आजकल देशभर में शिक्षा को लेकर एक अलग ही जद्दोजहद चल रही है. सड़कों पर कई हजार स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में लगे हुए हैं. माहौल इतना तनाव से भरा हुआ है कि हर किसी को बच्चों के फ्यूचर की परवाह होने लगी है. शिक्षा एक ऐसा साधन है, जो हर किसी को समान रूप में मिलना आवश्यक है. कुछ ऐसी ही सीख देने इस समय अमेजॉन प्राइम वीडियो पर एक नई वेब सीरीज आदर्श बाल विद्यालय आई है.
आदर्श बाल विद्यालय ठीक वैसी ही सीरीज है, जैसा आपने पंचायत या ग्राम चिकित्सालय में देखा होगा. एक सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानी को ह्यूमर के साथ ब्लेंड किया जाता है, जो देखने में मजेदार तो होता है मगर साथ ही साथ अपने आसपास हो रही चीजों से भी रूबरू कराता है. जहां पंचायत और ग्राम चिकित्सालय TVF के बनाए कंटेंट हैं. वहीं आदर्श बाल विद्यालय को यूट्यूबर भुवन बाम के शो ढिंढोरा बनाने वाले डायरेक्टर हिमांक गौर ने बनाया है. कैसी है उनकी नई सीरीज? आइए, विस्तार से बात करते हैं.
क्या है आदर्श बाल विद्यालय की कहानी?
ज्ञानेश्वर त्रिपाठी (के के मेनन) दिल्ली के टिंकी टोली में स्थित सरकारी स्कूल आदर्श बाल विद्यालय का हेडमास्टर है. उसके स्कूल में बच्चे पढ़ाई करने नहीं आते क्योंकि माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाना नहीं, काम कराना चाहते हैं. ज्ञानेश्वर के पास एक दिन सरकार से ऑफर आता है कि अगर उसके स्कूल का बोर्ड रिजल्ट दिल्ली के टॉप 10 स्कूलों में आता है, तो उसे लंदन वाले केम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग का मौका मिलेगा. ज्ञानेश्वर के लिए ये एक बहुत बड़ा मौका है, इसलिए वो अपने स्कूल के टीचर्स और स्टूडेंट्स को एक जुट करके बोर्ड परीक्षा की तैयारी में लग जाता है.
ज्ञानेश्वर एक अनपढ़ नेता गोल्डी रंधावा (देवेन भोजानी) की मदद लेता है, जहां से उसे पैसा मिलता है. मगर उसके स्कूल को पैसा मिलेगा या नहीं, ये उर्मिला देवी (अर्चना पूरन सिंह) तय करती है. ज्ञानेश्वर और उर्मिला का 36 का आंकड़ा है, क्यों इसका कारण आपको सीरीज में पता चले तो ज्यादा बेहतर होगा. ज्ञानेश्वर त्रिपाठी का अब सिर्फ एक ही मकसद है कि वो अपने स्कूल के बच्चों के बेहतर से बेहतर रिजल्ट की उम्मीद लगा सके, ताकि उसे और उसकी पत्नी को केम्ब्रिज जाने का मौका मिले.
लेकिन ऐसा होना बिल्कुल भी आसान नहीं होगा, क्योंकि आदर्श बाल विद्यालय के छात्र अपने स्कूल के नाम जैसे आदर्श नहीं हैं. वो एक नंबर के शैतान हैं, जो चिकन 65 तक को भारत का राष्ट्रीय पक्षी कहते है. अब क्या ज्ञानेश्वर त्रिपाठी का स्कूल बोर्ड परीक्षा में कोई कमाल दिखा पाएगा? यही सबकुछ आप इस सीरीज में देखने वाले हैं, जो सचमुच आपको हंसा-हंसाकर लोटपोट कर देगा.
