दिल्ली विधानसभा चुनाव के तहत मंगलवार को नौ जिलों के 14 केंद्रों पर मतगणना की जाएगी. मतगणना के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए 673 हैं और अब मतगणना के साथ ही उनकी किस्मत का फैसला हो जाएगा. मंगलवार को सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होगी और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी. पार्टी कार्यकर्ताओं को केंद्र में जाने की अनुमति होगी.
दिल्ली विधानसभा के लिए शनिवार को हुए मतदान के बाद नौ जिलों में स्ट्रांग रूम में रखे गए 20 हजार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की तीन स्तरीय गई है. इसमें अर्धसैनिक बल सहित 10 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
सभी स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों, सशस्त्र पुलिस और स्थानीय पुलिस को तैनात किया गया है.
दिल्ली विधानसभा के लिए शनिवार को हुए मतदान में 67.14 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.
शनिवार को मतदान खत्म होने के बाद आए सर्वेक्षणों में आम आदमी पार्टी को 31 से लेकर 53 सीटें तक मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है.
सर्वे के अनुसार, बीजेपी को 17-35 सीटें मिल सकती हैं. कांग्रेस का इस चुनाव में लगभग सफाया हो सकता है. दिल्ली पर 15 वर्षो तक शासन कर चुकी कांग्रेस की स्थिति इस चुनाव में बहुत बुरी दिख रही है, और एक्जिट पोल परिणामों में या तो उसे एक भी सीट नहीं दी गई है, या फिर बमुश्किल चार सीटें दी गई हैं.
किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 70 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 36 सीटों की जरूरत होगी.
एक को छोड़ शेष चार मतदान बाद के सर्वेक्षणों में 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी को बहुमत हासिल होने का अनुमान जाहिर किया गया है. विधानसभा का यह चुनाव अत्यंत कड़ा मुकाबला साबित हुआ. यह चुनाव आप संयोजक केजरीवाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सीधी लड़ाई बन गई. बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री चेहरा हालांकि किरण बेदी रहीं.
अगर आप विजेता बनती है तो इसे मोदी-अमित शाह के मंसूबे पर आघात की तरह देखा जाएगा, क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान हर रैली में प्रधानमंत्री ने केजरीवाल पर व्यक्तिगत आक्षेप कर कहा था कि दिल्ली को ऐसे शख्स की जरूरत नहीं है.
आप और बीजेपीसे अलग कांग्रेस हतप्रभ है. सर्वे में कहा गया है कि 15 वर्षो तक दिल्ली पर राज करने वाली कांग्रेस या तो साफ होगी या उसे केवल 4 सीटें ही मिल पाएंगी. पिछले चुनाव में कांग्रेस को 8 सीटें मिली थीं.
इस चुनाव में कुल 673 प्रत्याशियों में महिला प्रत्याशियों की संख्या 63 है. तीनों बड़ी पाटियों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने क्रमश: आठ, छह और पांच महिलाओं को ही प्रत्याशी बनाया है.
उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी सीट पर सबसे अधिक 18 उम्मीदवार हैं, जबकि दक्षिणी दिल्ली के अंबेडकर नगर सीट से सबसे कम चार उम्मीदवार हैं.
गौरतलब है कि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी31 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि पहली बार चुनाव में उतरी आप को 28 सीटें मिली थीं. कांग्रेस को सिर्फ आठ सीटों पर संतोष करना पड़ा था.
त्रिशंकु विधानसभा के बीच आप ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई थी, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सदन में दिल्ली जन लोकपाल विधेयक पारित नहीं किए जाने के कारण 49वें दिन 14 फरवरी, 2014 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद पिछले साल 17 फरवरी से यहां राष्ट्रपति शासन लागू है.
- इनपुट IANS