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माता-पिता को 5 महीने के लिए बुलाया अमेरिका, लेकिन एयरपोर्ट पर हो गया सेकेंडरी इंस्पेक्शन

पिता के भारत में नौकरी की वजह से अमेरिका अपने बेटे के पास करीब 5 महीने के लिए आए माता-पिता को  मियामी एयरपोर्ट पर सेकेंडरी इंस्पेक्शन के बाद स्टे की अवधि बदल दी गई है. लेकिन इसके पीछे क्या वजह है? 

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पिता ने नौकरी ने बदला अमेरिका में रहने का समय.
पिता ने नौकरी ने बदला अमेरिका में रहने का समय.

5 महीने के लिए अमेरिका गए युवक के माता-पिता को केवल 2 महीने रहने की अनुमति मिली....

बच्चे के जन्म के लिए पहुंचे एक भारतीय दंपती को उम्मीद से कम समय तक रहने की अनुमति मिली. परिवार ने उनके लिए करीब पांच महीने बाद की वापसी की टिकट बुक की थी, लेकिन मियामी एयरपोर्ट पर जांच के बाद उन्हें सिर्फ दो महीने अमेरिका में रहने की अनुमति दी गई. अब इस मामले को लेकर NRI ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव शेयर किया है और लोगों से सलाह मांगी है. 

हैदराबाद से मियामी एयरपोर्ट पहुंचे माता-पिता 

NRI के मुताबिक, उसके माता-पिता कतर एयरवेज से हैदराबाद से मियामी पहुंचे थे. उनकी वापसी की टिकट 11 फरवरी की बुक थी. परिवार की योजना के अनुसार, माता-पिता करीब पांच महीने अमेरिका में रहने वाले थे. माता-पिता बच्चे के जन्म के मौके पर अमेरिका पहुंचे थे. हालांकि, मियामी एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद उनकी एंट्री प्रक्रिया सामान्य तरीके से पूरी नहीं हुई. 

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सेकेंडरी इंस्पेक्शन तक पहुंच गई बात 

इसके बाद से माता-पिता को सेकेंडरी इंस्पेक्शन के लिए भेजा गया. यहां अधिकारी ने उनसे अमेरिका में इतने लंबे समय तक रुकने को लेकर सवाल किया. NRI के मुताबिक, अधिकारी ने खास तौर पर यह पूछा कि जब पिता की भारत में नौकरी है, तो उन्हें अमेरिका में पांच महीने तक रहने की जरूरत क्यों है?

पांच महीने की जगह सिर्फ दो महीने का स्टे

सेकेंडरी इंस्पेक्शन के बाद माता-पिता के I-94 में सिर्फ दो महीने की अवधि दर्ज की गई. NRI का कहना है कि अधिकारी ने यह भी लिख दिया कि स्टे में कोई बदलाव या एक्सटेंशन नहीं किया जाएगा. उन्हें 5 नवंबर तक अमेरिका छोड़ने के लिए कहा गया, जबकि परिवार ने उनकी वापसी की टिकट 11 फरवरी की बुक की थी. 

यूजर्स से मांगी सलाह 

इस घटना के बाद से परिवार के सामने बड़ी असमंजस की स्थिति खड़ी हो गई है. वह सोशल मीडिया पर यूजर्स से सवाल कर रहे हैं कि क्या इस फैसले को बदलने के लिए कोई और विकल्प है? वह जानना चाहता है कि ऐसे हालात में आगे क्या किया जा सकता है और क्या माता-पिता के स्टे को लेकर कोई विकल्प मौजूद है. 

पोस्ट के बाद लोगों ने भी अपने सुझाव और अनुभव साझा किए. कुछ लोगों ने दिए गए स्टे की अवधि का पालन करने की सलाह दी, जबकि कुछ ने मामले में कानूनी सलाह लेने का सुझाव दिया. 

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(नोट- यह खबर सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट पर आधारित है. aajtak.in इस पर किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता)

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