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टीवी को डस्टबिन कहने पर रोहित रॉय की सफाई, बोले- गलत मतलब निकाला गया

रोहित रॉय ने टीवी को डस्टबिन मीडियम कहने वाले अपने विवादित बयान पर सफाई दी है. उन्होंने साफ कहा कि उनका इरादा टीवी इंडस्ट्री में काम करने वाले एक्टर्स का अपमान करना नहीं था.

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रोहित रॉय ने टीवी को डस्टबिन कहने वाले बयान पर दी सफाई. (Credit: Instagram/rohitboseroy/primevideo)
रोहित रॉय ने टीवी को डस्टबिन कहने वाले बयान पर दी सफाई. (Credit: Instagram/rohitboseroy/primevideo)

रोहित रॉय टीवी इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर्स में से एक हैं. उन्होंने 'स्वाभिमान', 'बात बन जाए', 'कभी-कभी' और 'देश में निकला होगा चांद' जैसे कई पॉपुलर शो किए हैं. टीवी इंडस्ट्री को डस्टबिन कहकर विवादों में आए रोहित रॉय ने अब अपने बयान पर खुलकर बात की है.

रोहित रॉय ने हाल ही में टीवी इंडस्ट्री को डस्टबिन बताया था, जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था. लेकिन अब उन्होंने इस पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि उनका मकसद टीवी पर काम करने वाले को नीचा दिखाना नहीं था. वह बस टीवी पर प्रसारित होने वाले कंटेट की क्वालिटी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे.

बातों का गलत मतलब निकाला गया..

रोहित रॉय ने सफाई देते हुए कहा, 'मैंने कहा था कि टीवी डस्टबिन मीडियम है. हम सभी जानते हैं कि मैं खुद टीवी की ही देन हूं. अगर टेलीविजन नहीं होता और स्वाभिमान सीरियल नहीं होता, तो मैं आज 30 साल बाद यहां नहीं होता. सबसे पहले मैं कहना चाहता हूं कि कृपया समझिए कि मैं क्या कहना चाहता था. मुझे लगता है कि मुझे डस्टबिन शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि डस्टबिन शब्द सुनकर किसी को भी लग सकता है कि मैंने उसे कचरा कहा है.

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रोहित के मुताबिक उनका निशाना टीवी पर बनने वाली कंटेंट की क्वालिटी पर था, ना कि उस पर काम करने वाले एक्टर्स पर. कुछ एक्टर्स ने उनकी बात को पर्सनली ले लिया और उन्हें बुरा-भला कहने लगे, जो रोहित को अच्छा नहीं लगा.

हालांकि रोहित ने साफ किया कि उन्होंने किसी को भी डस्टबिन नहीं कहा था. उन्होंने टीवी पर काम करने के तरिके पर सावाल उठाए. उन्होंने कहा, 'मैं जो बोलना चाह रहा था वह था कि कई बार एक्टर्स को सुबह स्क्रिप्ट मिलती है, फिर उसे डायलॉग को याद करके 10 से 15 घंटों के अंदर हर हाल में अपने सीन पूरे करने पड़ते हैं चाहे आप का मन हो या नहीं. मैं कंटेंट की बात कर रहा था. कंटेंट डस्टबिन मीडियम है. कई साल पहले फिल्म निर्माता विनीता नंदा और महेश भट्ट साहब ने भी इस तरह की बात की जिक्र किया था.'

 न्यूजपेपर से टीवी की तुलना की 

रोहित रॉय ने बताया कि क्यों उन्होंने टीवी के कंटेंट की तुलना न्यूजपेपर से की. उन्होंने कहा, 'टीवी का कंटेंट न्यूजपेपर की तरह है. आप आज न्यूजपेपर पढ़ते हैं और उसके बाद उसे फेंक देते हैं, या फिर उसे रैपर की तरह वड़ा पाव रैप करने के इस्तेमाल में ले लेते हैं. आज का न्यूजपेपर कल किसी काम का नहीं रह जाता है.'

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रोहित ने कहा कि टीवी ने उन्हें काफी कुछ दिया है. आज वो जो भी है वह टीवी ने ही उन्हें बनाया है. उन्होंने कहा, 'मैं टेलीविजन की ही देन हूं. मैं खुद से जुड़े चीजों को कचरा क्यों कहूंगा? मैं भी इसी इंडस्ट्री में काम कर रहा हूं. मैं टीवी के लिए लड़ रहा हूं.'

रोहित ने आलोचना करने वाले एक्टर्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोगों ने उनकी बात समझने की बयाज उन पर हमला किया. उनके मुताबिक, डस्टबिन मीडियम कहने के बजाय उन्हें सीधे यह कहना चाहिए था कि टीवी पर कंटेंट की क्वालिटी में सुधार होना चाहिए.

बता दें कि टीवी एक्टर नमन शॉ, देवोलीना भट्टाचार्जी और पंकित ठक्कर ने टीवी को डस्टबिन मीडियम कहने पर रोहित रॉय की आलोचना की थी. उनकी पत्नी मानसी जोशी रॉय ने उनके बयान पर नाराजगी जाहिर की थी.

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