बेहतरीन है कॉमेडी, हर सीन से करेंगे 'रिलेट'
किसी भी शो को बनाने के पीछे सबसे बड़ा हाथ राइटर्स का होता है. ये वो लोग होते हैं जो पर्दे के पीछे सारी कारीगरी करते हैं. आदर्श बाल विद्यालय बनाने के पीछे भी दो बेहतरीन राइटर्स बिस्वापति सरकार और समीर सक्सेना का हाथ है. समीर सक्सेना तो कोटा फैक्ट्री, मामला लीगल है, फ्लेम्स, गुल्लक, पंचायत जैसे शो का हिस्सा रह चुके हैं. इन दोनों की राइटिंग इस शो में भी कमाल है. कहानी से लेकर स्क्रीनप्ले-डायलॉग, सबकुछ स्क्रीन पर देखने में कमाल लगता है.
हेडमास्टर के रोल में के के मेनन हो या टीचर्स के रोल में नवीन कस्तूरिया, अभिमन्यु सिंह, प्रसन्ना बिष्ट, सभी के किरदार एकदम बढ़िया हैं. यहां तक कि जो बच्चे आप इस शो में देखने वाले हैं, उन्हें भी इस तरह का कैरेक्टर दिया गया है जिसे देखकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे. मेकर्स ने सीरीज में कई सारे ऐसे सीन्स भी डाले हैं, जो आप एक स्टूडेंट और टीचर होने के नाते रिलेट करेंगे और कहेंगे कि ये मेरे साथ भी एक बार ऐसा हुआ है.
कॉमेडी के मामले में शो काफी क्लीन और मजेदार है. सात एपिसोड की ये सीरीज देखते हुए आपका वक्त कहां निकल जाएगा, आपको पता भी नहीं चलेगा. जो सिचुएशन्स हर किरदार के साथ क्रिएट किए गए हैं, वो भी मजेदार है. सरकारी स्कूलों में शिक्षा और व्यवस्था कैसे होते हैं, ये भी आपको इस सीरीज से देखने मिलेगी. इसकी स्टोरी आपको खूब सारा हंसाएगी जरूर, मगर साथ ही साथ थोड़े खुशी वाले आंसू भी देती है.
यहां देखें आदर्श बाल विद्यालय सीरीज का ट्रेलर:
कमाल की कास्टिंग, एक-एक रोल है मजेदार
शो में के के मेनन भी हैं, जिन्हें आप इससे पहले कुछ फिल्मों में खूंखार विलेन वाले रोल निभाते देख चुके होंगे. शायद इस सीरीज के बाद, आपके मन में उनकी वो विलेन वाली छवि कहीं ओझल सी हो जाएगी. हेडमास्टर ज्ञानेश्वर त्रिपाठी के रोल में वो काफी बढ़िया थे. उनका साथ अर्चना पूरन सिंह ने भी बखूबी निभाया, दोनों के बीच की एक खट्टी-मीठी नोक-झोंक सीरीज का अच्छा पॉइंट रहीं.
के के मेनन के अलावा अभिमन्यु सिंह भी इस शो में अपने काम से आपको सरप्राइज करने वाले हैं. हंसराज मीना के रोल में उनका वो कठोर टीचर वाला लुक देखने में मजेदार था. नवीन कस्तूरिया भी शो में अहम किरदार में नजर आए. उन्होंने भी सीरीज में बेहद असरदार काम किया है. इन सबके अलावा जियो हॉटस्टार पर आई चिरैया सीरीज वालीं प्रसन्ना बिष्ट भी इस शो का अहम हिस्सा हैं. उन्होंने भी शो में अपना रोल अच्छे से निभाया है, उन्हें देखकर आपको ऐसा लगेगा नहीं कि वो नई-नई इंडस्ट्री में काम करने आई हैं.
कुल मिलाकर अगर आप एक हैप्पी-वीकेंड की तलाश में हैं, और सीरीज देखने का शौक रखते हैं तो आदर्श बाल विद्यालय आपके लिए ही है. बड़े लंबे वक्त के बाद एक ऐसी सीरीज आई है, जो आपको खुलकर हंसने पर मजबूर करती है. साथ ही साथ आपको जीवन से जुड़ी कुछ सच्चाइयों से भी रूबरू कराती है.