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बंगाल चुनाव में अब ओवैसी की परीक्षा, मुस्लिम बहुल सीटों पर हैं AIMIM कैंडिडेट

पश्चिम बंगाल की महज 7 सीटों पर असदुद्दीन ओवैसी ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं. AIMIM के टिकट पर इतहार सीट पर मोफाककर इस्लाम, जलंगी सीट पर अलसोकत जामन, सागरदिघी सीट पर नूरे महबूब आलम, भरतपुर सीट पर सज्जाद हुसैन, मालतीपुर सीट पर मौलाना मोतिउर रहमान, रतुआ सीट पर सईदुर रहमान और आसनसोल उत्तर सीट दानिश अजीज किस्मत आजमा रहे हैं. 

असदुद्दीन ओवैसी असदुद्दीन ओवैसी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ओवैसी ने बंगाल की सात सीटों पर उतारे प्रत्याशी
  • मुस्लिम बहुल सीटों पर ओवैसी का मुस्लिम दांव
  • ओवैसी की एंट्री के कांग्रेस-लेफ्ट-टीएमसी के चिंता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एंट्री ले ली है. आइएसएफ प्रमुख फुरफुराशरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी के झटके से उभरने के बाद ओवैसी अकेले दम पर बंगाल के सियासी रण में उतरे हैं. AIMIM ने मुस्लिम बहुल सात सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिनका किस्मत का फैसला अंतिम तीन चरणों के चुनाव में जनता तय करेगी.

बंगाल चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी ने अपने सियासी पत्ते खोल दिए हैं. बंगाल की महज 7 सीटों पर ओवैसी ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं. AIMIM के टिकट पर इतहार सीट पर मोफाककर इस्लाम, जलंगी सीट पर अलसोकत जामन, सागरदिघी सीट पर नूरे महबूब आलम, भरतपुर सीट पर सज्जाद हुसैन, मालतीपुर सीट पर मौलाना मोतिउर रहमान, रतुआ सीट पर सईदुर रहमान और आसनसोल उत्तर सीट दानिश अजीज किस्मत आजमा रहे हैं. 

असदुद्दीन ओवैसी ने जिन सात सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं, उनमें से 3 सीटें कांग्रेस, 3 सीटें टीएमसी और एक सीट पर लेफ्ट का कब्जा है. मुस्लिम बहुल इस सभी सीटों पर असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम कैंडिडेट उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है, क्योंकि कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन और टीएमसी ने भी इन सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशियों पर दांव खेला है. इस तरह से इन सीटों पर जबरदस्त मुकाबला होने की संभावना है. 

इतहार सीट पर 52 फीसदी मुस्लिम

इतहार सीट पर छठे चरण चुनाव में होने है, यहां करीब 52 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं. 2016 में इस सीट पर टीएमसी से अमल आचार्यजी ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार ममता बनर्जी ने अपने मौजूदा विधायक का टिकट काटकर मुशर्रफ हुसैन को उतारा है. ऐसे में ओवैसी ने भी मुस्लिम कैंडिडेट का दांव खेलकर टीएमसी के सामने चुनौती पेश कर दी है. 

सागरदिघी सीट पर 65 फीसदी मुस्लिम 

वहीं, सागरदिघी, मालतीपुर, असनसोल उत्तर और रतुआ सीट पर सातवें चरण में चुनाव होने हैं. सागरदिघी सीट पर 65 फीसदी मुस्लिम है. यहां से टीएमसी के सुब्रत साहा दो बार से लगातार जीत रहे हैं और हैट्रिक लगाने के लिए मैदान में उतरे हैं. वहीं, बीजेपी ने कल्पना घोष को मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशी के तौर पर एक बार फिर से अमिनुल इस्लाम को फिर से उतारा है, जिनके खिलाफ ओवैसी ने भी मुस्लिम दांव चला है.

मालतीपुर सीट पर तीन मुस्लिम प्रत्याशी 

मालतीपुर सीट पर 37 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं. यहां कांग्रेस के अलबेरुनी जुल्करनैन विधायक हैं और एक बार फिर से चुनावी मैदान में हैं. इस सीट पर टीएमसी ने रहीम बक्सी और बीजेपी ने मौसमी दास को उतारा है जबकि ओवैसी ने भी मुस्लिम प्रत्याशी पर दांव खेला है. इस तरह से तीन मुस्लिम के बीच बीजेपी अपनी जीत की उम्मीद लगाए हुए हैं. 

रतुआ में कांग्रेस की राह में AIMIM का रोड़ा

रतुआ सीट पर करीब 41 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं. यहां कांग्रेस से समर मुखर्जी ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार वो टीएमसी से चुनावी मैदान में हैं. बीजेपी ने इस सीट पर अभिषेक सिंघानिया को मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने इस पार मुस्लिम कैंडिडेट पर दांव खेला और ओवैसी ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है. 

असनसोल में टीएमसी के मंत्री फंसे

आसनसोल उत्तर सीट पर करीब 20 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं. यहां पर टीएमसी के श्रम मंत्री मोलॉय घटक का कब्जा है और वह एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं. बीजेपी ने कृष्णनेंदु मुखर्जी को उतारा है जबकि कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन ने यह सीट अब्बास सिद्दीकी की दी है, जिन्होंने मो. मुस्तकीम को उतारा है. इस सीट पर ओवैसी ने भी मुस्लिम दांव चला है. ऐसे में यहां की लड़ाई काफी रोचक हो गई है. 

जालंगी सीट पर 73 फीसदी मुस्लिम

बंगाल के आठवें चरण जालंगी सीट और भरतपुर सीट पर चुनाव होना है. जालंगी विधानसभा सीट पर 73 फीसदी मुस्लिम मतदाता है. यहां सीपीआईएम के अब्दुल रज्जाक ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार वो टीएमसी से किस्मत आजमा रहे हैं. ऐसे में लेफ्ट ने सैफुल इस्लाम को उतारा है जबकि बीजेपी ने चंदन मंडल पर दांव लगाया है. इस तरह से ओवैसी ने मुस्लिम दांव खेलकर लेफ्ट और टीएमसी की राह में मुश्किल पैदा कर दी है. 

भरतपुर सीट पर 58 फीसदी मुस्लिम

भरतपुर सीट पर 58 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं. 2016 में यहां से कांग्रेस के कमलेश चटर्जी ने जीत दर्ज की थी और एक बार फिर से चुनावी मैदान में उतरे हैं. टीएमसी ने हुमाऊं कबीर को उतारा है जबकि बीजेपी ने कल्याण मुखर्जी को प्रत्याशी बनाया है. ऐसे में ओवैसी ने मुस्लिम कैंडिडेट उतारकर मुकाबले को रोचक कर दिया है और टीएमसी की राह में मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. 

AIMIM के कैंडिडेट और सीट को देखते हुए साफ जाहिर होता है कि असदुद्दीन ओवैसी की नजर मुस्लिम मतदाताओं पर है. यही वजह है कि ममता बनर्जी ने ओवैसी को बीजेपी का एजेंट बता रही हैं और मुसलमानों को एकजुट होने की अपील कर रही है. ऐसे में देखना है कि बंगाल के सियासी रण में ओवैसी मुस्लिम मतों के सहारे क्या सियासी गुल खिलाते हैं.

 

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