'ट्रेटर्स 2' में क्रिस्टल डिसूजा ने साबित कर दिया है कि दिखावा और असलियत में जमीन-आसमान का फर्क हो सकता है. बाहर से भोली-भाली और मासूम दिखने वाली क्रिस्टल अंदर से बेहद चालाक और स्ट्रैटेजिक प्लेयर साबित हो रही हैं. उनका गेम प्ले 'साम-दाम-दंड-भेद' की क्लासिक नीति पर आधारित है, जिससे वो पूरे गेम को अपने हिसाब से मोड़ रही हैं.
मास्टरमाइंड हैं क्रिस्टल
क्रिस्टल की सबसे बड़ी ताकत है लोगों को भरोसे में लेना. उनकी मासूमियत भरी मुस्कान और शांत स्वभाव ने शुरुआत में ही कई प्लेयर्स को भ्रमित कर दिया. वो धीरे-धीरे हर किसी से दोस्ती कर रही हैं, लेकिन साथ ही उनकी कमजोरियों को भी समझ रही हैं. जब जरूरत होती है, तो वो मीठी बातों से काम निकालती हैं, तो कभी सख्त रवैया अपनाकर विरोधियों को दबा देती हैं.
क्रिस्टल ने शो में एंट्री करते ही कुछ प्लेयर्स के साथ गुप्त गठबंधन बनाए. वो अलग-अलग ग्रुप्स के बीच झगड़े कराकर उनका ध्यान भटकाती हैं. जब सब आपस में उलझ जाते हैं, तो वह चुपचाप अपनी चाल चलती हैं. कई बार तो ऐसा लगता है कि वह खुद लॉयल हैं, लेकिन असल में वो ट्रेटर्स के साथ मिलकर गेम कंट्रोल कर रही हैं.
उनकी रणनीति में 'भेद' की नीति भी शामिल है. क्रिस्टल जानबूझकर गलतफहमियां पैदा करती हैं, जिससे प्लेयर्स आपस में लड़ने लगते हैं और उनका ध्यान असली ट्रेटर्स से हट जाता है. शो के कुछ एपिसोड में देखा गया कि क्रिस्टल ने कैसे एक प्लेयर को फंसाया और उसे गेम से बाहर करवाया. उन्होंने पहले उस प्लेयर के साथ दोस्ती की, फिर धीरे-धीरे उस पर शक के बीज बोए, और अंत में दूसरे प्लेयर्स को मनाकर उसे एलिमिनेट करवा दिया.
क्रिस्टल का गेम प्ले फैंस को काफी पसंद आ रहा है. सोशल मीडिया पर उनके फैंस उनकी चालाकी और स्ट्रैटेजी की तारीफ कर रहे हैं. कई लोग तो उन्हें 'क्वीन ऑफ ट्रेटर्स' भी कह रहे हैं. वहीं, कुछ प्लेयर्स अब क्रिस्टल पर शक करने लगे हैं, लेकिन वो अभी तक अपनी चालाकी से सबको भ्रमित करने में कामयाब रही हैं.
'ट्रेटर्स' का यह सीजन क्रिस्टल डिसूजा के दम पर और भी रोमांचक हो गया है. आगे का गेम कैसे पलटता है और क्रिस्टल कितनी देर तक अपनी चालाकी से सबको धोखा दे पाती हैं, यह देखना दिलचस्प होगा. एक बात तो तय है, भोली सूरत वाली क्रिस्टल असल में शातिर दिमाग वाली प्लेयर हैं, जो गेम में किसी भी हद तक जा सकती हैं.