BJP
INC
CPM
AITC
BSP
SUCI
RAJSP
IND
IND
IND
Nota
NOTA
पारा (Para) विधानसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में स्थित एक अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट है. यह पुरुलिया लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सात खंडों में से एक है. यह क्षेत्र पारा और रघुनाथपुर-II सामुदायिक विकास खंडों से मिलकर बना है और रघुनाथपुर उपखंड के अंतर्गत आता है, जो छोटा नागपुर पठार का निचला हिस्सा माना जाता है.
पारा विधानसभा क्षेत्र का गठन 1962 में हुआ था. तब से अब तक यहां 16 बार चुनाव हो चुके हैं, जिनमें 2009 का उपचुनाव भी शामिल है. वाम मोर्चे (CPI(M)) ने इस सीट पर लगातार आठ बार जीत दर्ज की. 1977 से लेकर 2009 के उपचुनाव तक यहां उसका मजबूत जनाधार बना रहा. इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने चार बार जीत हासिल की, जबकि बंगला कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने क्रमशः दो और एक बार जीत दर्ज की.
2021 के विधानसभा चुनाव में, जब भाजपा (BJP) को अब तक बाहरी पार्टी माना जाता था, उसने सभी को चौंका दिया. भाजपा उम्मीदवार नादिर चंद बौरी (Nadir Chand Bouri) ने उमापदा बौरी (Umapada Bauri) को 3,657 वोटों से पराजित किया. उमापदा बौरी इससे पहले 2011 में कांग्रेस टिकट और 2016 में तृणमूल टिकट पर विजयी हो चुके थे. वहीं कभी प्रभावशाली रही CPI(M) इस चुनाव में तीसरे स्थान पर सिमट गई.
2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने पारा में अपनी मौजूदगी का स्पष्ट संकेत दिया था, जब उसने तृणमूल कांग्रेस पर 41,242 वोटों की बढ़त बनाई थी. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में यह बढ़त घटकर 8,250 वोटों पर आ गई, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो गया है.
पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 2021 में 2,43,906 थी, जो 2024 में बढ़कर 2,55,933 हो गई. इनमें से अनुसूचित जाति (SC) मतदाताओं की हिस्सेदारी 34.42%, अनुसूचित जनजाति (ST) की 5.61%, और मुस्लिम मतदाताओं की 14.40% है. मतदान प्रतिशत लगातार ऊंचा रहा है, हालांकि इसमें गिरावट देखी जा रही है. 2016 में 82.15%, 2019 में 80.26%, 2021 में 79.56%, और 2024 में 75.50% मतदान रहा.
पारा का भूभाग छोटा नागपुर पठार से प्रभावित है और इसका भू-आकृतिक स्वरूप ऊबड़-खाबड़ व पहाड़ी है. यहां की मिट्टी लेटराइट (लाल मुरम) प्रकार की है. क्षेत्र से दामोदर और कांसाबती जैसी नदियां बहती हैं. यहां शुष्क पर्णपाती जंगल पाए जाते हैं, जिनमें साल, पलाश, महुआ और कुसुम प्रमुख वृक्ष हैं. कभी-कभी हाथियों के झुंड भी पड़ोसी झारखंड के जंगलों से यहाँ आ जाते हैं.
पारा की अर्थव्यवस्था का आधार मुख्यतः कृषि, वन उत्पाद और खनन है. यह क्षेत्र कोयला और डोलोमाइट जैसे खनिजों के लिए प्रसिद्ध है. निकटवर्ती रघुनाथपुर में कई औद्योगिक इकाइयां, जैसे बिजली संयंत्र और सीमेंट फैक्ट्रियां, कार्यरत हैं। इसके अलावा, कुटीर उद्योग और पत्थर खनन (quarrying) भी स्थानीय लोगों के रोजगार का साधन हैं.
पारा की सड़क संपर्क व्यवस्था धीरे-धीरे बेहतर हो रही है. यह क्षेत्र रघुनाथपुर (लगभग 18 किमी दूर) से जुड़ा हुआ है, जो इसका उपखंड मुख्यालय है. पुरुलिया नगर, जो जिले का मुख्यालय है, यहां से लगभग 35 किमी दक्षिण में स्थित है. राज्य की राजधानी कोलकाता लगभग 280 किमी दूर है, जबकि बिहार की राजधानी पटना लगभग 240 किमी उत्तर दिशा में स्थित है. पारा की सीमाएं झारखंड से मिलती हैं। इसके आसपास के प्रमुख शहर हैं बोकारो (65 किमी), धनबाद (70 किमी), जमशेदपुर (110 किमी) और रांची (130 किमी).
