दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में आम आदमी पार्टी ने नया कीर्तिमान रच डाला है. AAP ने विधानसभा की 70 सीटों में से 67 सीटों पर कब्जा जमा लिया. बीजेपी महज 3 सीटों पर ही विजय पताका फहराने में कामयाब हो सकी. सबसे बुरी गत कांग्रेस की हुई, जो अपना खाता तक नहीं खोल पाई.
अरविंद केजरीवाल को औपचारिक तौर पर AAP विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. इस तरह अरविंद केजरीवाल का एक बार फिर से दिल्ली का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है. पार्टी के मुताबिक, केजरीवाल 14 फरवरी को ऐतिहासिक रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. केजरीवाल को Z प्लस श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने का निर्णय किया गया है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव के तहत मंगलवार को नौ जिलों के 14 केंद्रों पर हुई. पहला नतीजा करीब 10:30 बजे आम आदमी पार्टी के पक्ष में आया. बदरपुर सीट से AAP के नारायण दत्त चुनाव जीते. लेकिन वोटों की गिनती शुरू होते ही आम आदमी पार्टी एक ऐसी जीत की ओर बढ़ी, जो न सिर्फ ऐतिहासिक है, बल्कि एक ऐसे समय की जीत है, जब केंद्र की सत्ता पर बीजेपी है और राजनीति के दिल यानी दिल्ली में उसे दिल के गलीचे में भी जगह नहीं मिल पाई.
साल 2013 के विधानसभा चुनाव में 49 दिनों तक सत्ता का स्वाद चखने वाली AAP इस बार पूर्ण बहुमत के साथ 'पांच साल केजरीवाल' के नारे को आगे बढ़ाएगी. शाम 5 बजे कॉस्टिट्यूशन क्लब में पार्टी विधायकों की बैठक होनी है, जिसमें सरकार बनाने की राणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा.
उद्धव ठाकरे ने दी बधाई
महाराष्ट्र में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने AAP को जबरदस्त जीत पर बधाई दी है. पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केजरीवाल को फोन पर बधाई दी है. ठाकरे ने बताया कि उन्होंने केजरीवाल को शुभकामना दी और साथ ही सुझाव दिया कि वह पहले की गलतियों को न दोहराएं. ठाकरे ने दिल्ली के वोटरों को भी बधाई दी है.
बेदी की हार से हर्षवर्धन आहत
बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने किरण बेदी के चुनाव हारने पर दुख जताया है. बेदी जिस कृष्णानगर सीट से चुनाव हारीं, वह हर्षवर्धन की पारंपरिक सीट रही है. हर्षवर्धन ने ट्विटर पर लिखा कि पार्टी की हार के बावजूद वह क्षेत्र की जनता से जुड़े रहेंगे.
Saddened by Krishna Nagar verdict,but my association with my old constituency will continue.Warmest to Mrs Bedi for putting up stiff fight.
— Dr. Harsh Vardhan (@drharshvardhan)
दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राजधानी में बीजेपी का किला ध्वस्त कर दिया है. बीजेपी की सीएम प्रत्याशी किरण बेदी सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली कृष्णानगर सीट से चुनाव हार गई हैं. वह 2476 वोटों से AAP उम्मीदवार एसके बग्गा के मुकाबले चुनाव हारीं. अपनी हार पर प्रतिक्रिया देते हुए बेदी ने कहा, 'हार जीत अपनी जगह है. जिन लोगों ने भी मुझे वोट किया. मेरे साथ प्रचार का हिस्सा बनें मैं उन्हें धन्यवाद करना चाहती हूं.' बेदी ने कहा कि वह केजरीवाल और उनकी टीम को पूरे नंबर देंगी और हार की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेती हैं.
किरण बेदी ने पार्टी की हार जी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा गया और पीएम मोदी सीएम प्रत्याशी नहीं थे. बेदी ने कहा कि केजरीवाल ने कड़ी मेहनत की और उनकी मेहनत 5 साल के लिए है. बेदी ने कहा, 'मैं बीजेपी की सदस्य बनी रहूंगी और जनता के बीच जाकर काम करूंगी.'

