अमेरिका और इजरायल की संयुक्त हवाई हमलों से ईरान के कई बड़े एयरपोर्ट और सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है. सैटेलाइट इमेजरी से साफ दिख रहा है कि अहवाज ड्रोन बेस, इस्फहान एयरपोर्ट, इस्फहान मिसाइल बेस के टनल कॉम्प्लेक्स और तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हमले हुए हैं. Photo: Vantor
ये हमले ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत फरवरी अंत से मार्च 2026 तक चल रहे हैं. सैटेलाइट तस्वीरों में पहले और बाद की तुलना से धुएं, जले हुए विमान, ढहे हुए भवन और बड़े गड्ढे साफ दिख रहे हैं. ईरान के कई सैन्य ठिकाने अब इस्तेमाल के लायक नहीं रह गए हैं. Photo: Vantor
ईरान इन ड्रोनों से इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर हमला करता था. अब यह बेस लगभग नष्ट हो चुका है जिससे ईरान की ड्रोन ताकत बहुत कमजोर पड़ गई है. Photo: Vantor
इस्फहान में ईरान का महत्वपूर्ण एयरपोर्ट और मिसाइल बेस है. सैटेलाइट तस्वीरों में एयरपोर्ट पर रनवे, हैंगर और बिल्डिंग्स को नुकसान दिख रहा है. मिसाइल बेस के टनल कॉम्प्लेक्स पर हमले से कई सुरंगें ढह गई हैं. पहले की तस्वीरों में मजबूत टनल दिखते थे लेकिन अब वे बंद और तबाह हो चुके हैं. Photo: Vantor
यहां बैलिस्टिक मिसाइलें और क्रूज मिसाइलें रखी जाती थीं. हमलों से कई भवन जले हुए और ढहे हुए दिख रहे हैं. इस्फहान ईरान की मिसाइल उत्पादन और स्टोरेज का बड़ा केंद्र है इसलिए यह नुकसान ईरान के लिए बहुत बड़ा झटका है. Photo: Vantor
अहवाज में ईरान का बड़ा ड्रोन बेस था जहां शाहेद जैसे हमलावर ड्रोन रखे जाते थे. सैटेलाइट इमेजरी में दिख रहा है कि हमलों से बेस के कई हैंगर और स्टोरेज बिल्डिंग पूरी तरह तबाह हो गए. ड्रोन लॉन्च करने वाली जगहों पर बड़े क्रेटर बने हैं और आसपास मलबा बिखरा पड़ा है. Photo: Vantor
तेहरान का मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ईरान की राजधानी का मुख्य एयरपोर्ट है. सैटेलाइट इमेजरी और वीडियो से साफ दिख रहा है कि इजरायली एयर फोर्स ने यहां IRGC के कुद्स फोर्स से जुड़े 16 विमान नष्ट कर दिए. ये विमान हथियार और फंड हिजबुल्लाह जैसे प्रॉक्सी ग्रुप्स तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होते थे. Photo: Vantor