सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था. लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी वांगचुक लगातार भूख हड़ताल पर हैं. डॉक्टरों का मानना है कि वांगचुक की हालत अभी पूरी तरह ठीक नहीं है और उन्हें इलाज की सख्त जरूरत है.
डिहाइड्रेशन और इलाज के दूसरे दिन भी वांगचुक ने अपनी हड़ताल खत्म नहीं की है. इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि अंगोम ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक अपील दायर की है. उन्होंने मांग की है कि वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से हटाकर किसी प्राइवेट अस्पताल में ट्रांसफर किया जाए.
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि लगातार अनशन की वजह से वांगचुक काफी ज्यादा कमजोर हो गए हैं. इलाज के दौरान भी वो कुछ नहीं खा-पी रहे हैं. ऐसी स्थिति में उन्हें लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग में रखना जरूरी है.
वाइटल पैरामीटर नॉर्मल, लेकिन ब्लड रिपोर्ट में गड़बड़ी
सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. चारु बंबा ने सोनम वांगचुक का हेल्थ अपडेट जारी किया है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'सोनम वांगचुक कल सुबह से हमारे पास एडमिट हैं. वो पूरी तरह अलर्ट, होश में हैं और ओरिएंटेड हैं. उनके वाइटल पैरामीटर जैसे ब्लड प्रेशर, पल्स रेट और ऑक्सीजन सैचुरेशन पूरी तरह नॉर्मल हैं. लेकिन, उनके जो बायोलॉजिकल ब्लड पैरामीटर यानी लैब रिपोर्ट है, वो थोड़ी असामान्य है. उनके ब्लड पैरामीटर बॉर्डर लाइन से थोड़े कम या ऊपर हैं.'
एम्स और सफदरजंग के डॉक्टरों की टीम कर रही निगरानी
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, सोनम वांगचुक के खून की लगातार जांच की जा रही है और उनकी तरफ से पूरा इलाज दिया जा रहा है. हालांकि, उपवास जारी रखने के कारण उनके शरीर में काफी कमजोरी आ गई है.
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डॉ. बंबा ने आगे कहा, 'क्योंकि वो (वांगचुक) कमजोर हैं और अभी भी उपवास पर हैं, इसलिए उन्हें लगातार मॉनिटरिंग और जांच की जरूरत है. हमारी सफदरजंग की टीम और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट (एम्स) की कंबाइंड टीम की यही सहमति है कि वो अभी अस्पताल में ही भर्ती रहें. उनके ब्लड पैरामीटर अभी पूरी तरह नॉर्मल नहीं हुए हैं और उन्हें लगातार मॉनिटरिंग की जरूरत है.'