उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में आयोजित शिक्षकों के सम्मेलन में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने सपा के पीडीए के नारे पर निशाना साधते हुए इसे ‘परिवार डेवलपमेंट पार्टी’ बताया. सीएम योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का शिक्षा और विकास से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने सपा की पिछली सरकारों पर प्रदेश में सुरक्षा, रोजगार और पहचान का संकट पैदा करने का आरोप भी लगाया. मुख्यमंत्री ने रामलीला, कांवड़ यात्रा और दुर्गा पूजा का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने विरासत और विकास के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के पीडीए के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि इसका मतलब ‘परिवार डेवलपमेंट पार्टी’ है, उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने अपना पहला टिकट ‘चचाजान’ को दिया. और दूसरा टिकट ‘पराया धन अपना’ के तर्ज पर मुंबई के एक धन्नासेठ को गिरवी रख दिया. यही उनकी असलियत है, बोलेंगे कुछ और करेंगे कुछ.
सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का शिक्षा और विकास से कोसों तक कोई संबंध नहीं है, समाजवादी पार्टी को शिक्षा का विरोधी बताते हुए कहा कि प्रदेश में चार बार सपा की सरकार रही और हर बार उसके शासन में प्रदेश के सामने संकट खड़ा हुआ.
सपा सरकारों में सुरक्षा और रोजगार का संकट
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकारों के दौरान उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, रोजगार और पहचान का संकट पैदा हुआ, उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू, लूटखसोट, खराब सड़कों और बिजली संकट के कारण बन गई थी, योगी आदित्यनाथ ने मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए कहा कि आज प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बिना किसी बाधा के हो रहे हैं, उन्होंने रामलीला का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि अगर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार होती, तो दंगे, कर्फ्यू और उपद्रव का माहौल बना रहता.
कांवड़ यात्रा और रामलीला का किया जिक्र
सीएम योगी ने सावन के महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यह यात्रा पूरे देश का ध्यान आकर्षित करती है, उनके मुताबिक, गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच करीब साढ़े चार करोड़ कांवड़िये यात्रा करते हैं और शिवालयों में जल चढ़ाते हैं. उन्होंने दावा किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान अब कोई समस्या, संकट या उपद्रव नहीं होता. योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय कांवड़ यात्रा और रामलीला जैसे आयोजन संभव नहीं थे और दुर्गा पूजा के पंडाल तक नहीं लग पाते थे.
यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘80-20’ बयान पर AIMIM का पलटवार, बोली- CM 80 नहीं 100% जनता के मुख्यमंत्री