मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अगुवाई वाले पश्चिम बंगाल में महिलाओं की मतदान भागीदारी लगातार बढ़ी है. पिछले चार विधानसभा चुनावों में पुरुष और महिला मतदाताओं के बीच अंतर धीरे-धीरे कम हुआ है, और अब महिलाएं कई जगह पुरुषों के बराबर या उनसे अधिक वोट दे रही हैं, आंकड़े इसी बात की गवाही दे रहे हैं. राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों के डेटा से पता चलता है कि कई सीटों पर महिलाएं पुरुषों के बराबर या उनसे ज्यादा मतदान कर रही हैं. यह पहले के चुनावों से बड़ा बदलाव है, जब पुरुषों की मतदान दर अधिक होती थी. अब महिलाएं चुनाव में एक मजबूत और निर्णायक शक्ति बन गई हैं.
महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ा: पश्चिम बंगाल में मतदान के वर्षों के आंकड़े
चुनाववार लिंग मतदान डेटा देखने पर पता चलता है कि 2006 में, महिलाओं की मतदान दर 80.75 प्रतिशत थी, जबकि पुरुषों की मतदान दर अधिक 82.34 प्रतिशत थी, जो एक स्पष्ट अंतर दिखाता है. 2011 में, अंतर लगभग समाप्त हो गया, महिलाओं की मतदान दर 84.45 प्रतिशत और पुरुषों की 84.22 प्रतिशत रही. 2016 में, दोनों लिंगों के लिए मतदान में वृद्धि हुई, महिलाओं ने 94.42 प्रतिशत मतदान किया, जो पुरुषों के 93.39 प्रतिशत से थोड़ा अधिक था. 2021 के विधानसभा चुनाव में, महिलाओं का मतदान दर 81.75 प्रतिशत रहा, जो पुरुषों की 81.37 प्रतिशत से फिर थोड़ी ज्यादा था.

वो जगह जहां महिलाओं ने अधिक मतदान किया
2021 के विधानसभा चुनाव में, पश्चिम बंगाल के कई निर्वाचन क्षेत्रों में महिलाएं पुरुषों की तुलना में बहुत अधिक संख्या में मतदान कर रही थीं. सबसे बड़ा अंतर इंग्लिश बाजार में था, जहां महिलाओं ने पुरुषों से 21 प्रतिशत अधिक मतदान किया. डुम डुम उत्तर में, महिलाओं की मतदान दर लगभग 19 प्रतिशत अधिक था. दासपुर में, महिलाएं लगभग 18 प्रतिशत अधिक मतदान कर रही थीं, और रघुनाथगंज में लगभग 17 प्रतिशत अधिक रहा.
कई अन्य सीटों पर महिलाओं ने पुरुषों ने डबल मतदान किया. घाटाल में, महिलाओं की मतदान दर 12 प्रतिशत अधिक थी. कांडी और गोलपोखर में, महिलाएं लगभग 12 प्रतिशत अधिक मतदान कर रही थीं. लालगोला में, अंतर 11 प्रतिशत था, जबकि खानाकुल और चकुलिया में, महिलाओं का मतदान दर लगभग 10 प्रतिशत अधिक था.
मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर के कई हिस्सों में भी मजबूत महिला भागीदारी देखी गई. मलातिपुर में, महिलाएं पुरुषों से 9 प्रतिशत अधिक मतदान कर रही थीं. जंगीपुर में अंतर लगभग 9 प्रतिशत था. मणिकचक, खरग्राम और भरतपुर में, महिलाओं का मतदान दर 8 प्रतिशत से अधिक था. रतुआ, मठाबरी और रानाघाट उत्तर पूर्वा में, महिलाएं पुरुषों से 7 से 8 प्रतिशत अधिक मतदान किया. दांतन, सुजापुर, रामनगर और हरीशचंद्रपुर जैसी सीटों पर भी महिलाएं लगभग 7 प्रतिशत से आगे थीं.
आधी सीटों पर पुरुषों ने महिलाओं को पीछे छोड़ा
पश्चिम बंगाल के 2021 विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर पुरुषों ने महिलाओं की तुलना में अधिक मतदान किया. सोनारपुर दक्षिण में सबसे बड़ा अंतर देखा गया, जहां महिलाओं का मतदान पुरुषों से 22 प्रतिशत कम था.
मेटियाबुरुज और गारबेटा में महिलाओं का मतदान पुरुषों से 8 प्रतिशत कम था. आसनसोल उत्तर और बरबनी में यह अंतर करीब 7 प्रतिशत था. काशीपुर-बेलगाछिया और जामुरिया में महिलाओं का मतदान पुरुषों से 6.6 प्रतिशत कम था. भांगड़, बरानगर और महेश्तला में भी महिलाएं पीछे रहीं, उनका मतदान पुरुषों से लगभग 6.5 प्रतिशत कम था.
कोलकाता क्षेत्र की कई सीटों पर भी यही पैटर्न दिखाई दिया. रासबिहारी में, महिलाओं ने पुरुषों से लगभग 5.6 प्रतिशत कम मतदान किया. श्यामपुर और मणिकतला में अंतर लगभग 5.5 प्रतिशत था. राजारहाट न्यू टाउन में, महिलाओं का मतदान दर 5.4 प्रतिशत कम रहा. बिधाननगर में यह 5.3 प्रतिशत कम था. डुम डुम और जादवपुर में, महिलाओं ने पुरुषों से लगभग 4.4 प्रतिशत कम मतदान किया.