अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे तनाव के बीच अब ईरानी महिलाएं भी मैदान में मोर्चा संभालेंगी. इसकी शुरुआत तेहरान से हुई है, जहां 4 अक्टूबर को इमाम हुसैन स्क्वायर में लगे मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली.
यहां महिलाओं को सिखाया जा रहा है कि अगर दुश्मन की सेना जमीन पर हमला करती है तो अपने परिवार और इलाके की रक्षा कैसे करनी है. ट्रेनिंग सेंटर से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि मिलिट्री अधिकारी और ट्रेनर महिलाओं को हथियारों के जानकारी दे रहे हैं.
महिलाएं ध्यान से उनकी बातें सुन रही हैं और फिर हैंडगन समेत कई हथियारों से फायरिंग की प्रैक्टिस करती नजर आ रही हैं. इससे पहले शनिवार 3 अक्टूबर को ईरान सरकार ने हफ्त-ए-तीर स्क्वायर पर भी ऐसा ही एक सेंटर खोला था. फिलहाल ईरान अपने नागरिकों को संभावित खतरे से बचाने और उससे निपटने के लिए तैयार कर रहा है.
अभ्यास से कम होगा युद्ध का डर
इस ट्रेनिंग में शामिल 45 साल की महिला राहेलेह घादिरी ने बताया, 'युद्ध के समय अपने परिवार और पड़ोस की सुरक्षा कैसे की जाए, यह जानने से हमारा डर कम होगा.'
उन्होंने कहा कि हम सिर्फ डर कर नहीं बैठ सकते, हमें तैयार रहना होगा.
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का तनाव चरम पर है. इसी खतरे को देखते हुए ईरान ने अपनी डिफेंस स्ट्रैटेजी बदली है और अब मिलिट्री के साथ-साथ आम लोगों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है. तेहरान के चौराहों पर लगे ये कैंप उसी मुहिम का हिस्सा हैं.