ईरान और इजरायल के बीच चल रही 2026 की जंग अब एक बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. 21 मार्च 2026 को ईरान ने दक्षिण इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इन हमलों में सैकड़ों लोग घायल हो गए – कुछ रिपोर्ट्स में 100 से 180 लोग घायल बताए जा रहे हैं. Photo: Reuters
कई बच्चों की हालत गंभीर है. मिसाइलें आवासीय इलाकों में गिरीं. इमारतें ध्वस्त हो गईं. लोगों में भयंकर दहशत फैल गई. लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि डिमोना शहर इजरायल के सबसे गुप्त और महत्वपूर्ण न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के बहुत पास है. इसी वजह से पूरी दुनिया में न्यूक्लियर वॉर का डर फैल गया है. Photo: AFP
डिमोना इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में स्थित शिमोन पेरेस न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के पास है. यह इजरायल का मुख्य न्यूक्लियर प्लांट है जहां परमाणु हथियार बनाने से जुड़ी रिसर्च होती है. यहां प्लूटोनियम का उत्पादन होता है. इजरायल के परमाणु कार्यक्रम का पूरा आधार यहीं है. Photo: Reuters
दुनिया मानती है कि इजरायल के पास परमाणु बम हैं. डिमोना उनका सबसे बड़ा गुप्त केंद्र है. यह जगह इतनी संवेदनशील है कि आसपास के इलाकों में हमेशा सख्त सुरक्षा रहती है. ईरान ने इन मिसाइलों से डिमोना शहर को निशाना बनाया, जो न्यूक्लियर सेंटर से सिर्फ 12-22 किलोमीटर दूर है. Photo: Getty
हमले में न्यूक्लियर प्लांट को सीधा नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन पास में गिरने वाली मिसाइलों से रेडिएशन लीक का खतरा पैदा हो गया. जैसे ही ईरानी मिसाइलें डिमोना के पास गिरीं अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग गई. लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों की तरफ भाग रहे थे. Photo: AP
अगर मिसाइलें न्यूक्लियर प्लांट को हिट करतीं या पास में गिरकर प्लांट को नुकसान पहुंचातीं तो रेडिएशन फैल सकता था. रेडिएशन से लोग बीमार पड़ सकते हैं. मिट्टी और पानी प्रदूषित हो सकता है. हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है. Photo: AP
इजरायल ने तुरंत आपात स्थिति घोषित कर दी. न्यूक्लियर सेंटर की सुरक्षा बढ़ा दी. अंतरराष्ट्रीय एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने भी कहा कि अभी कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ है, लेकिन खतरा बना हुआ है. इसी वजह से दुनिया भर में न्यूक्लियर वॉर का डर फैल गया. Photo: Reuters
अभी यह युद्ध न्यूक्लियर स्तर पर नहीं पहुंचा है. दोनों तरफ सामान्य मिसाइलों और ड्रोन से हमले हो रहे हैं. ईरान का कहना है कि यह हमला नतांज न्यूक्लियर साइट पर हुए हमले का जवाब था. इजरायल ने अभी तक कोई परमाणु हथियार इस्तेमाल नहीं किया है. लेकिन डिमोना जैसे न्यूक्लियर केंद्र पर हमला बहुत गंभीर संकेत है. Photo: Reuters
अगर आगे कोई मिसाइल न्यूक्लियर प्लांट को सीधे हिट कर दे या रेडिएशन फैल जाए तो दोनों देश परमाणु हथियार इस्तेमाल कर सकते हैं. ईरान भी परमाणु कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ा रहा है. अमेरिका और दूसरे देश इस पर नजर रखे हुए हैं. Photo: AFP