चरणजीत सिंह चन्नी, राजनेता
चरणजीत सिंह चन्नी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबद्ध भारतीय राजनेता हैं (Indian National Congress). वे 19 सितंबर 2021 को, कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफा के बाद, पंजाब के 16वें मुख्यमंत्री बने (16th Chief Minister of Punjab). कांग्रेस पार्टी ने उथल-पुथल के माहौल में लंबी वार्ता के बाद इस दलित-सिख चेहरे को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना.
चन्नी का जन्म 1 मार्च 1963 को पंजाब (Punjab) के भजौली में (Date of Birth) दलित सिख समुदाय ‘रामदसिया’ में हुआ (Ramdasia Sikh community). उनकी शादी कमलजीत कौर से हुई है. वे 2007 से पंजाब विधान सभा के सदस्य हैं और दो बार खरार (Kharar) म्युनिसिपल काउंसिल के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. चन्नी मुख्यमंत्री बनने से पहले पंजाब सरकार में तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रह चुके हैं. 58-साल के चन्नी चमकौर साहिब विधान सभा क्षेत्र से विधायक हैं (Chamkaur Sahib Assembly Constituency). इससे पहले, 2015-2016 में वे पंजाब विधान सभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं.
चन्नी को 16 मार्च 2017 को कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. चमकौर विधान सभा क्षेत्र से तीन बार के विधायक चन्नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री हैं (first Schedule Caste Chief Minister).
इनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @CHARANJITCHANNI है और फेशबुक पेज पर Charanjit Singh Channi नाम से एक्टिव हैं.
पंजाब में गुलजार सिंह सुसाइड केस को लेकर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. सचिन पायलट के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेता एक मंच पर आए और एकजुटता का संदेश दिया.
पंजाब कांग्रेस में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अंदरूनी कलह और नेतृत्व परिवर्तन की मांग को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग के गुटों के बीच जारी इस खींचतान से पार्टी के सामने 2022 जैसी नाकामी दोहराए जाने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
कांग्रेस के सामने पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया है. भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को प्रभारी बनाने के बाद अब चरणजीत चन्नी गुट प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग को हटाने की मांग कर रहा है. पार्टी के सामने जाट सिख और दलित नेतृत्व के बीच संतुलन साधने की चुनौती है. 2022 में कांग्रेस केवल 18 सीटें जीत सकी थी, जबकि 2024 में सात लोकसभा सीटें जीतीं.
पंजाब में कांग्रेस अंदरूनी कलह से जूझ रही है. चन्नी के नेतृत्व वाले गुट ने वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले का विरोध किया. समर्थकों का कहना है कि चन्नी को विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाए.
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार का घेराव किया है. रामलीला मैदान के शुद्धिकरण और पंजाब की अवैध माइनिंग जैसे मुद्दों पर चन्नी ने सरकार से जवाब मांगा है.
पंजाब यूनिवर्सिटी में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की परीक्षा के दौरान केंद्र के अंदर की तस्वीर सामने आने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. चरणजीत सिंह चन्नी एमए लोक प्रशासन की परीक्षा दे रहे थे. इस दौरान की तस्वीर सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच चंडीगढ़ के पूर्व मेयर की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत कर मामले की जांच की मांग की है.
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की पंजाब यूनिवर्सिटी में MA परीक्षा के दौरान फोटो खिंचवाने को लेकर विवाद हो गया है. पूर्व मेयर देवेश मौदगिल ने नियमों का उल्लंघन करने के लिए इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने चन्नी की परीक्षा रद्द करने की मांग की है.
पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस में अंदरूनी कलह बढ़ती जा रही है, जहां पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम फेस बनाए जाने की मांग जोर पकड़ रही है.
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब यूनिवर्सिटी में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की अपनी अंतिम MA परीक्षा पूरी की है. उन्होंने 70% से अधिक अंक हासिल किए हैं और आगे PhD करने की योजना बना रहे हैं.
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के अंदर गुटबाजी और कलह बढ़ गई है. पार्टी के विधायकों ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर राज्य में पार्टी की स्थिति पर चिंता जताई है और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए उनसे मिलने का समय मांगा है. विधायकों ने पत्र में दावा किया है कि चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की लड़ाई से पार्टी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है.
