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यहां लोग पब्लिक टॉयलेट में सीवर की गैस से बनाते हैं खाना

तमिलनाडू में कुछ लोग पब्लिक टॉयलेट में सीवर के माध्यम से खाना बना रहे हैं और इससे लोगों को फ्री में रसोई गैस उपलब्ध हो रही है. आइए जानते हैं इन लोगों की कहानी...

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प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नाले की गैस से चाय बनाने' के बयान की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. ऐसे में कुछ लोग उस शख्स के बारे में भी शेयर कर रहे हैं, जिसकी मोदी ने तारीफ की थी और वो नाले की गैस को रसोई गैस के रूप में काम में ले रहे हैं. हालांकि आपको बता दें कि देश में कई लोग इस गैस के जरिए खाना पका रहे हैं, उसमें तमिलनाडु के तंबरम निगम के लोग भी शामिल है. ये लोग कई सालों से सीवर की गैस को रसोई गैस में बदलकर खाना बना रहे हैं.

द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत नगर में रहने वाले लोगों को मुफ्त में इको-फ्रैंडली गैस मिल रही है, जिससे वो अपने घर में खाना बना रहे हैं. द हिंदू की ये रिपोर्ट पुरानी है, लेकिन मोदी के बयान के बाद इसे वापस शेयर किया जा रहा है और सोशल मीडिया पर तंबरम लोगों के माध्यम से इस तकनीक को अपनाने के लिए कहा जा रहा है.

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बता दें कि तंबरम नगर निगम ने एक बायो-मैथनेशन प्लांट लगाया है जो पब्लिक टॉयलेट में सीवर से गैस बनाता है. इस नोवल प्रोजेक्ट को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और इसे नम्मा टॉयलेट का नाम दिया गया है. इससे स्वच्छता का भी ध्यान रखा गया है. इससे 12 स्टोव जलाए जाते हैं, जिसका फायदा यहां रहने वाले सभी लोग उठा रहे हैं.

इस पब्लिक टॉयलेट का निर्माण 10 लाख रुपये की लागत से साल 2003 में करवाया गया था. अधिकारियों का कहना है कि सीवरेज से मीथैन गैस बनती है और यह 12 पाइपों के माध्यम से किचन में आती है. इससे आसानी से स्टोव जलाकर खाना बनाया जा सकता है. यह सभी लोगों के लिए फ्री है.

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