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रामायण में राम के साथ रावण की भी पूरी कहानी! असुर कुल में जन्मा दशानन कैसे बना 'लंकापति'? नितेश तिवारी ने दिखाया

नितेश तिवारी ने अपनी फिल्म रामायण की कहानी सिर्फ भगवान राम तक सीमित नहीं की. बल्कि उन्होंने रावण की पूरी जर्नी को भी दिखाने की कोशिश की जिसके बारे में सिनेमा में पहले दिखाया या ठीक से बताया नहीं गया. इस फिल्म के जरिए हम देखते हैं कि कैसे दशानन लंकापति रावण बना. कैसे उसने अपनी घोर तपस्या से ब्रह्म देव को खुश किया, और अपने लिए अमर दान मांगा.

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यश के काम की हुई तारीफ (Photo: Social Media)
यश के काम की हुई तारीफ (Photo: Social Media)

नमित मल्होत्रा की 4000 करोड़ में बन रही रामायण का पहला पार्ट सिनेमाघरों में रिलीज हो चुका है. इस फिल्म के लिए जनता के बीच काफी एक्साइटमेंट है. सालों बाद एक ऐसी फिल्म इंडिया में बनाई जा रही है जो ग्लोबल स्टेज पर भी प्रस्तुत की गई. इसे दंगल बनाने वाले नितेश तिवारी ने डायरेक्ट किया है. फिल्म का पहला पार्ट वाल्मीकि रामायण के मुताबिक अरण्य कांड तक है, जिसमें हम माता सीता का हरण और जटायु की वीरगति देखते हैं. 

रावण की कहानी को करीब से जानिए

नितेश तिवारी ने अपनी फिल्म रामायण का मूल वाल्मीकि जी की रामायण पर रखा है, जिसमें हम सिर्फ भगवान राम की कहानी नहीं बल्कि रावण की कहानी भी देखते हैं. अभी तक जितनी भी फिल्में रामायण पर बनी हैं, उसमें हम आमतौर पर कहानी की शुरुआत भगवान राम से होते हुए देखते हैं. उनमें रावण का सिर्फ जिक्र होता है कि कैसे वो इतना शक्तिशाली बना. लेकिन डायरेक्टर नितेश तिवारी ने बिना किसी शॉर्टकट हमें रावण की पूरी जर्नी दिखाई. 

रामायण के पहले पार्ट में हम देखते हैं कि कैसे रावण असुर कुल में जन्मा. उसकी मां कैकसी और नाना सुमाली देवों से युद्ध हारने के बाद लंका में धरती के नीचे रहने पर मजबूर हो जाते हैं. रावण शास्त्रों में श्रेष्ठ है और अब उसे अपने कुल का कल्याण करने के लिए देवों से वरदान की जरूरत है. इसी कोशिश में वो ब्रह्म देव की तपस्या के लिए कहीं दूर निकल पड़ता है. रावण की तपस्या इतनी कठोर और ऊर्जावान थी कि उसके प्रकोप से धरती भी गरम हुई. फिर ब्रह्म देव उससे खुश होकर वरदान देते हैं कि वो मनुष्यों को छोड़कर किसी से नहीं मर सकेगा. 

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इसके बाद हम रावण को लंका समेत पूरी पृथ्वी पर राज करते हुए देखते हैं. तीनों लोकों में सिर्फ उसी का शासन होता है. फिल्म में रावण से परिवार से जुड़ी और भी जानकारियां पाने का मौका मिलता है. जब वो धरती पर अपना साम्राज्य बढ़ाते हुए आगे बढ़ता है, तब उसकी शादी मंदोदरी से होती है. आगे चलकर वो अपनी बहन शूर्पणखा की शादी विद्युत जीवा से कराता है, जिसे वो एक कूटनीति की तरह देखता है. नितेश तिवारी ने अपनी रामायण में जितनी अहमियत भगवान राम को दी, उतनी ही रावण को भी दी है. 

रावण कितना शक्तिशाली, दुष्ट और पापी है- ये आप पहले पार्ट में देखने वाले हैं. अब भगवान राम दूसरे पार्ट में उसका किस तरह सामना करेंगे, और कैसे इतने शक्तिशाली रावण को हराएंगे यही हम दिवाली 2028 पर देखेंगे. फिल्म में रावण की भूमिका साउथ स्टार यश, तो भगवान राम की भूमिका रणबीर कपूर ने निभाई है.

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