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West Bengal Election Result 2026 Live: केशपुर विधानसभा सीट पर AITC ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
West Bengal Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
West Bengal Election Results 2026 Live: पश्चिम बंगाल चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Keshpur Assembly Election Result Live: केशपुर में BJP पीछे! जानें वोटों का अंतर कितना
West Bengal Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Keshpur Vidhan Sabha Chunav Result Live: पश्चिम बंगाल के MEDINIPUR क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले में स्थित केशपुर विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है और यह घाटल लोकसभा सीट के सात खंडों में से एक है. यह क्षेत्र पूरी तरह ग्रामीण है. यहां एक भी शहरी मतदाता नहीं है. केशपुर सामुदायिक विकास खंड में 570 आबाद गांव शामिल हैं, जो 15 ग्राम पंचायतों में विभाजित हैं.
1951 में स्थापित केशपुर विधानसभा क्षेत्र ने अब तक 16 बार चुनाव देखे हैं, सिवाय 1957 के जब यह अस्तित्व में नहीं था. शुरुआती वर्षों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने 1951 में पहली जीत दर्ज की. इसके बाद CPI(M) ने 1982 से 2011 के बीच सात बार यहां जीत हासिल की. कांग्रेस पार्टी ने पांच बार और बंगला कांग्रेस ने 1969 में एक बार जीत दर्ज की थी.
लंबे संघर्ष और हिंसा के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आखिरकार 2016 में CPI(M) का गढ़ तोड़ा. श्यूली साहा ने CPI(M) के तत्कालीन विधायक रमेश्वर डोलोई को 1,01,151 वोटों के भारी अंतर से हराया. 2021 में उन्होंने BJP के पृथीश रंजन कुआर को 20,720 वोटों से हराकर सीट बरकरार रखी और बाद में ममता बनर्जी सरकार में राज्य मंत्री बनीं.
केशपुर में 2021 में 2,61,529 पंजीकृत मतदाता थे, जो 2019 में 2,50,434 और 2016 में 2,32,684 थे. यहां अनुसूचित जातियों की आबादी 26.46%, अनुसूचित जनजातियों की 5.78%, और मुस्लिम मतदाता 27.30% हैं. मतदान प्रतिशत हमेशा ऊंचा रहा है. 2021 में 88.04%, 2019 में 85.21% और 2016 में 87.91% रहा था.
लोकसभा चुनावों में भी तृणमूल कांग्रेस ने अपना वर्चस्व बनाए रखा. 2019 में उसने BJP से 92,074 वोटों की बढ़त बनाई और 2024 में यह अंतर बढ़कर 1,03,358 वोट तक पहुंच गया. हालांकि बीजेपी अब दूसरे स्थान पर है, लेकिन तृणमूल से उसकी दूरी अभी भी काफी है.
केशपुर का भूभाग मुख्यतः समतल और लेटेराइट मिट्टी वाला है, जो मिदनापुर सदर उपखंड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान है. आसपास के क्षेत्र में गोयालतोरे और सालबोनी के जंगल फैले हुए हैं, जो पश्चिम मिदनापुर के बड़े वन क्षेत्र का हिस्सा हैं. कांगसाबती और शिलाबती नदियां इस इलाके से बहती हैं, जो कृषि और सिंचाई के लिए जीवनरेखा हैं. यहां धान प्रमुख फसल है, जबकि सब्जियां और दालें भी बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं. अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि आधारित है, लेकिन छोटे व्यापारी और ग्रामोद्योग भी स्थानीय लोगों की आजीविका का हिस्सा हैं.
राज्य राजमार्ग 7 (State Highway 7) केशपुर से होकर गुजरता है, जो इसे मिदनापुर शहर (24 किमी दक्षिण में) से जोड़ता है. अन्य नजदीकी शहरों में खड़गपुर (40 किमी), झाड़ग्राम (65 किमी), देबरा (30 किमी) और चंद्रकोणा रोड (35 किमी) शामिल हैं. कोलकाता, राज्य की राजधानी, यहां से लगभग 130 किमी दूर है.
हालांकि अब केशपुर में खून-खराबा रुक चुका है, लेकिन राजनीतिक तनाव आज भी महसूस किया जा सकता है. BJP का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस अब वही रणनीतियां अपना रही है जो पहले CPI(M) की पहचान थीं- धमकाना और बूथ कब्जाना. वामपंथी दलों का प्रभाव लगभग समाप्त हो चुका है, CPI अब मुश्किल से तीसरे स्थान पर आती है. भले ही BJP का आधार बढ़ा है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस अभी भी इस क्षेत्र में मजबूत और स्थिर स्थिति में है.
(अजय झा)
Pritish Ranjan Kuar
BJP
Rameswar Doloi
CPI(M)
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