कहते हैं कि बेटे की सक्सेस की खुशी सबसे ज्यादा एक पिता को ही होती है. विवेक ओबेरॉय की सक्सेस में भी सबसे बड़ा हाथ उनके पिता का है. विवेक को इंडस्ट्री में पहचान दिलाने के लिए उनके पिता ने काफी संघर्ष किया. विवेक के बॉलीवुड डेब्यू के लिए उनके पिता और दिग्गज एक्टर सुरेश ओबेरॉय ने कई डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के दरवाजे खटखटाए. अब सुरेश ओबेरॉय ने बेटे विवेक के डेब्यू से पहले के स्ट्रगल पर बात की है.
क्या बोले सुरेश ओबेरॉय?
निधि वसंदानी के यूट्यूब चैनल संग बातचीत में सुरेश ओबेरॉय ने बताया कि कैसे वो अपने बेटे के लिए काम की तलाश में दर-दर भटके थे. उन्होंने फिल्मफेकर राम गोपाल वर्मा को भी अप्रोच किया था, जिन्होंने विवेक को उनके करियर का बड़ा ब्रेक दिया था, जिसने उनके करियर का रुख ही बदल दिया. बता दें कि विवेक ने राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'कंपनी' से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था, जिसका क्रेडिट उनके पिता को ही जाता है.
सुरेश ने बेटे विवेक के करियर के बारे में बात करते हुए कहा- मुझे विवेक के लिए फिर से संघर्ष करना पड़ा. मुझे उनके लिए दर-दर भटकना पड़ा. जैसे पहले मैं अपनी तस्वीरें लेकर घूमता था. वैसे ही मैं विवेक की तस्वीरें लेकर जाता था.
पिता ने बनाया विवेक का करियर
सुरेश ओबेरॉय ने आगे बताया कि जब राम गोपाल वर्मा अपनी फिल्म 'कंपनी' के लिए किसी एक्टर की तलाश कर रहे थे, उस वक्त वो राम गोपाल वर्मा के साथ ही काम कर रहे थे. सुरेश ने बताया कि जब उन्होंने फिल्ममेकर को अप्रोच किया था, तब राम गोपाल वर्मा ने विवेक की एक्टिंग का एक टेप देखने को कहा था. सुरेश ने फिर विवेक के एक्टिंग इंस्टीट्यूट का एक टेप उन्हें दिखाया था. उन्होंने बताया कि राम गोपाल वर्मा वो टेप देखने उनके घर आए थे और विवेक की परफॉर्मेंस देखकर वो काफी इंप्रेस हुए थे. इसके बाद उन्होंने विवेक को उनके करियर का बड़ा ब्रेक दिया था.
विवेक ने अपने सालों के फिल्मी करियर में कई फिल्मों में काम किया है. लेकिन विवेक की फिल्मों में सुरेश ओबेरॉय की सबसे फेवरेट फिल्म 'साथिया' है. सुरेश ने ये भी बताया कि फिल्म 'कंपनी' में अपने बेटे की परफॉर्मेंस देखने के बाद उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया था. वो काफी भावुक भी हो गए थे और उनकी आंखों में आंसू आ गए थे.
वर्क फ्रंट की बात करें तो विवेक ओबेरॉय को आखिरी बार रोहित शेट्टी की ओटीटी एक्शन सीरीज 'इंडियन पुलिस फोर्स' और कॉमेडी फिल्म 'मस्ती 4' में देखा गया था.