मुंबई में सरकारी आवास खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है. महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) अपने बिना बिके सैकड़ों फ्लैट की कीमतों में 10 प्रतिशत तक कटौती करने की तैयारी कर रही है. इन फ्लैटों को खरीदार नहीं मिलने के कारण म्हाडा ने कीमतें घटाने का प्रस्ताव तैयार किया है. मंजूरी मिलने पर दिवाली के बाद मुंबई हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट बोर्ड (MHADB) इन्हें फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व (FCFS) योजना के तहत दोबारा बिक्री के लिए पेश करेगा.
दरअसल, म्हाडा नए बनाए गए घरों को शुरुआत में लॉटरी के जरिए बेचता है. कई बार कोशिश के बाद भी जो फ्लैट नहीं बिक पाते, उन्हें मुंबई हाउसिंग बोर्ड के पास भेज दिया जाता है, इसके बाद इनकी बिक्री FCFS योजना के तहत होती है. इसमें खरीदार बिना लॉटरी में हिस्सा लिए सीधे फ्लैट खरीद सकते हैं.
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7.58 करोड़ का फ्लैट भी नहीं मिला खरीदार
म्हाडा के बिना बिके फ्लैटों में दक्षिण मुंबई के तारदेव स्थित क्रेसेंट टावर का एक महंगा अपार्टमेंट भी शामिल है. 1,500 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्रफल वाले इस फ्लैट की कीमत 7.58 करोड़ रुपये रखी गई थी. फरवरी में इसे FCFS योजना के तहत दोबारा बिक्री के लिए पेश किया गया, लेकिन तब भी कोई खरीदार नहीं मिला.
इसी तरह कन्नमवार नगर में म्हाडा के 1,221 फ्लैटों में से कई सौ फ्लैट अगस्त में आयोजित लॉटरी के बाद भी खाली रह गए. मुंबई के दूसरे इलाकों में भी बड़ी संख्या में फ्लैट खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं.
पहले भी घटाई गई थी कीमत
यह पहली बार नहीं है जब म्हाडा ने फ्लैट बेचने के लिए कीमतों में कटौती का रास्ता अपनाया है. अप्रैल में कन्नमवार नगर के फ्लैटों की कीमत 7.5 प्रतिशत घटाई गई थी. इसके बाद 1.46 से 1.48 करोड़ रुपये की कीमत वाले 480 फ्लैटों की कीमत घटकर 1.35 से 1.37 करोड़ रुपये हो गई थी. इसके साथ मुफ्त पार्किंग की सुविधा भी दी गई, लेकिन खरीदारों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक नहीं रही.