पुणे में फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने पर 11 पेइंग गेस्ट (PG) हॉस्टलों को सील किया गया है. शुक्रवार को पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) के फायर डिपार्टमेंट ने लोहेगांव और निंबालकर नगर इलाकों यह कार्रवाई की. ये 11 PG हॉस्टल बिना फायर सेफ्टी उपकरणों के संचालित हो रहे थे.
इस मामले में अधिकारियों का साफ कहना है कि जो कॉलेज या शिक्षण संस्थान छात्रों को ऐसे असुरक्षित या अनधिकृत हॉस्टलों में भेजते हैं, उन पर भी आने वाले समय में कार्रवाई की जा सकती है. दिल्ली और दूसरे शहरों में हाल ही में हुई घटनाओं के बाद PMC ने यह कार्रवाई की है. म्युनिसिपल कमिश्नर नवल किशोर राम के आदेश पर शहर में फायर सेफ्टी जांच की गई. जिसके तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया.
हॉस्टल संचालक नहीं दिखा पाए जरूरी दस्तावेज
फायर डिपार्टमेंट की टीम को जांच के दौरान कई तीन और चार मंजिला इमारतें मिलीं, जिनमें 100 से ज्यादा छात्र रह रहे थे. और इन इमारतों में आग के बचाव के लिए कोई जरूरी सिस्टम भी नहीं थे. इन जगहों के मालिक या हॉस्टल संचालक कोई जरूरी दस्तावेज भी नहीं दिखा पाए. प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड, ड्रेनेज नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट, फायर NOC, स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट, पानी की NOC और बिल्डिंग की मंज़ूरी जैसे दस्तावेज इसमें शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: 'महिला LPG सिलेंडर नहीं उठा सकती', बोलकर नौकरी देने से किया इनकार, अब IOC देगा 12 लाख का मुआवजा
शहर में एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अस्पताल, हॉस्टल, स्टडी सेंटर, कोचिंग क्लास और लाइब्रेरी की जांच की जा रही है. आगे आने वाले समय में बड़े संस्थानों, ऊंची इमारतों और प्राइवेट कंपनियों का भी ऑडिट किया जाएगा. इस मामले में फायर डिपार्टमेंट से 10 दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
अनधिकृत संस्थानों के मालिकों पर भी कार्रवाई
म्युनिसिपल कमिश्नर नवल किशोर राम का कहना है कि यह कार्रवाई पुणे के फायर सेफ्टी व्यवस्था को मजबूत करने का हिस्सा है. उन्होंने बताया कि फायर डिपार्टमेंट शहर के लाइब्रेरी, अस्पताल और अन्य जगहों की भी जांच करेगा और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा वहां कार्रवाई की जाएगी. चीफ़ फायर ऑफिसर गणेश सोनूने ने चेतावनी दी है कि फायर सेफ्टी नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने बताया कि म्युनिसिपल कमिश्नर द्वारा अधिकारियों को अनधिकृत संस्थानों के मालिकों और फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
फायर-सेफ्टी नियमों के मुताबिक, संस्थानों को आधिकारिक एजेंसियों से समय-समय पर फायर ऑडिट करवाना होता है. ऐसा उन्हें साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में करना होता है. इसके साथ ही, उन्हें नियमों का पालन करने का सर्टिफ़िकेट देने वाला 'B फ़ॉर्म' जमा करना होता है.
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र: गैंगरेप केस में नाम आने के बाद पूर्व BJP विधायक का इस्तीफा, बोले- मेरे खिलाफ साजिश
शिक्षण संस्थानों पर भी कार्रवाई संभव
जांच के दौरान अधिकारियों ने इन PG में रहने वाले छात्रों से भी बात की. कुछ छात्रों ने बताया कि उनके कॉलेज से उन्हें यहां भेजा गया था. अधिकारियों का कहना है कि पुणे में 25 से ज़्यादा यूनिवर्सिटी और बड़ी संख्या में कोचिंग इंस्टिट्यूट हैं, और यहां अनुमानित 3,500 रजिस्टर्ड और अनरजिस्टर्ड PG हॉस्टल और को-लिविंग सुविधाएं हैं. नगर प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों को चेतावनी दी है कि अगर वे छात्रों को अनधिकृत या असुरक्षित आवास में भेजते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
नगर निकाय के अतिक्रमण-रोधी विभाग के प्रमुख सोमनाथ बैंकर ने बताया कि गणेशोत्सव के बाद अवैध PG के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा. बैंकर ने कहा, "गणेश उत्सव के बाद लोहेगांव, खराडी और वाघोली में कार्रवाई की जाएगी, जहां बड़ी संख्या में कॉलेज स्थित हैं."