
राहुल गांधी ने 13 जुलाई को दिल्ली में आयोजित 'रचनात्मक कांग्रेस कन्वेंशन' के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करते हुए कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया और पीएम की विदेश नीति पर तंज कसा. इसके बाद मंच पर मौजूद संदीप दीक्षित ने मजाक उड़ाते हुए कहा- "मेलोनी समझ कर तो नहीं पकड़ा था?" मोदी की आलोचना के इस तरीके को कई बीजेपी नेताओं ने अपमानजनक बताया है और इसकी निंदा की है.
इसी संदर्भ में नई दिल्ली स्थित इटली के दूतावास के नाम से एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लेटर में इस बयान पर आपत्ति जताई गई है. साथ ही, ये भी लिखा है कि इटली की पीएम का अपमान स्वीकार्य नहीं है. एक व्यक्ति ने ये लेटर एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “दिल्ली स्थित इटली के दूतावास ने राहुल गांधी ने जो अपने स्टेज पर मेलोनी पर घटिया और अभद्र टिप्पणी किया उस पर कड़ी आपत्ति और नाराजगी जताई.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये लेटर फर्जी है. इटली के दूतावास ने ऐसा कोई बयान नहीं जारी किया है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
इटली के दूतावास ने अगर वाकई ऐसा कोई बयान जारी किया होता तो ये एक बड़ी खबर होती और तमाम मीडिया संस्थानों ने इस पर खबरें छापी होतीं. लेकिन हमें ऐसी कोई भी विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली. इस लेटर को 'इटली इन इंडिया' नाम के एक एक्स अकाउंट ने सबसे पहले शेयर किया था. लेकिन ये इटली के दूतावास के नाम पर बना एक सटायर अकाउंट है. इस अकाउंट का हैंडल '@AINga5f' है जबकि इटली दूतावास के असली एक्स अकाउंट का हैंडल '@ItalyinIndia' है.

आजतक ने इटली के दूतावास से भी संपर्क किया. उन्होंने पुष्टि की कि जिस एक्स अकाउंट ने लेटर को शेयर किया था, वो उनका नहीं है और लेटर भी फर्जी है. उन्होंने ऐसा कोई लेटर जारी नहीं किया.
हमने इटली दूतावास के फेसबुक अकाउंट और उनकी आधिकारिक वेबसाइट को भी चेक किया, लेकिन हमें ऐसा कोई लेटर या प्रेस रिलीज नहीं मिली. दूतावास के एक्स हैंडल पर आखिरी पोस्ट 6 अगस्त की है जिसमें डिप्टी चीफ ऑफ मिशन ऑरोरा रूसी के ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में इटली और भारत की बढ़ती साझेदारी पर दिए गए लेक्चर की बात की गई है. साफ है, वायरल लेटर फर्जी है.