13 साल, 12 सरकारी परीक्षाएं और सब में पास... किसी भी साधारण अभ्यर्थी के लिए यह एक 'रोल मॉडल' बनने का रिकॉर्ड हो सकता था. लेकिन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और JSSC की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह रिकॉर्ड एक बहुत बड़ा धोखा साबित हुआ.
झारखंड पुलिस की सीआईडी (CID) ने राज्य के एक ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (BSO) को गिरफ्तार किया है, जो किसी साधारण पोस्टिंग पर नहीं, बल्कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक कराने वाले संगठित सॉल्वर सिंडिकेट का असली मास्टरमाइंड निकला.
कौन है अभय कुमार तिवारी और कैसे चलाता था 'गारंटीड सिलेक्शन' का धंधा?
अभय कुमार तिवारी वर्तमान में गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (BSO) के पद पर तैनात था. CID की जांच में सामने आया कि सरकारी नौकरी में आने से पहले वह TRS - Data Processing Private Limited (TDPL) नाम की एजेंसी का मार्केटिंग मैनेजर रह चुका था. ध्यान देने वाली बात यह है कि TDPL उत्तर प्रदेश में पहले से ही ब्लैकलिस्टेड कंपनी है.
अभय तिवारी अभ्यर्थियों को जाल में फंसाने के लिए एक बेहद शातिर पैंतरा आजमाता था. उसकी मॉडस ऑपरेंडी को ऐसे समझिए...
खुद की सफलता का ढिंढोरा: वह अभ्यर्थियों के सामने अपनी 12 सरकारी नौकरियां क्रैक करने का रिकॉर्ड फ्लॉन्ट (प्रदर्शन) करता था, ताकि छात्रों को उस पर आंख मूंदकर भरोसा हो जाए.
40 लाख तक का रेट: भरोसा जमने के बाद वह 'गारंटीड सिलेक्शन' का वादा करता था और एक-एक सीट के लिए अभ्यर्थियों से 25 लाख से लेकर 40 लाख रुपये तक वसूलता था.
13 साल में पास की थीं ये 12 सरकारी नौकरियां:
CID की पूछताछ में आरोपी अभय तिवारी द्वारा पास की गई 12 लिखित और मुख्य परीक्षाओं की सूची सामने आई है, जिसका इस्तेमाल वह अभ्यर्थियों को प्रभावित करने के लिए करता था.
साल 2018: पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) लिखित परीक्षा
साल 2013: इंडियन नेवी में SSR पद की लिखित परीक्षा
साल 2014: भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में सहायक पद की परीक्षा
IRB कॉन्स्टेबल: लिखित परीक्षा
साल 2018: सीआरपीएफ हेड कॉन्स्टेबल (लिखित एवं टाइपिंग)
साल 2014: नॉर्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (NCL) की PT परीक्षा
JSSC: पीजीटी टीचर (PGT Teacher) परीक्षा
JSSC: सीजीएल (CGL) परीक्षा
JPSC: सहायक वन रक्षक (ACF) परीक्षा
JPSC: वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) परीक्षा
JPSC: खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) परीक्षा
JPSC: 11वीं झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (Combined Civil Services) परीक्षा
CID की गिरफ्त में 'मास्टरमाइंड'
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी की जांच कर रही CID की टीम ने अभय तिवारी को दबोचकर जेल भेज दिया है. फिलहाल उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है कि इस सिंडिकेट में आयोग या परीक्षा कराने वाली एजेंसियों के और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं.
लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले इस 'सुपर सॉल्वर' के पकड़े जाने के बाद अब झारखंड की छात्र राजनीति और परीक्षाओं की पारदर्शिता पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.