उत्तर प्रदेश के रहने वाले 29 साल के आशीष कुमार सिंह का सपना पॉलिटिकल साइंस में PHD करने का था लेकिन उनके घर की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वह रिसर्च से जुड़ी इतनी महंगी पढ़ाई कर सकें. कई बार तो उन्हें ऐसा लगा कि इसकी वजह से वह अपना सपना कभी पूरा नहीं कर पाएंगे.लेकिन कहते हैं न अब आप किसी चीज के लिए बहुत मेहनत करते हैं, तो वह आपको मिल जाती है. जब सपना अधूरा लग रहा था, तभी केंद्र सरकार की नेशनल फेलोशि फॉर शेड्यूल्ड कास्ट (NFSC) ने उनके से सपने को पूरा करने में काफी मदद की.
योजना के तहत मिली मदद
आशीष सिंह को अप्रैल 2024 में इस योजना के तहत अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप (NFSC) के तहत आर्थिक सहायता मिल रही है.हालांकि, वह इससे पहले अपने परिवार पर निर्भर थे. आर्थिक परेशानी की वजह से वह जरूरी किताबें खरीदना, ऑनलाइन रिसर्च कंटेंट लेना और दूसरे एकेडमिक रिसोर्स तक पहुंच बनाना भी मुश्किल लग रहा था. इस योजना के तहत उन्हें हर महीने 44,400 महीने की फेलोशिप मिली. इसके साथ ही उन्हें हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और आकस्मिक सहायता भी दी जा रही है. इस मदद से वह न केवल पढ़ाई से जुड़ी जरूरी चीजें खरीद पा रहे हैं बल्कि अपनी जरूरतों को भी पूरा कर पा रहे हैं.
आगे क्या करना चाहते हैं आशीष?
अब आशीष का सपना है कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करके किसी सरकारी संस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं. इसके साथ ही उनकी दिलचस्पी UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं में भी है. वहीं, अगर नेशनल फेलोशिप फॉर शेड्यूल्ड कास्ट (NFSC) की बात करें, तो ये केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसके तहत अनुसूचित जाति (SC) कैटेगरी के छात्रों को PhD के दौरान आर्थिक सहायता देना है. यह फेलोशिप साइंस ,ह्यूमैनिटीज और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में रिसर्च के लिए दी जाती है.