scorecardresearch
 

NEET में अब एक दिन नहीं, अलग-अलग चरणों में होगी परीक्षा? जानिए संसद की समिति ने क्यों दिया 'मल्टी-फेज' का सुझाव

संसदीय समिति ने सिर्फ परीक्षाएं अलग करने की बात नहीं की है, बल्कि 'मल्टी-फेज नीट' यानी चरणबद्ध तरीके से परीक्षा कराने की संभावना तलाशने को भी कहा है. इसका सीधा मतलब यह है कि पूरे देश में एक ही दिन परीक्षा कराने के बजाय, इसे अलग-अलग राज्यों या क्षेत्रों के हिसाब से अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाए. समिति के अनुसार, इससे परीक्षा का इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकेगी.

Advertisement
X
समझिए 'मल्टी फेज NEET' का नया फॉर्मूला और इससे क्या बदलेगा?
समझिए 'मल्टी फेज NEET' का नया फॉर्मूला और इससे क्या बदलेगा?

देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील चिकित्सा प्रवेश परीक्षा, नीट (NEET) में आने वाले दिनों में बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं. राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के संचालन, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा के दौरान संसदीय समिति ने एक बड़ा प्रस्ताव सामने रखा है. समिति का सुझाव है कि देश में मेडिकल, आयुष और नर्सिंग पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए एक साझा परीक्षा के बजाय अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जानी चाहिए.

लाखों छात्रों का बोझ कम करने की तैयारी

संसदीय समिति की बैठक से आ रही खबरों के मुताबिक, सदस्यों का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था में एक ही परीक्षा (NEET) के तहत करोड़ों अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ती है. अगर MBBS, आयुष (AYUSH) और नर्सिंग के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाएं, तो किसी एक परीक्षा पर अभ्यर्थियों की अत्यधिक संख्या का दबाव कम किया जा सकेगा. इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने में आसानी होगी, बल्कि छात्रों का मानसिक तनाव भी कम होगा.

NTA ने जताई व्यावहारिक दिक्कतें

हालांकि, इस बड़े बदलाव के रास्ते में तकनीकी और व्यावहारिक अड़चनें भी हैं. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अधिकारियों ने समिति के सामने स्पष्ट किया कि मौजूदा मेडिकल शिक्षा ढांचे के तहत अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित करना व्यावहारिक नहीं है. इसका मुख्य कारण यह है कि वर्तमान में इन तीनों ही पाठ्यक्रमों (MBBS, AYUSH, और Nursing) की काउंसलिंग और सीटें राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के स्कोर कार्ड के आधार पर ही तय की जाती हैं.

Advertisement

एक दिन की परीक्षा से मुक्ति? 

संसदीय समिति ने परीक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाने के लिए 'मल्टी-फेज नीट' (चरणबद्ध परीक्षा) का विकल्प भी सुझाया है. समिति के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में परीक्षा को अलग-अलग चरणों में आयोजित करने की संभावना तलाशी जानी चाहिए. सूत्रों के मुताबिक, सदस्यों का मानना है कि देशभर में एक ही दिन इतनी बड़ी परीक्षा कराने से कई तरह की व्यवस्थागत चुनौतियां खड़ी होती हैं. अगर परीक्षा टुकड़ों में या चरणों में होगी, तो सुरक्षा और प्रबंधन दोनों को अभेद्य बनाया जा सकेगा.

पेपर लीक रोकने के लिए NTA के कड़े सुरक्षा इंतजाम

बैठक के दौरान हाल ही में आयोजित की गई NEET पुनर्परीक्षा (Re-exam) के सफल संचालन के लिए समिति ने NTA की सराहना की. इस मौके पर NTA के अधिकारियों ने भविष्य में पेपर लीक और धांधली जैसी घटनाओं को रोकने के लिए किए गए कड़े उपायों का ब्योरा दिया. एजेंसी ने बताया कि अब डिजिटल माध्यमों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिसमें टेलीग्राम तक पहुंच को सीमित करना, व्हाट्सएप (WhatsApp) चैनलों की चौबीसों घंटे निगरानी और प्रश्नपत्र के प्रारूप में तकनीकी और सुरक्षात्मक बदलाव शाम‍िल है.

समिति के अध्यक्ष ने इन कदमों को परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह से 'टैम्पर-प्रूफ' (छेड़छाड़-मुक्त) और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक सही कदम बताया है.

Advertisement

CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड पर भी चर्चा, लेकिन...

संसदीय समिति की इस बैठक में नीट को भविष्य में ऑफलाइन (पेन-पेपर मोड) से हटाकर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के रूप में आयोजित करने पर भी चर्चा हुई. हालांकि, समिति ने इस पर बेहद सतर्क रुख अपनाया है.

समिति ने साफ किया है कि नीट को ऑनलाइन या कंप्यूटर मोड पर ले जाने का फैसला तभी किया जाना चाहिए, जब पूरे देश में विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी तैयारियां पूरी हो जाएं. समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नए बदलाव के कारण देश के किसी भी हिस्से के छात्र को डिजिटल सुविधाओं की कमी की वजह से असमानता का सामना न करना पड़े और सबको समान अवसर मिलें.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement