15 साल के वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का चर्चित चेहरा बना दिया है. लेकिन टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में उनकी जगह फिलहाल पक्की नहीं है. भारतीय टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले साफ कर दिया कि वैभव को तुरंत टीम में जगह नहीं मिल सकती, क्योंकि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने इस युवा बल्लेबाज को लेकर टीम की सोच भी बताई.
'वैभव को ड्रेसिंग रूम में खुश रखना जरूरी'
श्रेयस अय्यर ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसी प्रतिभा को टीम के ड्रेसिंग रूम में हमेशा खुश रखना महत्वपूर्ण है. उन्होंने माना कि वैभव अभी काफी युवा हैं और उनके पास मौके हासिल करने के लिए कई साल हैं.
अय्यर ने कहा, 'वैभव जैसी प्रतिभा के लिए यह जरूरी है कि वह ड्रेसिंग रूम में हमेशा खुश रहे. वह बहुत युवा है और उसके पास मौके पाने के लिए अभी कई साल हैं. ऐसा नहीं है कि वह अभी सीधे टीम में आ सकता है, क्योंकि हमारे ओपनर्स लगातार रन बना रहे हैं और उन्होंने वर्ल्ड कप भी जीता है.'
अय्यर के इस बयान से साफ है कि टीम मैनेजमेंट वैभव की प्रतिभा को नजरअंदाज नहीं कर रहा, लेकिन फिलहाल ओपनिंग में बदलाव करने की कोई जल्दबाजी भी नहीं है.
The stage is set for an exciting T20I series as New Zealand and India prepare to lock horns 💪 📸: @BLACKCAPS https://t.co/X3CKFr2ue6
— ICC (@ICC) October 21, 2026
अभिषेक-संजू की फॉर्म बनी वैभव के सामने दीवार
वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में लगातार मौके क्यों नहीं मिल रहे, इसकी वजह अय्यर ने स्पष्ट कर दी है. अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी ने शीर्ष क्रम में अच्छा प्रदर्शन किया है. दोनों ने भारत को टी20 वर्ल्ड कप का खिताब बचाने में अहम भूमिका निभाई थी.
ऐसे में टीम के लिए इन दोनों बल्लेबाजों को बाहर बैठाकर वैभव को मौका देना आसान फैसला नहीं होगा. वैभव इस साल इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के बाद अब तक भारत के 21 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में से आठ में खेले हैं.
उनके लिए चुनौती सिर्फ अपनी प्रतिभा साबित करने की नहीं, बल्कि टीम में उपलब्ध मौके का इंतजार करने की भी है.
एशियन गेम्स में संजू ने वैभव के लिए छोड़ा था ओपनिंग स्लॉट
एशियन गेम्स के दौरान वैभव सूर्यवंशी को ओपनिंग का मौका देने के लिए संजू सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे. इससे पता चलता है कि टीम संयोजन में वैभव को मौका देने के लिए बदलाव किए जा सकते हैं.
हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में अभिषेक और संजू की फॉर्म वैभव की नियमित एंट्री के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है. अय्यर के बयान से संकेत मिलता है कि युवा बल्लेबाज को टीम के साथ बनाए रखना और उसे भविष्य के लिए तैयार करना भी फिलहाल योजना का हिस्सा है.
न्यूजीलैंड की पिचों पर खेलने का अनुभव आएगा काम
श्रेयस अय्यर ने वैभव के न्यूजीलैंड दौरे को भी महत्वपूर्ण बताया. उनका मानना है कि विदेशी परिस्थितियों में खेलने से इस युवा बल्लेबाज को वहां की पिचों और हालात को समझने में मदद मिलेगी.
अय्यर ने कहा कि जब वैभव विदेशी दौरे पर आएंगे, तो उन्हें इन खास परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने का बेहतर अंदाजा मिलेगा. अगली बार जब वह ऐसी परिस्थितियों में खेलेंगे, तो ज्यादा अच्छी तैयारी के साथ उतर सकेंगे. इतना ही नहीं, वह यहां पहली बार आने वाले दूसरे खिलाड़ियों को भी अपने अनुभव के आधार पर सलाह दे पाएंगे.
इस तरह वैभव के लिए न्यूजीलैंड दौरा सिर्फ प्लेइंग-11 में जगह बनाने का मामला नहीं है. यहां मिलने वाला अनुभव उनके भविष्य के अंतरराष्ट्रीय करियर में भी उपयोगी हो सकता है.
अभी इंतजार, लेकिन भविष्य के दरवाजे खुले
वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से काफी उम्मीदें जगाई हैं. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रतिभा के साथ टीम संयोजन और मौजूदा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी अहम होता है.
श्रेयस अय्यर ने एक तरफ अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की फॉर्म का हवाला देकर वैभव की तत्काल एंट्री को मुश्किल बताया, तो दूसरी तरफ उनके अनुभव और भविष्य की तैयारी पर भी जोर दिया. अब देखना होगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में वैभव को खेलने का मौका मिलता है या उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ता है.