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नौकरी नहीं फिर क्यों कर रहे हैं ऑफिस जाने का नाटक? चीन में क्यों बढ़ रहा है ये अजीब ट्रेंड?

चीन में एक ऐसा ट्रेंड वायरल हो रहा है जिसमें युवा ऑफिस जाने का नाटक करते हैं, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है. वे सुबह उठते हैं, तैयार होते हैं और फिर ऑफिस के लिए निकल जाते हैं लेकिन कम करने के लिए दिखावा करने के लिए. 

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चीन के युवा क्यों कर रहे हैं नाटक?
चीन के युवा क्यों कर रहे हैं नाटक?

सुबह तैयार होकर घर से निकलना, दिनभर बाहर रहना और शाम को ऐसे लौटना जैसे ऑफिस से काम करके आए हों. सुनने में यह किसी नौकरीपेशा इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी लगती है, लेकिन चीन में कुछ लोग यह दिनचर्या बिना नौकरी के निभा रहे हैं. उनके पास फिलहाल काम नहीं है, फिर भी वे परिवार को इसकी भनक नहीं लगने देना चाहते. कोई लाइब्रेरी में वक्त बिताता है, तो कोई पार्क, कैफे या शॉपिंग मॉल में. वजह सिर्फ बेरोजगारी नहीं, बल्कि घरवालों के सवाल, उनकी चिंता और समाज में नौकरी को लेकर बना दबाव भी है.

नौकरी छूट गई, लेकिन परिवार को नहीं बताया

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक , चीन में बेरोजगार लोगों की संख्या बढ़ रही है, जो हर सुबह घर से ऐसे निकल रहे हैं जैसे उनके पास अभी भी नौकरी है. वे अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के सवालों से बचने के लिए अपना दिन लाइब्रेरी, पार्क, कैफे और शॉपिंग मॉल में बिता रहे हैं. 

इसे 32 साल की कोको ली की कहानी से समझा जा सकता है. वह चीन की एक सरकारी स्वामित्व वाली रियल एस्टेट कंपनी में काम करती थीं. ज्यादा काम और मेहनत के मुताबिक पहचान नहीं मिलने से परेशान होकर उन्होंने छह महीने से ज्यादा समय पहले नौकरी छोड़ दी. लेकिन उन्होंने अपने परिवार को इस बारे में नहीं बताया. एक बार वह घर पर बने खाने की तस्वीर परिवार के ग्रुप में साझा करने वाली थीं. फिर उन्हें ख्याल आया कि अगर मां ने पूछ लिया कि वह काम के समय घर पर क्यों हैं, तो क्या जवाब देंगी.  इसके बाद उन्होंने फोटो शेयर करने के विचार को छोड़ दिया. 

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ली का कहना है कि मां की चिंता से उनकी अपनी परेशानी और बढ़ सकती थी, जबकि इससे नौकरी मिलने की समस्या हल नहीं होती. इसीलिए वह अपनी बेरोजगारी को परिवार से छिपाकर रख रही हैं.

लाइब्रेरी, पार्क और मॉल बने ठिकाने

चीनी सोशल मीडिया पर नौकरी करने का नाटक करने के तरीके ने काफी ध्यान खींचा है. अपने दिन को कहां और किस तरह बिताना है, रिश्तेदारों के सवालों से कैसे बचें और दिखावटी काम करने वालों की जिंदगी कैसी होती है, इस पर सलाह देने वाले पोस्ट को RedNote पर 70 मिलियन से ज्यादा और Douyin पर 610 मिलियन से अधिक बार देखा गया है. Weibo पर इससे जुड़े हैशटैग को 320 मिलियन तक बार देखा गया है. 

36 साल की एक महिला झांग, जो विजुअल इफेक्ट्स प्रोड्यूसर रह चुकी हैं ने बताया कि अगस्त में AI के कारण हुई छंटनी में उनकी नौकरी चली गई थी. इसके बाद जब वह लाइब्रेरी गईं, तो उन्हें हैरानी हुई कि कामकाजी दिन में भी वहां इतनी भीड़ थी. सोशल मीडिया पर कुछ लोग अपनी बेरोजगारी के दिनों का हिसाब भी शेयर कर रहे हैं. एक पोस्ट में एक यूजर ने बताया कि नौकरी के बिना 30 दिन बिताने के दौरान वह 80 नौकरियों के लिए आवेदन कर चुका था. इससे अंदाजा लगता है कि नौकरी तलाशने की कोशिशों के बावजूद काम न मिलना कुछ लोगों के लिए कितना निराशाजनक हो सकता है.

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बेरोजगारी से ज्यादा मुश्किल परिवार के सवाल?

इस ट्रेंड के पीछे सिर्फ नौकरी न होना नहीं, बल्कि बेरोजगार होने की बात दूसरों को बताने का दबाव भी है. कई परिवारों में नौकरी को आर्थिक स्थिरता और सफलता से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे में नौकरी न होने पर व्यक्ति को अपनी आर्थिक स्थिति के साथ-साथ घरवालों की चिंता और सवालों का भी सामना करना पड़ सकता है.

इसे लेकर 28 साल की सुसान सन ने भी पिछले साल के आखिर में एक इंटरनेट कंपनी से नौकरी जाने की बात परिवार से छिपा ली थी. रिपोर्ट के मुताबिक, वह हर महीने 1,864 चीनी युआन के बेरोजगारी भत्ते और अपने सेवरेंस पैकेज में बची रकम से गुजारा कर रही हैं. वह कम खर्च में रहने को तैयार हैं, लेकिन माता-पिता की चिंता और लगातार मिलने वाली सलाह से दूर जाना चाहती है, जिसकी वजह से उन्होंने नौकरी जाने की बात किसी को नहीं बताई. 

सन के मुताबिक, जब घरवाले खराब अर्थव्यवस्था का हवाला देकर पैसे बचाने की सलाह देते हैं, तो उनकी चिंता और बढ़ जाती है. यह उदाहरण दिखाता है कि कभी-कभी बेरोजगार व्यक्ति के लिए नौकरी तलाशने से अलग एक और चुनौती होती है. लेकिन उससे भी बड़ी चुनौती होती है अपनी इस स्थिति को परिवार के सामने रखना . 

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चीन में क्यों बढ़ रहा है यह ट्रेंड?

यह चलन ऐसे समय सामने आया है, जब चीन के जॉब मार्केट पर कई तरह के दबाव हैं. रिपोर्ट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, कंपनियों की ओर से लागत और कर्मचारियों की संख्या घटाने, रियल एस्टेट संकट, स्थानीय सरकारों की वित्तीय चुनौतियों और AI के बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र किया गया है. इन कारणों से रोजगार और आय को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है.

कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर डायना फू के मुताबिक, नौकरी पर जाने का दिखावा करने से कुछ लोगों को सामाजिक शर्मिंदगी से बचने और परिवार के साथ तनाव कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, यह लंबे समय का समाधान नहीं है. यूनिवर्सिटी ऑफ बफेलो की समाजशास्त्र की असिस्टेंट प्रोफेसर यिगे डोंग ने भी कहा कि चीन में बेरोजगार लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा का सीमित दायरा आगे चलकर इस दिखावे को बनाए रखना मुश्किल कर सकता है. अगर बचत और बेरोजगारी भत्ते खत्म होने लगें, तो लोगों को परिवार या रिश्तेदारों से आर्थिक मदद लेनी पड़ सकती है.
 

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