देवभूमि उत्तराखंड से एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था की साख पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली खबर सामने आई है. उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) में पेपर लीक का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने यूनिवर्सिटी प्रशासन की नींद उड़ा दी है. परीक्षा से ठीक पहले व्हाट्सएप पर सवाल शेयर करने वाले एक प्रोफेसर की लापरवाही या मिलीभगत ने न सिर्फ दो अहम परीक्षाएं रद्द करवा दी हैं, बल्कि अब गुस्से में उबले छात्र संगठन NSUI ने भी आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए मोर्चा खोल दिया है.
वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) की सम सेमेस्टर 2025-26 की दो परीक्षाएं पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई हैं. विश्वविद्यालय की जांच में पाया गया कि मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (1OTT004) विषय का बाहर से पेपर बनाने वाले शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले छात्रों के व्हाट्सएप और इंटरनल पोर्टल पर प्रश्न साझा किए गए थे. जांच के दौरान इलेक्ट्रोमैगनेटिक फील्ड थ्योरी (ECT043) विषय के प्रश्नपत्र में भी गोपनीयता भंग होने की आशंका सामने आई.
विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी हैं. इनकी पुनर्परीक्षा अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी. साथ ही, आशीष कुमार गुप्ता को विश्वविद्यालय के सभी परीक्षा संबंधी कार्यों से सात वर्ष के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है. विश्वविद्यालय ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी परीक्षा प्रणाली में निगरानी की कमी को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है.
इधर, इस मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. एनएसयूआई ने पेपर लीक की घटना को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग की है. इन्हीं मांगों को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ता गुरुवार, 23 जुलाई को दोपहर 1 बजे वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन करेंगे और विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे. प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल करेंगे.