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मंडी: रास्ता बंद होने से सड़क पर सड़ी किसानों की फसल, 15 क्विंटल मूली नाले में फेंका

पहाड़ों में बदहाल सड़कों की कीमत हर बार बेबस किसान को चुकानी पड़ती है. हिमाचल प्रदेश के मंडी में तीन दिन से बंद सड़क जब वक्त पर नहीं खुली, तो किसान को अपनी 15 क्विंटल मूली नाले में बहानी पड़ गई.

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मंडी में सड़क बंद होने से किसान का नुकसान (Photo-ITG)
मंडी में सड़क बंद होने से किसान का नुकसान (Photo-ITG)

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में खस्ताहाल सड़कों और प्रशासनिक देरी का खामियाजा एक बार फिर स्थानीय किसानों को भुगतना पड़ा है. चौहारघाटी के थलटूखोड़-मढ़ मार्ग के पिछले तीन दिनों से बंद रहने के कारण एक किसान को अपनी मेहनत से उगाई गई 15 क्विंटल मूली फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हरकत में आए लोक निर्माण विभाग ने 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार संपर्क मार्ग को बहाल कर दिया है.

चौहारघाटी का थलटूखोड़-मढ़ मार्ग पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण पिछले तीन दिनों से पूरी तरह से बाधित था. रास्ता बंद होने की वजह से किसान अपनी तैयार फसलों को मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे थे. जब उपज सड़ने लगी, तो परेशान किसान ने लगभग 15 क्विंटल मूली को नाले में बहा दिया.

इस घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, प्रशासन और विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया. इसके बाद विभाग की टीमें हरकत में आईं और भारी मशीनरी लगाकर मार्ग की बहाली का काम शुरू किया गया.

गोभी की फसल बचाने के लिए पैदल दौड़े किसान, फिर भी हुआ नुकसान

सड़क बंद होने का असर सिर्फ मूली उत्पादकों पर ही नहीं पड़ा, बल्कि अन्य सब्जियों के किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है. सड़क बंद होने के डर से कई किसान बंद गोभी की फसल को बचाने के लिए बोरियों में भरकर पैदल ही मंडी की तरफ दौड़ पड़े. इसके बावजूद परिवहन की उचित सुविधा न मिलने और रास्ते में देरी होने के कारण फसल मंडी तक पहुंचने से पहले ही खराब हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक चोट पहुंची है.

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पीड़ित किसानों का कहना है कि अगर विभाग समय रहते इस संपर्क मार्ग को खोल देता, तो उनकी मेहनत की कमाई और फसलें इस तरह बर्बाद न होतीं. चौहारघाटी के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून और खराब मौसम के दौरान कृषि बाहुल्य क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त रखा जाए, ताकि किसी अन्य किसान को अपनी फसल नाले में न फेंकनी पड़े.

दूसरी ओर, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार सड़क साफ करने के प्रयास में जुटे हुए थे. विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा था, जिससे काम में काफी खतरा था. आज भी अधिकारियों और कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर, गिरते पत्थरों के बीच 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रास्ते को यातायात के लिए बहाल कर दिया है. 

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