फिल्म हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर स्लीपर हिट साबित हुई है. शुरुआत में इसके इंडिया में केवल 350 शोज थे. ऑडियंस के फीके रिस्पॉन्स के बाद ये शो गिरकर 25 तक आ गए. ऐसे बुरे हालात देखकर फिल्म के डायरेक्टर और को-प्रोड्यूसर विशाल चतुर्वेदी परेशान हो गए. उन्हें फिल्म के पिटने की टेंशन होने लगी थी. लेकिन आज कमाल की बात है कि फिल्म 100 करोड़ की ओर बढ़ रही है. इसे इंटरनेशनल मार्केट में भी रिलीज किया जा रहा है.
नीम करोली बाबा की बरसी कृपा
द रौनक पॉडकास्ट में विशाल ने फिल्म को लेकर झेले संघर्ष पर बात की. उनके मुताबिक, दर्शकों की वजह से ये फिल्म चली है. उस वक्त थियेटर्स में बड़ी फिल्में शेड्यूल थीं. ऐसे में हमें कम स्क्रीन्स दी गईं. 250 से हमारे शो 25 कर दिए गए. PVR और सिनेपोलिस जैसे बड़े मल्टीप्लेक्स की प्राइम लोकेशन वाली ब्रांचों में हमारी फिल्म के शो लगाने को लेकर असमंजस था. इस अनिश्चितता के बीच, मुझे इंस्टा पर एक पोस्ट दिखी. जिसे मैं अभी तक इग्नोर कर रहा था.
कुछ पोस्ट्स थी जिसे लोगों ने खुद लिखा और उसे महाराज जी के मैसेज की तरह प्रेजेंट किया. अंदर ही अंदर मुझे फीलिंग थी कि मेरी फिल्म पिट गई है. तब मुझे एक इंस्टा पोस्ट दिखी, जिसमें लिखा था- अपना काम करो, बाकी की चिंता मुझ पर छोड़ दो. इस पोस्ट ने मुझे पहले हफ्ते में मोटिवेट किया.
स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार को विशाल ने अपने लीड एक्टर शोभिनव सत्य और म्यूजिक कंपोजर ऋषि पाठक के साथ सूरत जाने का फैसला किया. इस मोमेंट के बाद से फिल्म की किस्मत बदलनी शुरू हुई. विशाल ने कहा- हम सूरत गए थे, जहां हमारी मूवी का सिर्फ एक शो लगाया गया था. हम उस वक्त पहुंचे जब शो चल रहा था. वहां पहुंचते ही लोगों ने हमें गले से लगा लिया, वो रोने लगे. थिएटर मालिक लोगों का ऐसा रिएक्शन देखकर कुछ बोल नहीं पाया. उसने दूसरे थिएटर मालिकों को फोन करना शुरू किया और फिल्म के शो बढ़ने लगे. फिर हम वडोदरा और अलीगढ़ समेत कई जगहों पर गए और वहां भी शो की संख्या तेजी से बढ़ती गई. अलीगढ़ में फिल्म का पहला शो सिर्फ 15 मिनट में हाउसफुल हो गया.
बॉलीवुड से नाराज डायरेक्टर
लोगों का ऐसा रिएक्शन देखकर विशाल और उनकी टीम ने कई शहरों, थिएटरों और मंदिरों का दौरा किया. उन्होंने फिल्म का प्रमोशन किया और सीधे दर्शकों से जुड़ने की कोशिश की. विशाल के मुताबिक, जब उन्होंने बॉलीवुड के लोगों से मदद मांगी, तो कोई आगे नहीं आया. वो कहते हैं- फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स के बाद कई लोगों ने मुझे फोन करके बधाई दी. इनमें मधुर भंडारकर भी शामिल थे. मैंने उनसे किसी तरह की मदद नहीं मांगी थी. लेकिन मैंने बाकियों से मदद मांगी थी, पर उन्होंने मेरी हेल्प नहीं की. इंडस्ट्री के ज्यादातर लोगों को खुद नहीं पता होता कि क्या चलेगा, फिर भी वे दूसरों को ज्ञान देते हैं. इंडस्ट्री में दो तरह के लोग हैं- पहले वो जो सच में फिल्में बनाना चाहते हैं. दूसरे वो जिनमें कोई जुनून नहीं है. वो बस अपना लक आजमाने फिल्मों में आए हैं.
टॉक्सिक के फेलियर पर क्या बोले?
हनुमान अंश की रिलीज के करीब तीन हफ्ते बाद यश की फिल्म टॉक्सिक आई. इसे लेकर तगड़ा बज था. इसकी एडवांस बुकिंग कमाल की थी. लेकिन निगेटिव वर्ड माउथ के चलते फिल्म पिट गई. इसका फायदा हनुमान अंश को हुआ. टॉक्सिक के प्रदर्शन पर विशाल ने कहा, अगर कोई फिल्म 2 करोड़ रुपये में बन सकती है, तो उसे बनाना चाहिए. उसे भी सक्सेस मिल सकती है. वहीं कुछ फिल्मों के लिए बड़े स्तर और ज्यादा बजट की जरूरत होती है. यश शानदार एक्टर हैं. मेरा मानना है कि दोनों तरह की फिल्मों को जगह मिलनी चाहिए. किसी भी फिल्म की सक्सेस के लिए इमोशनल कनेक्शन बेहद जरूरी है.
हनुमान अंश अपने चौथे वीक में है. इसकी कमाई 75 करोड़ के करीब पहुंच चुकी है. उम्मीद है फिल्म 100 करोड़ के मार्क को टच करेगी.