जयपुर के अजमेर रोड हाईवे पर मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे में तेज रफ्तार ट्रेलर ने एक परिवार को ही रौंद दिया. इस दर्दनाक हादसे में 3 बच्चों और उनके पिता की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बच्चों की माँ के दोनों पैर कुचल गए. हादसे के बाद ट्रेलर चालक के रिकॉर्ड ने और भी चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.जांच में सामने आया है कि ट्रेलर RJ-19 GF-8085 का चालक आदतन यातायात नियम तोड़ने वाला है. ट्रेलर पर अब तक 9 चालान दर्ज हैं. इनमें पिछले छह महीनों में राजस्थान में 6 चालान काटे गए, जबकि 2020 में बिहार में ओवरलोडिंग के तीन चालान हुए थे.
रिकॉर्ड के अनुसार चालक पर ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग, बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने और रिफ्लेक्टिव टेप नहीं होने जैसे गंभीर उल्लंघनों में कार्रवाई हो चुकी थी. इसके बावजूद ट्रेलर लगातार सड़कों पर दौड़ता रहा.चालानों का रिकॉर्ड भी लापरवाही की पूरी कहानी बयां करता है.
3 जुलाई को सीकर में ओवरलोडिंग, 6 जून को नागौर में अधिक भार, 23 अप्रैल को जयपुर में सीट बेल्ट नहीं लगाने, 15 अप्रैल को बीकानेर में रिफ्लेक्टिव टेप नहीं होने, 2 अप्रैल को सुजानगढ़ में बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने और 11 जनवरी को किशनगढ़ में यातायात नियम उल्लंघन पर चालान किए गए थे.
वहीं 2020 में बिहार में ओवरलोडिंग के तीन मामलों में 2500-2500 रुपए के चालान काटे गए थे. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बार नियम तोड़ने के बावजूद ऐसे वाहन और चालक पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अगर बार-बार हो रहे उल्लंघनों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो शायद अजमेर रोड पर एक परिवार नहीं उजड़ता.