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी अंदरूनी कलह और गुटबाजी लगातार देखने को मिल रही है. राजा वड़िंग के कार्यक्रम में चन्नी समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं तो कहीं जवाब में वड़िंग के समर्थक हल्ला बोले हुए हैं. ऐसे में सवाल ये उठ रहे हैं कि पंजाब कांग्रेस एकजुट होगी या फिर पार्टी के भीतर मौजूद दरार और गहरी होगी? देखें सूबे की खबरों पर ये खास बुलेटिन.
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस की सियासत गरमा गई है. प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ चुनाव लड़ने की इच्छा जताकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है. यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब पार्टी के भीतर ही उनके नेतृत्व को लेकर खींचतान जारी है और कांग्रेस गुटबाजी से जूझ रही है.
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के अंदर गुटबाजी और संगठनात्मक विवाद बढ़ रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के समर्थकों के बीच तीखी नारेबाजी और पोस्टर वार जारी हैं. पार्टी आलाकमान के फैसलों से असंतोष फैल चुका है, जिससे संगठनात्मक बैठकों में हंगामा हो रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस अंदरूनी कलह से कांग्रेस की चुनावी संभावनाएं कमजोर हो सकती हैं.
पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर खींचतान की तस्वीरें सामने आई हैं. जहां पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और चरणजीत चन्नी के समर्थक आमने-सामने आ गए. संगरूर में 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' कैंपेन के तहत पंजाब कांग्रेस के एक कार्यक्रम में ये हंगामा हुआ. जहां भूपेश बघेल के भी मौजूद थे. जिनके खिलाफ भी चन्नी समर्थकों ने नारेबाजी की. देखें वीडियो.
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में कांग्रेस की बैठक की गई. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने चन्नी जिंदाबाद के नारे लगाए, जिसके बाद माहौल गरमा गया.
पटियाला और संगरूर में आयोजित पार्टी के कार्यक्रमों के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि अनुशासनहीनता करने वालों को पार्टी से निकाल देंगे.
पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले एकजुटता की कोशिश... लेकिन पहले ही दिन गुटबाजी का खुला प्रदर्शन... कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल पंजाब के नौ दिन के दौरे पर निकले हैं... मकसद संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना है... लेकिन सरहिंद की पहली बैठक में ही सवाल उठ गया कि पार्टी को मजबूत कौन करेगा और पार्टी में ताकतवर कौन है? पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई और उनके समर्थकों को बैठक में नहीं बुलाया गया... तो चन्नी खेमे की नाराजगी भी खुलकर सामने आ गई... अब सवाल है... क्या पंजाब कांग्रेस में दो पावर सेंटर बन चुके हैं... और क्या चुनाव से पहले नेतृत्व की जंग तेज होने वाली है? देखिए ये रिपोर्ट...
क्या चरनजीत सिंह चन्नी अब अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं. पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर हाईकमान के दरवाजे पर पहुंच गई है. व्हिप के बावजूद संसद से गायब रहने और पार्टी संगठन को दरकिनार कर समानांतर प्रदर्शन आयोजित करने पर फरीदकोट जिला नेतृत्व ने सीधे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से अनुशासनहीनता की शिकायत दर्ज कराई है.
पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के खिलाफ चरणजीत सिंह चन्नी को मोर्चा खोलना क्या महंगा पड़ रहा है. यह बात इसीलिए कही जा रही है कि संसद परिसर के वायरल वीडियो से साफ जाहिर होता है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अब चन्नी को बहुत ज्यादा अहमियत नहीं दे रहे हैं.
संसद से सड़क तक विपक्ष का हल्लाबोल जारी है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर PM आवास के करीब राहुल-प्रियंका गांधी और कांग्रेसी नेताओं ने धरना दिया. इस दौरान पंजाब के पूर्व सीएम और कांग्रेस नीता चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. देखें वीडियो.
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में मचे सियासी घमासन को शांत करने के लिए पार्टी हाईकमान ने सख्त तेवर अपनाया. इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा दोनों ही सरेंडर हो गए हैं और कांग्रेस हाईकमान के फरमान को मानने के साथ मिलकर काम करने की बात कर रहे हैं.