल्पलाइन या NTES ऐप का इस्तेमाल करें. सोशल मीडिया पर भी लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं. रेलवे ने इस आपदा के कारण यात्रियों को हुई असुविधा के लिए अफसोस जताते हुए सहयोग की मांग की है.

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