लखनऊ के दुबग्गा चौराहे पर कुछ दिन पहले एक अजीब-सी हलचल थी. यूनीफॉर्म पहने, पीठ पर बस्ते टांगे 10 से 15 साल के बच्चे सड़क के बीचों-बीच नारेबाजी कर रहे थे. मामला था, स्कूल में टीचरों का न होना. पुलिस आई, समझाया-बुझाया और मामला शांत हुआ. लेकिन यह सिर्फ लखनऊ की कहानी नहीं है. अगर आप नक्शे पर उंगली रखकर देश के अलग-अलग कोनों पर नजर दौड़ाएंगे, तो आपको समझ आएगा कि 2010 के बाद पैदा हुई यह नई पीढ़ी यानी 'जेन अल्फा'अब चुप बैठने के मूड में बिल्कुल नहीं है.
पुरानी पीढ़ियां जिस व्यवस्था को किस्मत मानकर घूंट पी जाती थीं, यह पीढ़ी उसी व्यवस्था का कॉलर पकड़कर सवाल पूछ रही है. कहीं जर्जर छत है, कहीं टॉयलेट का अता-पता नहीं, तो कहीं पढ़ाई कराने वाले मास्टर साहब ही गायब हैं. नतीजा? जेन अल्फा क्लासरूम छोड़कर सड़कों पर है. और सबसे बड़ी बात? इन बच्चों का यह बागी तेवर रंग भी ला रहा है. अधिकारी दौड़ रहे हैं, कागज हिल रहे हैं, सड़कें बन रही हैं और रातों-रात मांगें पूरी हो रही हैं.
देश के अलग-अलग कोनों से आ रही ये तस्वीरें बता रही हैं कि कैसे जेन अल्फा ने अपनी जिद के आगे सिस्टम को घुटनों पर ला दिया है. आइए जानते हैं बीते दिनों हुए जेन अल्फा के कौन से प्रदर्शन रहे जिनसे पुलिस प्रशासन से लेकर नेताओं और मंत्रियों तक के पसीने छूट गए.
लखनऊ: जहां दोबारा बिगड़ गए बच्चे
लखनऊ में दुबग्गा स्थित जयप्रकाश नारायण स्कूल के सैकड़ों छात्र तीन दिन पहले सड़कों पर आए. जब आश्वासन के बावजूद तत्काल समस्या नहीं सुलझी तो वो फिर से आंदोलन करने चौराहे पर बैठ गए. शिक्षकों की कमी के खिलाफ बालागंज चौराहे पर बैठे इन बच्चों ने दुबग्गा रोड जाम कर दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाया और यातायात सुचारु कराया. ये गुस्सा बताता है कि अब छात्र बड़ों के सहारे बैठने वाले नहीं हैं.
सिरोही: हॉस्टल के खाने में कीड़े... 50 छात्राएं पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचीं
सिरोही के जनजाति गर्ल्स हॉस्टल की करीब 50 छात्राएं अचानक डीएम कार्यालय तक पहुंच गईं. उनका कहना था कि न हमें क्वालिटी फूड मिल रहा है और न ही साफ-सफाई और रहने की व्यवस्था ठीक है. छात्राओं की शिकायतों पर कलेक्टर ने छात्राओं से बातचीत के बाद तत्काल जांच कमेटी गठित करने और मामले की जांच के निर्देश दिए.
अलवर: स्कूल की बदहाली के खिलाफ Gen Alpha छात्रों का प्रदर्शन, CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में झड़प
अलवर के थानागाजी स्थित जोधावास सरकारी स्कूल में नए भवन, शौचालय, पानी और लाइब्रेरी समेत कई मांगों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शन में पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति संभाली; प्रशासन के एक महीने के आश्वासन पर छात्रों ने धरना खत्म किया.
कन्नौज में जेन अल्फा के प्रोटेस्ट का वीडियो देखकर खुद पहुंचे डीएम
यूपी के कन्नौज जिले में स्कूल की बदहाल व्यवस्था से नाराज Gen Alpha छात्रों ने खुद को क्लासरूम में बंद कर लिया.वायरल वीडियो के बाद डीएम खुद वहां पहुंच गए. बता दें कि यहां के जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों ने मूलभूत सुविधाओं, भोजन और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर विरोध करते हुए खुद को क्लासरूम में बंद कर लिया था. प्रदर्शन का वीडियो वायरल होने के बाद DM आशुतोष मोहन अग्निहोत्री मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाकर बाहर निकाला।
गढ़वा: एक थप्पड़ से भड़के छात्र, गाड़ी में की तोड़फोड़
शिक्षक के तबादले पर भड़के Gen Alpha छात्र यहां प्रदर्शन कर रहे थे. तभी सड़क जाम के दौरान प्रखंड प्रमुख वहां पहुंचे. छात्रों ने उन पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया. ये शिक्षक मलय सिंह के तबादले के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा और सड़क जाम कर दी गई. प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे प्रखंड प्रमुख पर एक छात्र को थप्पड़ मारने का आरोप लगा, जिसके बाद छात्रों ने गाड़ी में तोड़फोड़ की और कार्रवाई की मांग की.
हमीरपुर: बच्चों की सड़क की मांग पर गांव पहुंचे आला अधिकारी
यूपी के हमीरपुर जिले में तो Gen Alpha के प्रदर्शन का असर ऐसा हुआ कि अपने लिए सड़क बनाने की मांग पर आला अधिकारी गांव पहुंच गए. यहां स्कूली बच्चों के कलेक्ट्रेट प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आया. ADM, SDM, खनिज और PWD अधिकारियों ने चंदूपुर गांव पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया और जल्द निर्माण शुरू कराने की प्रक्रिया तेज की.
विदिशा: बस किराया बढ़ने से भड़कीं स्कूली छात्राएं
यहां बस किराया बढ़ने से भड़कीं स्कूली छात्राओं ने सिरोंज बस स्टैंड पर जमकर नारेबाजी की. सिरोंज में बस किराया बढ़ने से नाराज कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने बस स्टैंड पर करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन किया. छात्राओं ने विधायक से किराया कम करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की.
राजगढ़: स्कूल के सामने शराब दुकान, 2 घंटे चक्काजाम
राजगढ़ के सांडावता में पीएम श्री स्कूल और कन्या शाला के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने स्कूल के सामने संचालित शराब दुकान हटाने और स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग को लेकर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया. प्रशासन के एक महीने में कार्रवाई के भरोसे के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ, लेकिन ABVP ने मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी.
बदल गया है विरोध का मिजाज
अगर ये कहा जाए कि 'यह जेन अल्फा का नया भारत है' तो अतिश्योक्ति नहीं होगी. यहां बच्चे सिर्फ कागजी वादों पर घर लौटने वाले नहीं हैं. वे जानते हैं कि अपना हक कैसे मांगा जाता है. जब क्लासरूम में ब्लैकबोर्ड के सामने शिक्षक नहीं होते या हॉस्टल की थाली में खाना खराब मिलता है, तो ये बच्चे प्रशासनिक दफ्तरों का घेराव करने से भी नहीं हिचकिचाते. इनका संदेश साफ है कि अगर पढ़ाई का माहौल और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो सड़कों पर ऐसा ही 'हल्ला बोल' दिखेगा, और सिस्टम को झुककर हमारी बात माननी ही पड़ेगी.