दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर सभी कोर्स की कक्षाएं ऑनलाइन मोड में कर दी गई हैं. 24 अक्टूबर को जारी नोटिस के मुताबिक, यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक लागू रहेगी. यूनिवर्सिटी ने कहा है कि मौजूदा हालात में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही उनकी पढ़ाई भी जारी रखना जरूरी है. सभी डीन, विभागाध्यक्षों, निदेशकों, शिक्षकों और छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं के शेड्यूल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.
क्यों लिया गया ऑनलाइन क्लास का फैसला?
यूनिवर्सिटी का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कैंपस में छात्र आंदोलन जारी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. छात्र जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन को बहाल करने और शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं. इस मांग को लेकर 12 अक्टूबर से छात्र धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं. बीते दिनों प्रदर्शनकारियों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच तनाव भी देखने को मिला. 17 अक्टूबर को कैंपस में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने की कोशिश के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई थी. इसके बाद छात्रों की ओर से सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए गए.
छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है
इस दौरान AISA की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बातचीत के बीच जामिया प्रशासन ने छात्रों पर हमला करना शुरू कर दिया है. भूख हड़ताल कर रहे छात्रों और प्रदर्शन स्थल को निशाना बनाया जा रहा है. इससे जामिया प्रशासन का बेहद सख्त रवैया सामने आया है.

कैंपस की दीवारों पर विवादित नारे मिलने के बाद हड़कंप
इस बीच, यूनिवर्सिटी परिसर की दीवारों पर फ्री कश्मीर और Free Sharjeel Imam जैसे नारे लिखे मिलने की खबर सामने आई. दीवारों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और यूनिवर्सिटी के कुलपति के खिलाफ भी नारे लिखे होने की जानकारी सामने आई. प्रशासन ने इन नारों की निंदा करते हुए कहा कि इन्हें लिखने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इन घटनाओं के बाद कैंपस के बाहर पुलिस तैनात की गई और यूनिवर्सिटी के भीतर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. छात्रों की विभागों और केंद्रों में प्रवेश से पहले जांच किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं.
छात्रों की मांग क्या है?
प्रदर्शन कर रहे छात्र जामिया की निर्वाचित छात्र यूनियन बहाल करने और 2026-27 के चुनाव का शेड्यूल जारी करने की मांग कर रहे हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी में आखिरी बार छात्र संघ चुनाव 2005 में हुए थे और 2006 में छात्र संघ भंग कर दिया गया था. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्र संघ का संविधान तैयार करने के लिए एक समिति बनाई है, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग पर कायम हैं. इस मुद्दे पर प्रशासन और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन पाई है.
ऑनलाइन पढ़ाई के लिए शिक्षकों को निर्देश
रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, शिक्षकों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था करनी होगी. साथ ही, छात्रों को जरूरी अध्ययन सामग्री और अकादमिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं. ऑनलाइन कक्षाओं के शेड्यूल के अनुसार नियमित रूप से पढ़ाई में शामिल होना छात्रों के लिए जरूरी होगा. यूनिवर्सिटी ने आगे कहा कि व्यवस्था से जुड़ी जानकारी ऑफिशियल सोर्स के जरिए शेयर की जाएगी. फिलहाल ऑनलाइन कक्षाएं अगले आदेश तक जारी रहेंगी.