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नाना का वो ठहाका... अब सुनाई देगा तो हंसी नहीं, आंखों में आ जाएंगे आंसू

फिल्म Welcome का उदय शेट्टी यानी नाना पाटेकर का ठहाका सोशल मीडिया की दुनिया का लेजेंडरी मीम टेम्पलेट बन चुका है. ‘चार खोके जल्दी से ढीले करो’ वाले सीन में मजनू भाई यानी अनिल कपूर और घुंघरू सेठ यानी परेश रावल के बीच की बातचीत पर नाना की फूट पड़ती हंसी आज भी वायरल कंटेंट का हिस्सा है.

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नाना का वो ठहाका...
नाना का वो ठहाका...

सोशल मीडिया पर कोई मजेदार वीडियो सामने आता है. कोई चौंकाने वाला पल हो, कोई अजीब हरकत हो या ऐसा कंटेंट, जिस पर बस हंसी छूट जाए... ऐसे मौकों पर आपने नाना पाटेकर का वो वीडियो जरूर देखा होगा. हाथ में कप, गले में मोटी चेन, हाथों में ब्रेसलेट और चेहरे पर बेफिक्र मुस्कान... फिर अचानक फूट पड़ता है उनका जोरदार ठहाका.

यह महज कुछ सेकंड का वीडियो है, लेकिन इंटरनेट की दुनिया में इसकी अपनी पहचान है. किसी मजेदार वीडियो पर रिएक्शन देना हो तो नाना का यह ठहाका काफी है. मीम हो, रील हो या कोई वायरल पोस्ट... नाना का हंसता हुआ चेहरा जैसे सोशल मीडिया की अपनी भाषा बन चुका है.

लेकिन इस वायरल ठहाके की कहानी असल में फिल्म Welcome से शुरू होती है.

फिल्म में अनिल कपूर मजनू भाई हैं, परेश रावल घुंघरू सेठ और नाना पाटेकर उदय शेट्टी. तीनों के बीच का तालमेल फिल्म की कॉमेडी को यादगार बनाता है. इसी दौरान एक सीन आता है, जो बाद में इंटरनेट के सबसे पहचानने योग्य मीम टेम्पलेट्स में शामिल हो गया.

मजनू भाई यानी अनिल कपूर, घुंघरू सेठ यानी परेश रावल से कहते हैं- 'चार खोके जल्दी से ढीले करो...'

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इसके बाद घुंघरू सेठ का रिएक्शन आता है... और बस, उसे देखते ही उदय शेट्टी बने नाना पाटेकर की हंसी फूट पड़ती है.

पहले हल्की मुस्कान... फिर हंसी... और फिर वही खुलकर लगाया गया ठहाका.

हाथ में कप, गले में मोटी चेन, हाथों में ब्रेसलेट और चेहरे पर बेफिक्री... नाना का यह अंदाज इतना स्वाभाविक था कि दर्शक भी उस हंसी में शामिल हो जाते हैं.

यही वह सीन है, जो फिल्म खत्म होने के बाद भी खत्म नहीं हुआ.

Welcome सालों पहले रिलीज हुई थी, लेकिन उदय शेट्टी का यह ठहाका सोशल मीडिया के दौर में फिर से वायरल हो गया. फिल्म के एक छोटे से हिस्से ने मीम की दुनिया में अपनी अलग जगह बना ली. किसी मजेदार पोस्ट पर नाना का यह चेहरा लगा दीजिए, किसी वायरल वीडियो के साथ उनका ठहाका जोड़ दीजिए... बात पूरी हो जाती है.

इसकी वजह सिर्फ सीन की कॉमेडी नहीं है. वजह है नाना पाटेकर का वह अंदाज, जिसमें अभिनय और सहजता के बीच कोई फर्क दिखाई नहीं देता. उदय शेट्टी के किरदार में उनका गुस्सा, उनका हावभाव, उनकी आवाज और फिर अचानक फूट पड़ने वाली हंसी- सब कुछ ऐसा था, जिसे दर्शक भूल नहीं पाए.

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इसलिए उदय शेट्टी सिर्फ Welcome का एक किरदार नहीं रहा. वह नाना पाटेकर की उन यादगार छवियों में शामिल हो गया, जिन्हें एक पूरी पीढ़ी बिना पूरी फिल्म देखे भी पहचानती है. 

और अब कहानी यहीं बदल जाती है.

जिस वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर लोग हंसते थे, वही वीडियो अब सामने आएगा तो शायद कुछ पल के लिए उंगली स्क्रीन पर रुक जाएगी.

नाना वैसे ही दिखाई देंगे. हाथ में कप होगा. गले में मोटी चेन होगी. हाथों में ब्रेसलेट होंगे. चेहरे पर वही मुस्कान होगी. और फिर वही ठहाका गूंजेगा. लेकिन अब उस ठहाके को सुनने का एहसास पहले जैसा नहीं होगा.

क्योंकि पर्दे पर उदय शेट्टी अब भी हंस रहा होगा, लेकिन उस किरदार को अपनी आवाज देने वाला कलाकार हमारे बीच नहीं होगा. यही सिनेमा और यादों की ताकत है.

एक कलाकार चला जाता है, लेकिन उसके किरदार नहीं जाते. उसके डायलॉग नहीं जाते. उसके चेहरे के भाव नहीं जाते... और कभी-कभी तो उसकी हंसी भी हमेशा के लिए लोगों के बीच रह जाती है. नाना पाटेकर के साथ शायद यही होने वाला है.

जब सोशल मीडिया पर कोई फिर ‘चार खोके जल्दी से ढीले करो...’ वाला सीन शेयर करेगा, घुंघरू सेठ का रिएक्शन आएगा और उसके बाद उदय शेट्टी का ठहाका गूंजेगा... तो हम उसे पहचान लेंगे. शायद मुस्कुराएंगे भी. लेकिन उसी मुस्कान के पीछे नाना की याद होगी.

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क्योंकि अब वह ठहाका सिर्फ Welcome का मजेदार सीन नहीं है. वह नाना की आवाज है, जो पर्दे से निकलकर हमेशा के लिए हमारी यादों में दर्ज हो गई है. कल तक जिस ठहाके पर हम हंसते थे... अब वही ठहाका सुनाई देगा तो आंखों में आंसू आ जाएंगे.

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