BJP
INC
CPM
AITC
SUCI
IND
IND
Nota
NOTA
पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले में स्थित केशपुर विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और यह घाटल लोकसभा सीट के सात खंडों में से एक है. यह क्षेत्र पूरी तरह ग्रामीण है. यहां एक भी शहरी मतदाता नहीं है. केशपुर सामुदायिक विकास खंड में 570 आबाद गांव शामिल हैं, जो 15 ग्राम पंचायतों में विभाजित हैं.
1951 में स्थापित केशपुर विधानसभा क्षेत्र ने अब तक 16 बार चुनाव देखे हैं, सिवाय 1957 के जब यह अस्तित्व में नहीं था. शुरुआती वर्षों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने 1951 में पहली जीत दर्ज की. इसके बाद CPI(M) ने 1982 से 2011 के बीच सात बार यहां जीत हासिल की. कांग्रेस पार्टी ने पांच बार और बंगला कांग्रेस ने 1969 में एक बार जीत दर्ज की थी.
लंबे संघर्ष और हिंसा के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आखिरकार 2016 में CPI(M) का गढ़ तोड़ा. श्यूली साहा ने CPI(M) के तत्कालीन विधायक रमेश्वर डोलोई को 1,01,151 वोटों के भारी अंतर से हराया. 2021 में उन्होंने BJP के पृथीश रंजन कुआर को 20,720 वोटों से हराकर सीट बरकरार रखी और बाद में ममता बनर्जी सरकार में राज्य मंत्री बनीं.
केशपुर में 2021 में 2,61,529 पंजीकृत मतदाता थे, जो 2019 में 2,50,434 और 2016 में 2,32,684 थे. यहां अनुसूचित जातियों की आबादी 26.46%, अनुसूचित जनजातियों की 5.78%, और मुस्लिम मतदाता 27.30% हैं. मतदान प्रतिशत हमेशा ऊंचा रहा है. 2021 में 88.04%, 2019 में 85.21% और 2016 में 87.91% रहा था.
लोकसभा चुनावों में भी तृणमूल कांग्रेस ने अपना वर्चस्व बनाए रखा. 2019 में उसने BJP से 92,074 वोटों की बढ़त बनाई और 2024 में यह अंतर बढ़कर 1,03,358 वोट तक पहुंच गया. हालांकि बीजेपी अब दूसरे स्थान पर है, लेकिन तृणमूल से उसकी दूरी अभी भी काफी है.
केशपुर का भूभाग मुख्यतः समतल और लेटेराइट मिट्टी वाला है, जो मिदनापुर सदर उपखंड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान है. आसपास के क्षेत्र में गोयालतोरे और सालबोनी के जंगल फैले हुए हैं, जो पश्चिम मिदनापुर के बड़े वन क्षेत्र का हिस्सा हैं. कांगसाबती और शिलाबती नदियां इस इलाके से बहती हैं, जो कृषि और सिंचाई के लिए जीवनरेखा हैं. यहां धान प्रमुख फसल है, जबकि सब्जियां और दालें भी बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं. अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि आधारित है, लेकिन छोटे व्यापारी और ग्रामोद्योग भी स्थानीय लोगों की आजीविका का हिस्सा हैं.
राज्य राजमार्ग 7 (State Highway 7) केशपुर से होकर गुजरता है, जो इसे मिदनापुर शहर (24 किमी दक्षिण में) से जोड़ता है. अन्य नजदीकी शहरों में खड़गपुर (40 किमी), झाड़ग्राम (65 किमी), देबरा (30 किमी) और चंद्रकोणा रोड (35 किमी) शामिल हैं. कोलकाता, राज्य की राजधानी, यहां से लगभग 130 किमी दूर है.
हालांकि अब केशपुर में खून-खराबा रुक चुका है, लेकिन राजनीतिक तनाव आज भी महसूस किया जा सकता है. BJP का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस अब वही रणनीतियां अपना रही है जो पहले CPI(M) की पहचान थीं- धमकाना और बूथ कब्जाना. वामपंथी दलों का प्रभाव लगभग समाप्त हो चुका है, CPI अब मुश्किल से तीसरे स्थान पर आती है. भले ही BJP का आधार बढ़ा है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस अभी भी इस क्षेत्र में मजबूत और स्थिर स्थिति में है.
(अजय झा)
Pritish Ranjan Kuar
BJP
Rameswar Doloi
CPI(M)
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Assembly Election Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिक रहेंगी. पांचों चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जिस कारण लोग एग्जिट पोल्स का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं.
आज दस्तक में बात ईरान और अमेरिका के बीच अटकी और लटकी युद्धविराम वाली डील की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान का शांति प्रस्ताव एक बार फिर ठुकरा दिया हैं, पेच ट्रंप की परमाणु प्रतिज्ञा पर फंसा है. ईरान होर्मुज खोजने को तैयार है लेकिन अपने परमाणु प्रोग्राम पर अमेरिका के साथ समझौते को तैयार नहीं. अगर ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम पर अड़ा है तो ट्रंप अपनी परमाणु प्रतिज्ञा पर. ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, ईरान ने परमाणु प्रोग्राम की जिद नहीं छोड़ी तो अमेरिका एक बार फिर हमला कर सकता हैं. अब सवाल यही है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कैसे होंगे, क्या अमेरिका और ईरान की डील फंस गई, आगे क्या होगा?
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव का दूसरा चरण सत्ता की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. 142 सीटों पर होने वाली वोटिंग में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम है, जहां कई सीटों पर उनकी संख्या पुरुषों से ज्यादा है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर के बीच सभी दल महिला वोटरों को साधने में जुटे हैं, जिससे यह चरण और भी दिलचस्प बन गया है.
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एजेंट्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी ने रामपुर और संभल में अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इन एजेंट्स से कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ग्यारह घंटे बाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान का रण शुरु हो जाएगा. 142 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी से जुड़ी कई खबरों पर हम खबरदार करेंगे. बताएंगे कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का गोल बंगाल में होगा और क्या सियासी भूगोल बदलेगा? इसी चुनाव में वोटिंग से पहले चर्चा यूपी के सिंघम और बंगाल के पुष्पा की हो रही है. जहां एक अधिकारी हैं जो कहते हैं कायदे में रहो. और दूसरे प्रत्याशी हैं जो कहते हैं झुकुगंगा नहीं. तीसरी खबर एम यानी महिला वोटर के शक्ति परीक्षण की है. जो आज यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों तरफ से किया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच यूपी के IPS अफसर अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं. अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि एक पुलिस ऑब्जर्वर की जरूरत क्या होती है, वो क्या करते हैं, क्या वो किसी जगह जाकर वोटर के बीच में चेतावनी दे सकते हैं? आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने इस सभी सवालों का जवाब दिया. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में कल दूसरे चरण की वोटिंग होनी है. मतदान की बात करें तो पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी. ऐसे में राजनीतिक दलों में इसे लेकर भी भारी उठा-पटक देखने को मिल रही है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और बाद में उनके घर जाकर परिवार को डराने की कोशिश की. जहांगीर खान ने इसे चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस बयान से क्षेत्र का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.