री-नीट परीक्षा के दौरान वाराणसी के हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कड़ी सुरक्षा के बीच जब दोबारा से परीक्षा का आयोजन किया गया जिसमें 22 लाख से अधिक उम्मीदवार ने हिस्सा लिया. इस बीच परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच के दौरान एक अभ्यर्थी के अंडरगारमेंट्स में छिपाई गई चीजें बरामद हुई जिसमें सिम कार्ड और पिछले साल नीट का पेपर था. इसके बाद से उसे हिरासत में ले लिया गया. घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गईं.
चेकिंग के दौरान लगा संदिग्ध
वाराणसी के मैदागिन इलाके में मौजूद हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज को नीट यूजी परीक्षा का सेंटर बनाया गया है. जानकारी के मुताबिक, परीक्षा के लिए जब छात्र प्रवेश कर रहे थे और उस दौरान जब चेकिंग हो रही थी, तभी एक उम्मीदवार की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगीं. जब इसे लेकर उन्हें शक हुआ तो, पुलिसकर्मियों ने छात्र की बारीकी से तलाशी ली तो उसके कपड़े से सिम कार्ड और नीट का पिछले साल का पेपर बरामद हुआ. माना जा रहा है कि यह कोई आधुनिक कम्युनिकेशन डिवाइस हो सकता है, जिसका इस्तेमाल नकल के लिए किया जा सकता है.
पुलिस कर रही है पूछताछ
संदिग्ध उम्मीदवार को रंगे हाथों पकड़ने के बाद वाराणसी की कोतवाली पुलिस उसे तुरंत अपने साथ थाने लेकर गई है. पुलिस ने उम्मीदवार के पास से मिले डिवाइस और पेपर को कब्जे में ले लिया है और उससे पूछताछ की है. सूत्रों ने बताया कि शुरुआती पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए छात्र ने अपनी पहचान बलिया जिले के रहने वाले प्रिंस दुबे के तौर पर हुई है.
क्या नकल माफियों से जुड़े हैं तार?
हालांकि, पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आरोपी छात्र डिवाइस के साथ केंद्र पर कैसे पहुंचा. पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह परीक्षा केंद्र पर अकेला था या उसके अन्य साथी भी केंद्र के अंदर प्रवेश कर चुके थे. वहीं, दुबे ने पुलिस को बताया कि वह नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की तैयारी के लिए मध्य प्रदेश के जबलपुर में रह रहा था और खास तौर पर परीक्षा देने के लिए वाराणसी आया था.