कई दिनों की अटकलों के बाद ओरेकल ने आखिरकार साफ कर दिया है कि वह और कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है. हालांकि, इस बार कितने लोगों की नौकरी प्रभावित हुई है, इसे लेकर अभी कोई सटीक संख्या सामने नहीं आई है. छंटनी सोमवार, 14 सितंबर से शुरू हुई. प्रभावित कर्मचारियों को सुबह करीब 6 बजे ईमेल भेजे गए और उन्हें बताया गया कि कुछ कर्मचारियों की औपचारिक सूचना मिलने से पहले ही ओरेकल के सिस्टम तक पहुंच बंद कर दी गई थी.
कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों को ईमेल के जरिए बताया गया है कि कंपनी में हो रहे बदलाव के तहत उनके पद खत्म किए जा रहे हैं. ईमेल मिलने वाला दिन ही उनका आखिरी दिन होगा. कई प्रभावित कर्मचारी अभी भी इस स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, कई लोग सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं.
जूनियर ओरेकल डेवलपर की नौकरी चली गई
रेडिट पर एक कर्मचारी ने बताया कि सुबह उठकर जब उन्होंने देखा कि ओरेकल सिस्टम तक उनकी पहुंच लॉक कर दी गई है. उन्हें करीब 1 घंटे के बाद उन्हें मेल आया कि उनकी नौकरी चली गई. लेकिन मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं भी इसका हिस्सा बनूंगा. उसने बताया कि वह करीब दो साल से ओरेकल में काम कर रहा था और अभी भी जूनियर डेवलपर था. फ्रेशर के तौर पर नौकरी शुरू करने के बाद उसे कोई प्रमोशन भी नहीं मिला था. हालांकि, उसके मैनेजर ने उसे कभी खराब रेटिंग नहीं दी थी. इसके बजाय, उसे अक्सर कई जरूरी काम दिए जाते थे.
रेडिट यूजर ने आगे बताया कि उन्होंने हाल ही में नौकरी बदलने की अपनी तैयारी शुरू की थी लेकिन मौजूदा कठिन नौकरी बाजार के कारण वे पहले से ही परेशान थे. अब उन्हें डर है कि छंटनी से प्रभावित कई अन्य तकनीकी कर्मचारियों के साथ नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा करनी पड़ेगी.
शादी के 11 दिन पहले चली गई नौकरी
वहीं, एक कर्मचारी ने ओरेकल के साथ अपना अनुभव शेयर किया है. कर्मचारी ने बताया कि उसकी शादी से ठीक 11 दिन पहले उसकी नौकरी चली गई. इसे जानकारी देते हुए रेडिट यूजर ने लिखा कि मेरी शादी से 11 दिन पहले मुझे नौकरी से निकाल दिया गया. मैंने यहां साढ़े चार साल काम किया और आखिरकार इस बार मेरी नौकरी चली गई. उसने कहा कि वह समझता है कि यह कंपनी का फैसला था और उन्हें उसकी निजी जिंदगी के बारे में पता नहीं था. फिर भी नौकरी जाने का समय उसके लिए काफी हैरान करने वाला था. हालांकि, कर्मचारी ने यह भी कहा कि उसे कुछ राहत महसूस हुई क्योंकि वह आगे बढ़ना चाहता था और नई नौकरी या नया करियर शुरू करना चाहता था. वह ऐसी जगह काम करना चाहता था, जहां दुनिया के लिए कुछ अच्छा किया जा सके.
अगर चली गई मेरी नौकरी तो...
फिर एक और कर्मचारी था जिसने दिन भर इस चिंता में बिताया कि कहीं उसे भी नौकरी से न निकाल दिया जाए. उसे डर था कि छंटनी की बनी लिस्ट में कहीं उसका नाम भी न आ जाए. लेकिन एक दिन उसके साथ ऐसी घटना हुई, जिसने उसकी सोच पूरी तरह बदल दी. अचानक उसका छोटा बच्चा दम घुटने के कारण मुश्किल में पड़ गया उस समय कर्मचारी के साथ सिर्फ उसका बच्चा था. कुछ ही सेकंड में उसे एहसास हुआ कि इस वक्त नौकरी, पैसा, करियर, प्रमोशन इनमें से कोई भी चीज काम नहीं आती है. उसके लिए सबसे जरूरी सिर्फ उसका बच्चा था.
12 साल तक की नौकरी फिर छंटनी
एक और कहानी एक कर्मचारी की पत्नी ने बताई. लिंक्डइन पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि उसके पति ने कंपनी में 12 साल काम करने के बाद ओरेकल की नौकरी खो दी. पोस्ट में उसने आगे लिखा कि ओरेकल में 12 साल काम करने के बाद उन्हें बस इतना ही मिला कि वे अपने सिस्टम में लॉग इन नहीं कर पा रहे थे और उन्हें यह खबर नहीं मिल पा रही थी. लोगों ने बताया कि बाहर से देखने पर यह पता लगाना मुश्किल था कि वह अपनी नौकरी के लिए कितना मेहनत करता था या उस पर कितना दबाव था. इसकी वजह यह थी कि वह हमेशा मुस्कुराता रहता था और अपने आसपास के लोगों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहता था.
नौकरी जाने का दर्द इन सभी कर्मचारियों के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में आया, लेकिन उनकी कहानियां एक बात साफ दिखाती हैं कि छंटनी सिर्फ कर्मचारियों की संख्या कम करने या कंपनी के पुनर्गठन तक सीमित नहीं होती. जब किसी व्यक्ति की नौकरी अचानक चली जाती है, तो उसके सामने कई तरह की परेशानियां खड़ी हो जाती हैं. उसे भविष्य की चिंता होने लगती है, नई नौकरी ढूंढने का दबाव बढ़ जाता है और करियर को लेकर अनिश्चितता पैदा हो जाती है.