'पंचायत आजतक पंजाब के सेशन 'फिर एक बार आप की सरकार' में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार के कामकाज, मुफ्त बिजली, महिलाओं को आर्थिक सहायता, नशे के खिलाफ अभियान और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर खुलकर बात की,
भगवंत मान ने कहा कि जब पिछली बार विधानसभा चुनाव से पहले उनका इंटरव्यू हुआ था, तब विपक्ष का सबसे बड़ा आरोप था कि अगर आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है तो पंजाब की सरकार दिल्ली से चलेगी, उन्होंने कहा कि अब उनके विरोधी भी मान चुके हैं कि पंजाब सरकार पंजाब से ही चल रही है और भगवंत मान ही सरकार के नियंत्रण में हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के समय विपक्ष ने आम आदमी पार्टी के कई वादों को लेकर सवाल उठाए थे, बिजली मुफ्त करने के वादे पर भी कहा गया था कि इसे लागू नहीं किया जा सकता, लेकिन सरकार बनने के बाद जुलाई 2022 में 600 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना लागू कर दी गई, उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसी तरह के नीले या पीले कार्ड की जरूरत नहीं है. पात्र परिवारों को 600 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती है, मान ने दावा किया कि पंजाब के करीब 90 फीसदी घरों में बिजली का बिल शून्य आ रहा है.
भगवंत मान ने कहा कि विपक्ष पहले कहता था कि सरकार एक साल नहीं चलेगी, फिर कहा गया कि दो साल पूरे नहीं होंगे और उसके बाद ढाई साल में सरकार गिरने की बात कही गई, उन्होंने कहा, अब सरकार के चार साल पूरे होने जा रहे हैं और विपक्ष 2027 में सरकार नहीं बनने की बात कर रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 में भी आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी और उसके बाद 2032 को लेकर भी विपक्ष इसी तरह की बातें करेगा.
महिलाओं को आर्थिक सहायता पर बोले- 'छोटी-छोटी जरूरतों में काम आ रहा पैसा'
महिलाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता को लेकर भगवंत मान ने कहा कि यह योजना पांच साल के भीतर लागू करने का वादा था और सरकार ने इसे लागू कर दिया है, उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को 1,500 रुपये और सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है, उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि सरकार महिलाओं को पैसा देकर उन्हें 'सिर पर चढ़ा' रही है, मान ने कहा कि यह पैसा महिलाओं को अमीर बनाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रहा है.
'सरकार की योजनाओं से हर परिवार को करीब 1.82 लाख रुपये की बचत'
भगवंत मान ने दावा किया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं से एक परिवार को सालाना करीब 1.82 लाख रुपये की बचत हो रही है, उन्होंने कहा कि इसमें मुफ्त बिजली, आम आदमी क्लीनिक में मुफ्त दवाइयां और महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा जैसी योजनाएं शामिल हैं, उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में सरकार जनता के टैक्स से मिलने वाले पैसे को अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से जनता तक पहुंचा रही है, उनके मुताबिक, सड़क, स्कूल, आम आदमी क्लीनिक और दूसरी सुविधाओं के रूप में लोगों को इसका लाभ मिल रहा है,
नशे के मुद्दे पर बोले भगवंत मान- 'यह सिर्फ पुलिस की नहीं, सामाजिक लड़ाई है'
पंजाब को नशामुक्त बनाने के पुराने वादे पर सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है, उन्होंने इसे 'नशे के विरुद्ध युद्ध' बताया. मान ने कहा कि नशे की समस्या केवल पुलिस की कार्रवाई से खत्म नहीं होगी, क्योंकि यह एक सामाजिक समस्या भी है, इसलिए इसमें पुलिस के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है,
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और रोजाना बैठकें कर इसकी समीक्षा की जाती है, सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब में ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी भी एक बड़ी चुनौती है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियां नजर रख रही हैं,
बीजेपी की नशा विरोधी यात्रा पर भी साधा निशाना
भगवंत मान ने बीजेपी की नशा विरोधी यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी किस मुंह से पंजाब में नशे के खिलाफ यात्रा निकाल रही है, उन्होंने कहा कि अकाली दल के साथ गठबंधन के दौरान बीजेपी लंबे समय तक पंजाब की सत्ता में रही है और उसी दौर में राज्य में नशे की समस्या गंभीर हुई, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने हाल में कांडला पोर्ट से बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ पकड़ा है, उनके मुताबिक, नशे के खिलाफ कार्रवाई में सरकार का फोकस तस्करों और सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने पर है.
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने जिन योजनाओं का वादा किया था, उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया है और आने वाले समय में भी सरकार पंजाब के विकास और जनता को राहत देने वाली योजनाओं पर काम करती रहेगी.
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