ऐतिहासिक रूप से, पारा क्षेत्र प्राचीन मानभूम जिला का हिस्सा रहा है और यहां की भूमि आदिवासी एवं लोक परंपराओं की समृद्ध विरासत को संजोए हुए है. यहां टेराकोटा मंदिर, छाऊ नृत्य जैसी लोक कलाएं, और ग्रामीण जीवन की जीवंत झलकियां देखने को मिलती हैं.
जैसे-जैसे 2026 के विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, पारा में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला तय माना जा रहा है. भाजपा के पास थोड़ी बढ़त तो है, लेकिन हालिया चुनावों में घटते अंतर यह संकेत देते हैं कि यह लड़ाई आसान नहीं होगी. वहीं, वाम मोर्चा–कांग्रेस गठबंधन पूरी तरह कमजोर दिख रहा है जिसने 2021 में मात्र 7.06% और 2024 में 6.72% वोट हासिल किए.
पारा अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां राज्य की सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस और केंद्र की सत्ताधारी भाजपा के बीच सीधी टक्कर होगी. यहां हर वोट निर्णायक साबित हो सकता है, क्योंकि पारा, पश्चिम बंगाल के बदलते राजनीतिक परिदृश्य का सटीक प्रतिबिंब है.
(अजय झा)
Umapada Bauri
AITC
Swapan Kumar Bauri
CPI(M)
Nota
NOTA
Jagannath Bauri
SUCI
Sudarshan Rajwar
BSP
Swapan Bauri
IND
Babita Bouri
IND
Assembly Election Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिक रहेंगी. पांचों चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जिस कारण लोग एग्जिट पोल्स का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं.
आज दस्तक में बात ईरान और अमेरिका के बीच अटकी और लटकी युद्धविराम वाली डील की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान का शांति प्रस्ताव एक बार फिर ठुकरा दिया हैं, पेच ट्रंप की परमाणु प्रतिज्ञा पर फंसा है. ईरान होर्मुज खोजने को तैयार है लेकिन अपने परमाणु प्रोग्राम पर अमेरिका के साथ समझौते को तैयार नहीं. अगर ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम पर अड़ा है तो ट्रंप अपनी परमाणु प्रतिज्ञा पर. ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, ईरान ने परमाणु प्रोग्राम की जिद नहीं छोड़ी तो अमेरिका एक बार फिर हमला कर सकता हैं. अब सवाल यही है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कैसे होंगे, क्या अमेरिका और ईरान की डील फंस गई, आगे क्या होगा?
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव का दूसरा चरण सत्ता की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. 142 सीटों पर होने वाली वोटिंग में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम है, जहां कई सीटों पर उनकी संख्या पुरुषों से ज्यादा है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर के बीच सभी दल महिला वोटरों को साधने में जुटे हैं, जिससे यह चरण और भी दिलचस्प बन गया है.
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एजेंट्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी ने रामपुर और संभल में अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इन एजेंट्स से कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ग्यारह घंटे बाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान का रण शुरु हो जाएगा. 142 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी से जुड़ी कई खबरों पर हम खबरदार करेंगे. बताएंगे कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का गोल बंगाल में होगा और क्या सियासी भूगोल बदलेगा? इसी चुनाव में वोटिंग से पहले चर्चा यूपी के सिंघम और बंगाल के पुष्पा की हो रही है. जहां एक अधिकारी हैं जो कहते हैं कायदे में रहो. और दूसरे प्रत्याशी हैं जो कहते हैं झुकुगंगा नहीं. तीसरी खबर एम यानी महिला वोटर के शक्ति परीक्षण की है. जो आज यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों तरफ से किया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच यूपी के IPS अफसर अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं. अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि एक पुलिस ऑब्जर्वर की जरूरत क्या होती है, वो क्या करते हैं, क्या वो किसी जगह जाकर वोटर के बीच में चेतावनी दे सकते हैं? आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने इस सभी सवालों का जवाब दिया. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में कल दूसरे चरण की वोटिंग होनी है. मतदान की बात करें तो पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी. ऐसे में राजनीतिक दलों में इसे लेकर भी भारी उठा-पटक देखने को मिल रही है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और बाद में उनके घर जाकर परिवार को डराने की कोशिश की. जहांगीर खान ने इसे चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस बयान से क्षेत्र का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.