सिकंदर खेर बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर्स अनुपम खेर और किरण खेर के बेटे हैं. फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें करीब 18 साल हो चुके हैं. 2008 में आई वुडस्टॉक विला से डेब्यू करने के बाद सिकंदर ने ज्यादातर सपोर्टिंग रोल्स किए और पिछले कुछ सालों में अपनी एक्टिंग से अच्छी पहचान भी बनाई है.
लेकिन सिकंदर के लिए एक चीज आज भी नहीं बदली- हर बार उनके काम से पहले उनके माता-पिता का नाम आ जाता है. अब उन्होंने खुलकर बताया है कि स्टार पेरेंट्स का बेटा होने का फायदा तो मिलता है, लेकिन इसके साथ एक अलग तरह का दबाव और लोगों का पूर्वाग्रह भी झेलना पड़ता है.
‘लोग मान लेते हैं कि मेरे लिए सब आसान था’
सिकंदर ने साइरस बरुचा से बातचीत के दौरान इस बारे में खुलकर बात की. उन्होंने शुरुआत में ही साफ कर दिया कि वह किसी कड़वाहट के साथ ये बातें नहीं कह रहे हैं. सिकंदर ने माना कि उनके माता-पिता की वजह से इंडस्ट्री में उन्हें कुछ फायदे जरूर मिलते हैं. जैसे, वह किसी कास्टिंग डायरेक्टर को फोन करके मिलने का वक्त मांग सकते हैं और उन्हें शायद आसानी से अपॉइंटमेंट मिल जाएगा. वह ऑफिस जाकर बिना लंबी लाइन में खड़े हुए मिल सकते हैं.
इतना ही नहीं, सिकंदर किसी से काम के लिए अपना नाम याद रखने की अपील भी कर सकते हैं. यानी फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री के दरवाजे तक पहुंचना उनके लिए शायद दूसरों के मुकाबले थोड़ा आसान रहा हो.
माता-पिता ने कभी उनके लिए काम नहीं मांगा
सिकंदर ने साथ ही एक अहम बात कही. उनके मुताबिक, उनके माता-पिता ने कभी उनके लिए किसी को फोन करके काम नहीं मांगा और न ही किसी प्रोजेक्ट में उन्हें कास्ट कराने की सिफारिश की. उन्होंने अपनी मां किरण खेर को लेकर कहा कि वह उनसे किसी भी बेटे की तरह प्यार करते हैं. लेकिन दिक्कत ये है कि 18 साल इंडस्ट्री में बिताने के बाद भी लोग उनसे उनके माता-पिता के बारे में ही सवाल करते रहते हैं.
सिकंदर ने कहा कि अब वह इससे बोर हो चुके हैं. उनके मुताबिक, लोग जब उन्हें देखने आते हैं तो उनके मन में पहले से एक धारणा होती है- ‘देखते हैं ये क्या कर सकता है.’ क्योंकि शायद उन्हें लगता है कि सिकंदर को सब कुछ आसानी से मिल गया होगा और अब देखना है कि उसमें खुद कितना दम है.
‘बहुत प्रेशर है, अब मैं इससे बोर हो चुका हूं’
सिकंदर ने माना कि अनुपम और किरण खेर जैसे एक्टर्स के बेटे होने की वजह से उनके ऊपर काफी दबाव रहता है. उनके माता-पिता दोनों का शानदार और लंबा करियर रहा है. ऐसे में लगातार उनसे तुलना होना भी स्वाभाविक है. सिकंदर ने बताया कि उन्हें लगता है कि लोग उन्हें थोड़ा पूर्वाग्रह लेकर देखते हैं. यानी पहले से मान लेते हैं कि ‘इसे तो आसानी से सब मिल गया होगा.' फिर उनके काम को उसी नजरिए से परखा जाता है.
सिकंदर ने क्यों छोड़ा फैमिली ग्रुप?
बातचीत में सिकंदर ने अपने पिता अनुपम खेर की एक मजेदार आदत का भी खुलासा किया. उन्होंने बताया कि अनुपम खेर तारीफ सुनना खूब पसंद करते हैं. अगर कोई उनकी तारीफ करता है तो अनुपम न सिर्फ उसका वीडियो बना लेते हैं, बल्कि उसे अपने फैमिली ग्रुप में भी शेयर कर देते हैं.
सिकंदर ने मजाक में कहा कि अब वह फैमिली ग्रुप में ही नहीं हैं, क्योंकि वहां सिर्फ उनके पिता की तस्वीरें और वीडियो आते रहते हैं. यहां तक कि अगर अनुपम खेर ‘हैप्पी इंडिपेंडेंस डे’ भी लिखते हैं, तो साथ में अपनी फोटो जरूर होती है. सिकंदर ने मजाक करते हुए कहा कि वह कभी-कभी सोचते हैं- ‘इसमें कम से कम एक तिरंगा भी लगा देते.’
सिकंदर, किरण खेर के पहले पति के बेटे हैं
सिकंदर खेर, किरण खेर और उनके पहले पति गौतम बेरी के बेटे हैं. किरण ने बाद में अनुपम खेर से शादी की थी. उस वक्त सिकंदर करीब 3-4 साल के थे. अनुपम और किरण की अपनी कोई दूसरी संतान नहीं है. अनुपम खेर पहले भी सिकंदर के साथ अपने रिश्ते और खुद की संतान न होने को लेकर खुलकर बात कर चुके हैं.
मई 2026 में राज शमानी से बातचीत में अनुपम ने कहा था कि जब उन्होंने किरण से शादी की, तब सिकंदर करीब 4 साल के थे और उन्होंने कभी खुद को किसी चीज से वंचित महसूस नहीं किया.
हालांकि, एक दूसरी बातचीत में अनुपम ने ये भी माना था कि कभी-कभी उन्हें लगता है कि एक बच्चे को बड़ा होते देखना और उसके साथ उस बॉन्डिंग को महसूस करना एक खूबसूरत अनुभव होता. उन्होंने इसे अपनी जिंदगी की कोई त्रासदी नहीं माना, लेकिन कहा कि कभी-कभी उन्हें लगता है कि यह अच्छा अनुभव होता.
एक्टिंग में अपनी जगह बनाने की कोशिश जारी
सिकंदर खेर को फिल्म इंडस्ट्री में 18 साल हो चुके हैं और अब वह सिर्फ अपने माता-पिता की पहचान से बाहर निकलकर अपनी अलग जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हाल में वह ‘बेबी डू डाई डू’ और ‘इक्कीस’ जैसी फिल्मों में नजर आए हैं. उनके लिए चुनौती सिर्फ काम पाना नहीं, बल्कि हर बार ये साबित करना भी है कि वह अनुपम खेर और किरण खेर के बेटे से कहीं ज्यादा- अपनी खुद की पहचान रखने वाले एक्टर हैं.