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'नेशनल क्रश' ऋषभ सिंह संब्याल ने ही बता दिया कैसे बनते हैं राष्ट्रपति के ADC!

राष्ट्रपति के ADC पद के लिए कोई डायरेक्ट भर्ती नहीं होती है, जिसमें कोई भी आम युवा हिस्सा ले सके. जब से नेशनल क्रश के नाम से मशहूर ऋषभ सिंह संब्याल ने जब से इस पद से इस्तीफा दिया है लोग जानना चाहते हैं कि कोई इस पद पर कैसे अपना करियर बना सकता है. 

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मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने बताया कैसे बनते हैं राष्ट्रपति के ADC?
मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने बताया कैसे बनते हैं राष्ट्रपति के ADC?

महज 30 साल की उम्र में सोशल मीडिया पर नेशनल क्रश के नाम से पहचान बनाने वाले मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने राष्ट्रपति के ADC पद से इस्तीफा दे दिया है. जब से उन्होंने अपना पद छोड़ा है तब से कई युवा इस पद के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं. उनके मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि इसका पूरा नाम क्या है, इस पद तक पहुंचने के लिए क्या करना होता है, इसके लिए कौन सी योग्यता चाहिए होती है और बहुत कुछ. बता दें कि इसका पूरा नाम ऐड-डि-कैम्प है. यह एक बहुत जिम्मेदारी वाला पद है. सोशल मीडिया पर ऋषभ सिंह संब्याल की कई तस्वीरें वायरल हुई थी. तो चलिए जानते हैं कि कैसे बना सकते हैं इस पद पर करियर? 

कैसे होता है चयन? 

राज शमानी के पॉडकास्ट पर मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने बताया कि राष्ट्रपति के ADC के लिए सेना के योग्य कमिशंड अधिकारियों में से चयन किया जाता है. सेना, नौसेना और वायु सेना में अधिकारी बनने के प्रमुख रास्तों में UPSC NDA और CDS परीक्षाएं शामिल हैं. इसके लिए कोई भी डायरेक्ट भर्ती नहीं होती है. NDA परीक्षा 12वीं के बाद और CDS परीक्षा स्नातक के बाद दी जा सकती है. संब्याल खुद NDA के जरिए सेना में शामिल हुए थे. 

कठिन होती है चयन प्रक्रिया 

ऋषभ सिंह संब्याल ने आगे बताया कि ADC की चयन प्रक्रिया बेहद कठिन और लंबी होती है. पहले शॉर्टलिस्टिंग का काम किया जाता है. 

तीनों सेनाओं में से योग्य अधिकारियों का चयन किया जाता है. इनमें केवल उन ही अधिकारियों को शामिल किया जाता है, जो सेना में 5 से 7 साल का समय बिता चुके होते हैं. इसके साथ चयन के लिए सर्विस ब्रैकेट, एज लीमिट समेत कई अन्य चीजें देखी जाती हैं. इसके बाद से मेरिट लिस्ट तैयार किया जाता है. 

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सर्विस हेडक्वार्टर इंटरव्यू 

चयनित अधिकारियों का इंटरव्यू उनके संबंधित सर्विस हेडक्वार्ट की ओर से लिया जाता है. इनमें चेक किया जाता है कि इन पद के लिए कौन सा उम्मीदवार सबसे परफेक्ट है. इस चरण में यह देखने की कोशिश की जाती है कि अधिकारी किसी अचानक पैदा हुई परिस्थिति में किस तरह प्रतिक्रिया देता है और उसकी सिचुएशनल अवेयरनेस कैसी है. इसमें चयनित 5 अधिकारियों को अगले राउंड के लिए बुलाया जाता है. 

राष्ट्रपति भवन में करीब 14 दिन की चयन प्रक्रिया

इसके बाद चुने गए अधिकारियों को दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन बुलाया जाता है. संब्याल के अनुसार यहां करीब 14 दिनों तक इंटरव्यू और अलग-अलग स्तर पर परख की जाती है. इसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और राष्ट्रपति के सचिव शामिल होते हैं. इस दौरान उम्मीदवार की जानकारी, दबाव में काम करने की क्षमता, स्वभाव और किसी नई जानकारी को तेजी से सीखने की क्षमता को परखा जाता है. 

करंट अफेयर्स की जानकारी भी जरूरी

राष्ट्रपति के साथ लगातार रहने वाले ADC के लिए देश-दुनिया की घटनाओं से अपडेट रहना भी बेहद अहम है. बातचीत के दौरान संब्याल ने बताया कि ADC रोजाना समाचार देखते और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों की जानकारी हासिल करते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी विषय पर तुरंत जानकारी दी जा सके. उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि स्पेशल फोर्सेज में तैनाती के दौरान दूरदराज के इलाकों में रहने के कारण जियोपॉलिटिक्स और करंट अफेयर्स उनके लिए शुरुआती चुनौती रहे थे. राष्ट्रपति भवन में चयन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने रात में पढ़ाई करके इस कमी को दूर करने की कोशिश की. 

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अंतिम चयन कैसे होता है?

संब्याल के बताए चयन क्रम के अनुसार, अलग-अलग चरणों की जांच और सुरक्षा सत्यापन के बाद अंतिम उम्मीदवार का चयन किया जाता है. प्रक्रिया में अधिकारी की सेवा पृष्ठभूमि, चरित्र और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच भी शामिल होने की बात कही गई है. 

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