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Ramayana Trailer: यश की 'दहाड़', रणबीर का दिव्य अवतार, साई की सादगी... रामायण के ट्रेलर में क्या खास?

रामायण का ट्रेलर रिलीज होते ही इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है. नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी यह फिल्म हॉलीवुड स्तर की सिनेमैटिक अपील और भव्यता को दिखाती है. जानें ट्रेलर में क्या खास है.

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रामायण के ट्रेलर में क्या खास? (Photo: Social Media)
रामायण के ट्रेलर में क्या खास? (Photo: Social Media)

रामायण का लार्जर दैन लाइफ ट्रेलर रिलीज होते ही इंटरनेट पर तबाही मचा रहा है. यूट्यूब पर इसे मिलियंस में व्यूज मिल चुके हैं. हिंदुओं की आस्था का बड़ा प्रतीक है रामायण. इसलिए सोशल मीडिया पर इसे मिला-जुला रिस्पॉन्स मिल रहा है. लेकिन एक बात जिसे कोई नहीं नकार सकता, वो इस ट्रेलर की भव्यता है. नितेश तिवारी का ये प्रोजेक्ट ग्रैंड, सिनेमैटिक और विजुअली रिच है. फिल्म को हॉलीवुड लेवल का ट्रीटमेंट मिला है.

रामायण के ट्रेलर में क्या खास?

यश की हुंकार सोशल मीडिया पर छाई हुई है. शानदार VFX के साथ बैकग्राउंड स्कोर को भी सराहना मिली है. रामायण पार्ट 1 में सीता हरण तक कहानी को दिखाया जाएगा. दशानन रावण के तीनों लोकों पर राज करने से सीता के अपहरण तक, पत्नी की खोज में जंगलों में भटकते राम, स्वयंवर सीक्वेंस और राम के वनवास जाने तक...रामायण के ट्रेलर में महाकाव्य की अहम कड़ियों को जोड़ा गया है.

रावण राज
ट्रेलर का हाईपॉइंट हैं साउथ स्टार यश. लुक से लेकर एक्टिंग तक वो हर फ्रेम में सरप्राइज करते हैं. विलेन होकर उन्हें मिला हीरोइक ट्रीटमेंट रावण की विशालकाय इमेज को भुनाता है. ट्रेलर यश पर शुरू और यश पर खत्म होता है. एंट्री सीन में रावण बहरुपिया बनकर आता है. देवलोक, पृथ्वीलोक और पाताल लोक में वो 'रावण राज' चाहता है. इसके लिए वो बल और बुद्धि दोनों का इस्तेमाल करता है. लंका पर हुकूमत कर वहां राज करता है.

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वहीं आखिरी सीन में रावण का शेर संग एक एपिक सीन है. दोनों आमने-सामने हैं. शेर की दहाड़ को देख रावण चुप नहीं रहता, वो भी गरजता है. यश की आवाज में एक पराक्रमी राजा के तेवर दिखते हैं, जो निडर और बेखौफ है. इंटरनेट पर ये सीन वायरल हो रहा है. जो कि यश की इंटेंस एक्टिंग का सबूत देता है. ये भी बताता है क्यों वो रावण के रोल के लिए परफेक्ट हैं.

पाप मिटाने आए राम

पृथ्वी पर बढ़ते संकट को देखते हुए राजा दशरथ के घर राम जन्म लेते हैं. दशरथ अपने ज्येष्ठ पुत्र को अयोध्या का राजा बनाने चाहते हैं. राजा राम से वनवासी राम की जर्नी की हल्की झलक ट्रेलर में दिखती है. राम का अपने ही अवतार परशुराम संग आमना-सामना एपिक होने वाला है. मूवी में परशुराम का रोल भी रणबीर ही निभा रहे हैं. मिथिला में सीता स्वयंवर का भव्य दृश्य अपीलिंग है. साई पल्लवी और रणबीर कपूर की केमिस्ट्री को दिखाते सीन्स मनमोहित करते हैं. सीता के रोल में साई की सादगी और राम बने रणबीर का शांत स्वभाव, दिव्यता उनकी जोड़ी को परफेक्ट बनाता है. 

युद्ध के सीन, दमदार VFX 

रामायण के टीजर को मिली आलोचना के बाद मेकर्स ने VFX पर काम किया है. हालांकि कुछ सीन्स को और पॉलिश किए जाने की जरूरत है. कुछ जगहों पर अभी भी AI ग्लिच हावी होता है. वहीं कई सीन्स विजुअली इंप्रेसिव हैं. वॉर सीन में ऐरावत और जटायु संग रावण की भिड़ंत कमाल की लगी है. इन्हें हॉलीवुड की फैंटेसी मूवीज जैसा स्केल दिया गया है. रावण का खूबसूरत पुष्पक विमान ध्यान खींचता है. हाई स्केल पर बनी फिल्म के कई सीन्स अपनी भव्यता से होश उड़ाने का दम रखते हैं.

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इमोशंस में म्यूजिक ने फूंकी जान

नितेश तिवारी की रामायण वर्ल्ड क्लास ग्राफिक्स, भव्य सेट और पावरफुल स्टारकास्ट के अलावा इसके इमोशंस को लेकर भी है. राम वनवास, बेटे राम के लिए राजा दशरथ की तड़प, राम का अयोध्या से विदा लेना, सीता की खोज में जंगलों में भटकना... ऐसे कई सीन्स हैं जो इमोशनल राइड पर लेकर जाते हैं. इतना जरूर है कि रामायण का ट्रेलर इमोशनली हाई नहीं है. अगर आप रामानंद सागर की रामायण के इमोशन और म्यूजिक से इसकी तुलना करेंगे, तो निराश होंगे.

क्या रणबीर पर भारी पड़े यश?

ट्रेलर में यश पावरफुल लगते हैं, क्योंकि वो रावण बने हैं इसलिए उनकी इतनी स्ट्रॉन्ग प्रेजेंस दिखनी लाजमी थी. वहीं रणबीर अपने किरदार राम की तरह सौम्य, शांत और शालीनता दिखाते हैं. दोनों किरदारों का स्वरूप बिल्कुल परे है. इंटरनेट पर कई लोग कहते दिख रहे हैं कि यश के आगे रणबीर टिकते नहीं हैं. जो कि गलत नैरिटिव सेट करने जैसा होगा. क्योंकि जेन-जी कल्चर में शालीनता से ज्यादा लाउड कैरेक्टर को बल मिलता दिख रहा है. ये सभी फिल्मों की कहानी है. राम के रोल में रणबीर की बात कम होना असल मायने में उनके किरदार की जीत ही है.

रामानंद सागर की रामायण के फैन रहे लोगों को ट्रेलर शायद निराश कर सकता है. लेकिन यहां ये समझने की जरूरत है कि ये रामायण वर्ल्ड क्लास अपील के साथ बनाई गई है. इसे ग्लोबल ऑडियंस को ध्यान में रखकर क्राफ्ट किया गया है. जब रामानंद की रामायण आई थी वो दौर 1987 का था, अभी 2026 चल रहा है. बाकी रिलीज के बाद मालूम पड़ेगा, फिल्म महाकाव्य रामायण को कितना जस्टिफाई कर पाती है. 

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