केजरीवाल की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी को मिले बहुमत पर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को बधाई दी है. केजरीवाल ने अपनी मेहनत और जीत के प्रति अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल का भी धन्यवाद किया. केजरीवाल ने कहा, 'हमें बीजेपी और कांग्रेस की तरह अहंकार नहीं करना है. जनता ने जैसा जनादेश दिया है, मुझे डर लग रहा है. अगर हमने अहंकार किया तो जनता पांच साल बाद हमें भी सबक सिखा देगी.'
राहुल गांधी ने बधाई दी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी AAP की जीत पर अरविंद केजरीवाल को बधाई दी है. राहुल ने कहा, 'दिल्ली की जनता ने AAP को चुना है और हम इसका सम्मान करते हैं.'
यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने भी ट्विटर पर आम आदमी पार्टी को बधाई दी है. इसके अलावा आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने पहले ट्विटर और फिर फोन पर केजरीवाल को बधाई दी है.
Just spoke to to congratulate him..BJP's arrogancy defeated fantastically
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
AAP को मुबारक़बाद, AAP की नई सरकार को शुभकामनाएं
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh)
PM नरेंद्र मोदी ने फोन पर दी बधाई
आम आदमी पार्टी के बेहतरीन प्रदर्शन पर PM नरेंद्र मोदी ने फोन कर अरविंद केजरीवाल को बधाई दी है. बताया जाता है कि केजरीवाल ने जवाब में मोदी से कहा कि वह मिलने आएंगे. मोदी ने इस बाबत ट्वीट भी किया है.
Spoke to & congratulated him on the win. Assured him Centre's complete support in the development of Delhi.
— Narendra Modi (@narendramodi)

सुबह करीब 10 बजे तक के रुझानों में बीजेपी+ ईकाई अंक 9 सीटों पर बढ़त के साथ सिमट कर रह गई, जबकि आम आदमी पार्टी 60 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी. कांग्रेस का सफाया हो गया, वहीं अन्य के खाते में एक सीट पर बढ़त थी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को इस अप्रत्याशित जीत के लिए बधाई दी है.

'आप' में जश्न
शुरुआती रुझानों में आम आदमी पार्टी बीजेपी को पटखनी देकर जबरदस्त सीट की ओर आगे बढ़ी. 'आप' के दफ्तर में कार्यकर्ता और नेता काफी उत्साहित हैं. पार्टी नेता कुमार विश्वास ने जीत पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'दुनिया देख रही है दम, दिल्ली जीत रहे हैं हम.' विश्वास मंगलवार को अपना जन्मदिन भी मना रहे हैं.

सुबह करीब 9 बजे तक की मतगणना में आम आदमी पार्टी को 55 फीसदी, बीजेपी को 31 और कांग्रेस को 10 फीसदी वोट मिले.

मतगणना के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए 673 उम्मीदवार मैदान में हैं और अब मतगणना के साथ ही उनकी किस्मत का फैसला हो जाएगा. मतगणना की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी. पार्टी कार्यकर्ताओं को मतगणना के समय केंद्र में जाने की अनुमति होगी.
इस बीच दिल्ली इलेक्शन कमिश्नर हरि शंकर ब्रम्हा ने कहा कि सुबह 11:30 बजे तक चुनाव के नतीजे सामने होंगे. यानी मतगणना शुरू होते ही तीन घंटों के भीतर दिल्ली की सियासी तस्वीर साफ हो जाएगी. दिल्ली विधानसभा के लिए 7 फरवरी 2015 यानी शनिवार को हुए मतदान के बाद नौ जिलों में स्ट्रॉन्ग रूम में रखे गए 20 हजार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है. इसमें अर्धसैनिक बल सहित 10 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. सभी स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों, सशस्त्र पुलिस और स्थानीय पुलिस को तैनात किया गया है.
एग्जिट पोल में AAP आगे
दिल्ली विधानसभा के लिए शनिवार को हुए मतदान में 67.14 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. मतदान खत्म होने के बाद आए एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को 31 से लेकर 53 सीटें तक मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है. सर्वे के मुताबिक, बीजेपी को 17-35 सीटें मिल सकती हैं. कांग्रेस का इस चुनाव में लगभग सफाया हो सकता है. दिल्ली पर 15 वर्षों तक शासन कर चुकी कांग्रेस की स्थिति इस चुनाव में बहुत बुरी दिख रही है और एक्जिट पोल परिणामों में या तो उसे एक भी सीट नहीं दी गई है या फिर बमुश्किल चार सीटें दी गई हैं.
बहुमत के लिए जरूरत
किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 70 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 36 सीटों की जरूरत होगी. एक को छोड़ शेष चार मतदान बाद के सर्वेक्षणों में 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी को बहुमत हासिल होने का अनुमान जाहिर किया गया है. विधानसभा का यह चुनाव अत्यंत कड़ा मुकाबला साबित हुआ. यह चुनाव 'आप' संयोजक अरविंद केजरीवाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सीधी लड़ाई बन गई. जबकि बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री चेहरा किरण बेदी रहीं. कांग्रेस अजय माकन के नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरी.