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सस्ता 'कबीर सिंह' या असली आशिक? 'Lock Upp' में बलिदान का मास्टरस्ट्रोक! प्यार- दोस्ती के खेल ने किया भेजा फ्राई

गेम से ऊपर दिल को रखकर हर्षद चोपड़ा ने शिवांगी के लिए खुद को शो से बाहर कर लिया. पर क्या 'कबीर सिंह' जैसा यह सिरफिरा इश्क शिवांगी को लॉक अप का ताज दिला पाएगा?

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Harshad secures first finalist spot; Shivangi shocked by elimination
Harshad secures first finalist spot; Shivangi shocked by elimination

'ये इश्क नहीं आसान बस इतना समझ लीजिए, एक आग का दरिया है और डूब के जाना है...' हम सबने शायद ये लाइन्स अक्सर पुरानी फिल्मों की लव स्टोरीज में सुनी होंगी. पर जब पर्दे का यह ड्रामा हकीकत की जमीन पर उतर आए, तो नजारा देखने लायक होता है. 'लॉक अप' के कटघरे में जब हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी ने दोस्ती का टैग लगाकर एंट्री मारी थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह दोस्ती बहुत जल्द एक जुनूनी दास्तान का रूप ले लेगी. उनके इस उलझे हुए रिश्ते ने दर्शकों का भेजा फ्राई करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

खुद से ऊपर शिवांगी, गेम से ऊपर दिल!
जहां इस शो के हर मोर्चे पर बाकी कंटेस्टेंट्स खुद को जिताने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहे थे, वहीं हर्षद चोपड़ा की पूरी कायनात सिर्फ और सिर्फ शिवांगी जोशी के इर्द-गिर्द घूमती नजर आई. शिवांगी के साथ ही खाना, शिवांगी के ही पास बैठना, मानो हर्षद की कोई अपनी अलग मौजूदगी ही न बची हो. हर्षद कब शिवांगी की परछाई बन गए, उन्हें खुद को भी एहसास नहीं हुआ.

'कबीर सिंह' वाला अग्रेशन
शिवांगी की आंखों में आंसू का एक कतरा आते ही हर्षद का आपा खो जाना तय था. उनका गुस्सा, उनका जुनून और हर किसी से भिड़ जाने का अंदाज दर्शकों को 'कबीर सिंह' के उस दीवाने आशिक की याद दिलाने लगा. खेल में जीत का मौका आया, तो हर्षद ने अपने हाथों से शिवांगी के लिए बाजी हार दी. भला दोस्ती में ऐसा कौन करता है? अब इसे हर्षद का प्यार न कहें तो भला क्या कहें?

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फाइनलिस्ट बनकर भी दे दी कुर्बानी!
हद तो तब हो गई जब शो का सबसे बड़ा ट्विस्ट सामने आया. हर्षद चोपड़ा ने खुद को 'लॉक अप' का फाइनलिस्ट बना लिया था, लेकिन मंजिल के इतने करीब पहुंचकर भी उनका दिल बाजी मार गया. शिवांगी को शो में सुरक्षित रखने के लिए हर्षद ने बिना झिझके अपना ही बलिदान दे दिया. खुद शो से बाहर का रास्ता चुन लिया और अपनी जगह शिवांगी को फाइनलिस्ट की गद्दी सौंप दी. इश्क में कुर्बानी देना बड़ी बात है, पर खुद की ट्रॉफी किसी और की झोली में डाल देना... इसे जुनून कहें या बेवकूफी?

सेल्फिश दोस्त हैं शिवांगी?
हर्षद के इस ऐतिहासिक सैक्रिफाइज के बाद इंटरनेट पर मानो भूचाल आ गया है. अब इस रिश्ते को लेकर बहस छिड़ गई है और शिवांगी जोशी नेटिजन्स के निशाने पर आ गई हैं. लोगों का मानना है कि हर्षद इस वक्त प्यार के उस मोड़ पर हैं, जहां उन्हें शिवांगी के सिवा कुछ और दिखाई नहीं दे रहा. ट्रोल्स का दावा है कि शिवांगी ने हर्षद के इस बेपनाह प्यार और जुनून का इस्तेमाल महज अपने गेम प्लान और फायदे के लिए किया है.

शो में हर्षद की फाइनलिस्ट की जगह लेने पर सोशल मीडिया पर शिवांगी को सेल्फिश का टैग दिया जा रहा है. यूजर्स उनके इस रवैये की जमकर क्लास लगा रहे हैं. अब सवाल यह उठता है कि क्या शिवांगी सचमुच गेम खेल रही थीं या फिर हर्षद का यह एकतरफा जुनून ही उनके रिश्ते पर भारी पड़ गया? वजह चाहे जो भी हो, पर इस 'कुर्बानी' ने इतना तो तय कर दिया है कि टीवी रिएलिटी शो के इतिहास में इस अनोखी लव-स्टोरी की गूंज बहुत दिनों तक सुनाई देने वाली है. 

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