
दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया की दीवारों पर 'फ्री कश्मीर' और 'फ्री शरजील इमाम' के नारे लिखे मिलने का मामला सामने आया है. 22 अक्टूबर को सामने आई तस्वीरों में दीवारों पर नीले और लाल रंग से ये नारे लिखे दिखाई दिए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीवारों पर लिखे गए नारों को बाद में हटा दिया गया. इस मामले को लेकर कैंपस में तनाव और छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है.
दीवारों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखे होने की तस्वीर सामने आई है. हालांकि, नारे किसने लिखे और इस मामले में किसी की पहचान हुई है या नहीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है.
यह भी पढ़ें: जामिया यूनिवर्सिटी में मारपीट का बदला लेने दिल्ली जा रहे 6 युवक गिरफ्तार, देसी बंदूक और कट्टा बरामद

छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन
जामिया में इन दिनों छात्र संघ को बहाल करने की मांग को लेकर भी प्रदर्शन चल रहा है. छात्रों का संगठन 'यूनाइटेड स्टूडेंट्स ऑफ जामिया' मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए छात्र संघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग कर रहा है. जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ 2006 में भंग कर दिया गया था और तब से चुनाव नहीं हुए हैं.

प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन चुनाव कराने के बजाय संविधान तैयार करने के लिए कमेटी बनाकर प्रक्रिया में देरी कर रहा है. आंदोलन के दौरान कुछ छात्रों के खिलाफ निलंबन और कैंपस में प्रवेश पर रोक जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की गई है.

छात्र इन कार्रवाइयों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा, छात्रों ने मुख्य प्रॉक्टर और सुरक्षा सलाहकार को हटाने की मांग भी उठाई है.
यह भी पढ़ें: 90 हजार महीना स्टाइपेंड और अब 35 लाख का पैकेज! जानिए कौन हैं जामिया के स्टार छात्र शमून

कौन हैं शरजील इमाम?
शरजील इमाम नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ 2019-20 के प्रदर्शनों के दौरान चर्चा में आए थे. उन्हें जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था और वह न्यायिक हिरासत में हैं. जामिया में दिसंबर 2019 में हुई हिंसा से जुड़े मामले में भी उनका नाम आया था. उनके खिलाफ आरोपों और मामले की कानूनी प्रक्रिया का फैसला अदालतों में होना है.