दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग ढहने से हुए हादसे में 7 सितंबर को कम से कम 7 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है. घायलों का इलाज जारी है. अब इस घटना का बताकर सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो वायरल हो गए हैं, जिनमें बिल्डिंग गिरती हुई दिख रही है. लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इनमें से कई वीडियो का दिल्ली हादसे से कोई लेना-देना नहीं है.
हम इस खबर में चार ऐसे ही वीडियो की बात करेंगे.
दिल्ली नहीं, मुरादाबाद का है ये वीडियो
इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक इमारत चंद सेकेंड्स में भरभराकर गिर जाती है. इसे इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा “दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमरात ढही.” वहीं एक अन्य ने लिखा, “आखिर तक देखो, कैसे दिल्ली में ताश के पत्तों की तरह ढह गई पूरी बिल्डिंग!”
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें आजतक समेत तमाम न्यूज आउटलेट्स की रिपोर्ट्स मिलीं, जिनके मुताबिक बिल्डिंग ढह जाने का ये वीडियो उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का है. न्यूज 24 के एक्स पोस्ट में भी ये वीडियो देखा जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के वक्त इमारत में कोई नहीं था.
दैनिक भास्कर की 5 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक मुरादाबाद में बारिश के बीच 5 सितंबर को मुगलपुरा इलाके में ये बिल्डिंग गिर गई. बिल्डिंग की जर्जर स्थिति देखते हुए प्रशासन ने एक दिन पहले ही इसे सील कर दिया था. बिल्डिंग सरफराज अली नाम के शख्स की थी.
2021 का ये वीडियो बेंगलुरु का है 
देखते ही देखते इमारत ढह जाने का ये वीडियो भी सत्य निकेतन हादसे का बताकर वायरल हो रहा है. लेकिन इसके कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये 2021 की तमाम न्यूज रिपोर्ट्स में मिला. रिपोर्ट्स के मुताबिक ये वीडियो बेंगलुरु के लक्कासांद्रा इलाके का है, जहां ये तीन मंजिला इमारत गिर गई थी. टाइम्स ऑफ इंडिया की 27 सितंबर, 2021 की रिपोर्ट में भी इसे देखा जा सकता है.
AI जेनरेटेड हैं ये वीडियो

इस वीडियो पर लिखा है, “6 सितंबर, 2026. दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए काला दिन.”
लेकिन ये वीडियो असली नहीं है. इसमें एक दुकान दिखती है, लेकिन दुकान का नाम अटपटे शब्दों में लिखा हुआ है. रिवर्स सर्च करने पर पता चला कि इसे ‘@sirrixai’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट ने पोस्ट किया था. वीडियो के डिस्क्रिप्शन में साफ बताया गया है कि ये एक AI जेनरेटेड वीडियो है. और इसे सत्य निकेतन हादसे का असली वीडियो न माना जाए. इस अकाउंट पर AI से बने ढेरों वीडियो मौजूद हैं. 
इस दूसरे वीडियो में जब बिल्डिंग गिर रही होती है तो उसके ठीक नीचे मौजूद लोग वहां से भागते नहीं है, और वहीं खड़े रहते हैं. जबकि बिल्डिंग से कुछ दूरी पर कुछ लोग अपने आप ही सड़क पर लेट जाते हैं. AI डिटेक्टर टूल हाइव मॉडरेशन ने भी इस वीडियो के AI से बने होने की 97 फीसदी संभावना बताई है. जाहिर है कि ये वीडियो भी AI से बनाया गया है.
साफ है, पुराने और AI जेनरेटेड वीडियो को दिल्ली में बिल्डिंग गिरने की घटना के संदर्भ में शेयर किया जा रहा है.