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बिहार में युवाओं के लिए बड़ी सौगात: पटना में बनेगा टेक पार्क, बरसेंगी 5000 से ज्यादा नई नौकरियां

बिहार सरकार ने रोजगार और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं. पटना के गर्दनीबाग में राज्य का पहला टेक्नोलॉजी पार्क बनाया जाएगा, जिससे 5 हजार से ज्यादा नई नौकरियां मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा दरभंगा में लॉजिस्टिक्स पार्क के बजट को बढ़ाकर 225 करोड़ कर दिया गया है तथा ग्रामीण सड़कों की मरम्मत के भी निर्देश दिए गए हैं.

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बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई सोमवार की कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए गए हैं.

इसमें सबसे बड़ा आकर्षण पटना के गर्दनीबाग में राज्य का पहला 'टेक्नोलॉजी पार्क' बनाने का है, जिससे बिहार के टेक सेक्टर की तस्वीर बदलने की उम्मीद है. आइए, इस रिपोर्ट में जानते हैं कि कैबिनेट के इन बड़े फैसलों से राज्य में क्या-क्या बदलने वाला है...

पटना में बनेगा बिहार का पहला टेक्नोलॉजी पार्क

कैबिनेट बैठक में पटना के गर्दनीबाग में राज्य का पहला टेक्नोलॉजी पार्क बनाने के लिए 'एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड' के साथ हुए समझौते को मंजूरी दे दी गई है. सरकार का अनुमान है कि इस आधुनिक टेक्नोलॉजी पार्क के आने से राज्य में लगभग 100 बड़ी कंपनियां निवेश करेंगी. इस प्रोजेक्ट के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए 5,000 से अधिक सीधी (डायरेक्ट) नौकरियां पैदा होंगी.

इसे 'बिहार आईटी पॉलिसी 2024' और हाल ही में आई 'बिहार ग्लोबल कॉम्पिटेंस सेंटर्स पॉलिसी 2026' के तहत विकसित किया जाएगा, ताकि आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मजबूती मिल सके.

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दरभंगा में लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए 225 करोड़ मंजूर

बिहार के कृषि और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दरभंगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनने वाले लॉजिस्टिक्स पार्क और कार्गो हब पर बड़ा कदम उठाया गया है. जमीन अधिग्रहण की लागत बढ़ने के कारण अब इसके लिए 225 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है (जो पहले 138 करोड़ रुपये था).

इस कार्गो हब के बनने से मिथिला और उत्तर बिहार के किसानों की फसलें और कृषि उत्पाद सीधे हवाई मार्ग से देश के बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे.

ग्रामीण सड़कों और आईटी ढांचे का विस्तार

राजधानी के साथ-साथ गांवों और जिलों के विकास पर भी पूरा फोकस रखा गया है. 'रूरल रोड मेंटेनेंस एंड मैनेजमेंट प्रोग्राम' को मंजूरी मिली है, जिसके तहत उन ग्रामीण सड़कों की नियमित मरम्मत और नवीनीकरण होगा, जिनकी शुरुआती 5 साल की गारंटी अवधि पूरी हो चुकी है.

'बिहार इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सबऑर्डिनेट सर्विसेज रूल्स' के तहत आईटी विभाग का दायरा अब रीजनल और डिस्ट्रिक्ट लेवल तक बढ़ाया जाएगा. इससे सरकारी योजनाओं का डिजिटलीकरण तेजी से होगा और ब्लॉक स्तर तक तकनीकी काम आसान होंगे.

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