झारखंड की राजमहल लोकसभा सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा के विजय कुमार हांसदा ने शानदार जीत हासिल की है. उन्होंने अपने करीबी प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हेमलाल मुरमू को 99195 वोटों से करारी मात दी. इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के विजय कुमार हांसदा को 507830 वोट हासिल हुए, जबकि दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी के हेमलाल मुरमू को 408635 वोटों से संतोष करना पड़ा.
इससे पहले 19 मई को सातवें चरण में राजमहल लोकसभा सीट पर वोट डाले गए थे. यहां 71.83% मतदान हुआ था. चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण तरीके से मतदान सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए थे. इस सीट पर कुल 14 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाने उतरे थे.
जानिए इस चुनाव में किसको कितने वोट मिले
23 मई को मतगणना के दिन कैसे चला रुझान
LIVE 20:30 IST- देखिए अब तक किसको किसको कितने वोट मिले.
इस लोकसभा सीट पर मतगणना के दौरान मिलने वाले रुझान और अंतिम परिणाम जानने के लिए इस पेज पर बने रहें. इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है. लिहाजा आप भी इस पेज को लगातार रिफ्रेश करते रहें.
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कौन-कौन थे उम्मीदवार
झारखंड की राजमहल लोकसभा सीट पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट) ने गोपीन सोरेन, बहुजन समाज पार्टी ने बैधनाथ पहाड़िया, तृणमूल कांग्रेस ने मोनिका किस्कू, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने विजय कुमार हांसदा, भारतीय जनता पार्टी ने हेमलाल मुरमू, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने नीरज हेम्ब्रोम, हिंदुस्तान निर्माण दल ने महाशय टुडू और बहुजन मुक्ति पार्टी ने मेरी निशा हांसदा को चुनाव मैदान में उतारा था. राजमहल लोकसभा सीट से कुल 14 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाने चुनाव मैदान में उतरे थे.
पिछली बार किसने मारी बाजी
साल 2014 के चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के विजय कुमार हांसदा ने बीजेपी के हेमलाल मुरमू को हराया था. विजय कुमार हांसदा को 3.79 लाख और हेमलाल मुरमू को 3.38 लाख वोट मिले थे.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
साल 1957 में इस सीट सीट से कांग्रेस के टिकट पर पाइका मुरमू जीते थे. इसके बाद कांग्रेस के ही टिकट पर 1962, 1967 और 1971 का चुनाव ईश्वर मरांडी जीतने में कामयाब हुए. 1977 में इस सीट से जनता पार्टी के एंटन मुरमू जीते. 1980 में कांग्रेस ने फिर वापसी की और उसके टिकट पर 1980 व 1984 का चुनाव सेठ हेमभ्रम जीतने में कामयाब हुए.
1989 में पहली बार इस सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का खाता कुला और उसके टिकट पर 1989 और 1991 का चुनाव सिमोन मरांडी जीते. 1996 में कांग्रेस के थॉमस हांसदा जीते. 1998 में पहली बार इस सीट पर कमल खिला और यहां से उसके टिकट पर सोम में मरांडी जीते. 1999 में कांग्रेस के थॉमस हांसदा जीते. 2004 के चुनाव झामुमो की हेमलाल मुरमू जीते. 2009 का चुनाव बीजेपी के देविधान बेसरा जीतने में कामयाब हुए. 2014 का चुनाव झामुमो के विजय कुमार हांसदा जीते.
सामाजिक तानाबाना
इस लोकसभा सीट के अन्तर्गत छह विधानसभा सीटें (राजमहल, बोरियो, बरहेत, लिटिपारा, पाखुड़, महेशपुर) आते हैं. इसमें बोरियो, बरहेत, लिटिपारा और महेशपुर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. 2014 के आम चुनाव के दौरान इस सीट पर मतदाताओं की संख्या करीब 13.53 लाख थी. इसमें 6.91 लाख पुरुष और 6.61 लाख महिला मतदाता शामिल हैं.
राजमहल लोकसभा सीट साहिबगंज और पाकुड़ जिले में फैली हुई है. यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. यह क्षेत्र राजमहल की पहाड़ियों और गंगा नदी से घिरा हुआ है. इस सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा के विजय कुमार हांसदा सांसद हैं.
मध्य काल में इस क्षेत्र को उगमहल के नाम से जाना जाता था. इस क्षेत्र में अकबर मस्जिद और बंगाल के नवाब मीर कासिम का महल है. इस सीट पर बांग्लादेशी घुसपैठ सबसे अहम मुद्दा है. बताया जाता है कि राजमहल लोकसभा क्षेत्र के तहत आनेवाले साहिबगंज जिले के बड़हरवा और राधानगर थाना क्षेत्र में करीब लाखों बांग्लादेशियों ने शरण ले रखी है.
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