कर्मचारी चयन आयोग (SSC CGL) परीक्षा 2025 में सफलता का परचम लहराने के बाद भी सैकड़ों चयनित उम्मीदवारों का सरकारी नौकरी शुरू करने का सपना अटका हुआ है. परीक्षा पास कर फाइनल रिजल्ट की लिस्ट में नाम आने के महीनों बाद भी कई विभागों में उम्मीदवारों को अपॉइंटमेंट लेटर यानी नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग का इंतजार करना पड़ रहा है.
दरअसल, कैंडिडेट्स के फिजिकल टेस्ट और कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन विभाग की ओर से जॉइनिंग लेटर को आगामी 'रोजगार मेले' (Rojgar Mela) से बांधे जाने के कारण पूरी प्रक्रिया रुकी हुई है.
सबसे ज्यादा अनिश्चितता CBIC यानी Central Board of Indirect Taxes & Customs के तहत चयनित अभ्यर्थियों के सामने बनी हुई है. इनमें CGST इंस्पेक्टर, टैक्स असिस्टेंट और एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट जैसे पदों पर चयनित उम्मीदवार शामिल हैं.
पता हो कि इसी साल 18-19 जनवरी को परीक्षा का आयोजन किया गया था. 8 अप्रैल को संभावित रिजल्ट जारी हुआ और 14 मई को फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया गया था. इसके बाद कैडर अलॉकेशन भी हो गया. चयनित उम्मीदवारों को उम्मीद थी कि फाइनल रिजल्ट के तुरंत बाद दस्तावेज सत्यापन (DV) और जॉइनिंग की प्रक्रिया तेज होगी. लेकिन मई से सितंबर का समय आने के बाद भी CBIC के कई पदों के लिए नियुक्ति पत्र का इंतजार है.
बार-बार टल रही 'रोजगार मेले' की तारीख
चयनित उम्मीदवारों का कहना है कि वे सरकार की 'रोजगार मेला' पहल का स्वागत करते हैं, लेकिन इसकी तारीखों में लगातार हो रहे बदलावों ने उनके करियर और निजी जीवन में असमंजस पैदा कर दिया है.
पहले रोजगार मेले की संभावित तारीख 5 सितंबर बताई गई थी, जिसे अब आगे बढ़ाकर 19 सितंबर कर दिया गया है. बार-बार तारीख टलने के कारण जिन युवाओं को नए शहरों में रीलोकेट होना है या अपनी मौजूदा नौकरियों से इस्तीफा देना है, उनके लिए निर्णय लेना बेहद मुश्किल होता जा रहा है.
'CBDT ने जारी कर दिए लेटर, तो CBIC को क्यों है मेले का इंतजार?'
चयनित उम्मीदवारों ने सवाल उठाया है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी CBDT और मंत्रालय से जुड़े ASO पदों पर जॉइनिंग जुलाई में ही पूरी हो चुकी है. कई जोन में अपॉइंटमेंट लेटर भी जारी हो गए, जबकि CGST और टैक्स असिस्टेंट के उम्मीदवार अब तक प्रशासनिक प्रक्रिया में फंसे हैं. उम्मीदवारों ने पूछा है कि जब एक ही भर्ती से बाकी पदों की जॉइनिंग हो सकती है, तो उनके साथ इतनी देर क्यों?
''मेरा चयन सीजीएसटी (CGST) इंस्पेक्टर पद पर हुआ है और मेरा फिजिकल टेस्ट भी हो चुका है. मैं फिलहाल एक प्राइवेट कंपनी में काम करता हूं, जहां नियम के मुताबिक 90 दिनों का नोटिस पीरियड देना अनिवार्य है. अगर विभाग हमें पहले से अपॉइंटमेंट लेटर दे दे, तो हम अपनी मौजूदा कंपनी में इस्तीफा देकर फ्री हो सकेंगे. जॉइनिंग भले ही बाद में करवा लें, लेकिन लेटर मिलने से कम से कम अनिश्चितता तो खत्म होगी.''
-एक चयनित अभ्यर्थी (प्राइवेट कंपनी में कार्यरत)
परीक्षा, परिणाम और फिजिकल टेस्ट जैसी तमाम जटिल प्रक्रियाओं को पार करने के बाद अब सब कुछ सिर्फ रोजगार मेले की वजह से रुका है. मुझे जॉइनिंग के लिए दूसरे शहर में रीलोकेट होना है और अपने परिवार को भी साथ रखना है. अगर समय पर जॉइनिंग लेटर मिल जाए, तो मैं पहले जाकर किराए का मकान ढूंढ सकूंगा, ताकि बाद में ड्यूटी के बीच इन सब कामों के लिए छुट्टियां न लेनी पड़ें.
- एक अन्य चयनित उम्मीदवार
रोजगार मेले की तारीख पहले 5 सितंबर तय थी, अब 19 सितंबर हो गई है. अगर विभाग चाहे तो जॉइनिंग की कागजी प्रक्रिया करवाकर बाद में रोजगार मेले का सांकेतिक कार्यक्रम रख सकता है. लेकिन मेले के फेर में उम्मीदवारों के पास सिर्फ और सिर्फ अनिश्चित इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा गया है.
- एक अभ्यर्थी (नाम न छापने की शर्त पर)
अधिकारियों से ईमेल और पत्रों के जरिए गुहार
परेशान चयनित युवाओं ने सक्षम अधिकारियों और मंत्रालय को पत्र व ईमेल लिखकर गुहार लगाई है कि नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया को रोजगार मेले के इवेंट से अलग किया जाए. इसके अलावा, जल्द नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की है, ताकि पुलिस वेरिफिकेशन, दस्तावेज सत्यापन और बाकी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो सकें.